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FMCG और हेल्थ केयर सेक्टर को है बजट से बड़ी आस, क्या वित्त मंत्री पूरी करेंगी उनकी मुराद?
हेल्थ बजट में अगर बजट में बढ़ोतरी हुई तो इससे आवश्यक मेडिकल इक्विपमेंट व मेडिकेशन्स की उपलब्धता और डॉक्टरों और नर्सों को बेहतर ट्रेनिंग देने में भी अहम भूमिका निभाएगा .
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
2023-2024
पैकेजिंग सप्लाइज को कर सकती है कम
हम यह भी अनुमान लगा सकते हैं कि सरकार पैकेजिंग सप्लाइज की लागत को कम कर सकती है, क्योंकि पैकेजिंग अंदर के सामान की कीमत के लगभग 10% तक का योगदान देती है. इस बीच, हम सरकार से आने वाले बजट में खाद्य स्वच्छता और सुरक्षा के लिए गाइडलाइन्स और स्टैण्डर्ड स्थापित करके करने का भी आग्रह करते है. इसके अतिरिक्त, यह देखते हुए कि संयुक्त राष्ट्र ने 2023 को "International Year of the Millet" घोषित किया है, हम millet-based प्रदार्थो के एक्सपोर्ट के लिए सरकार से अतिरिक्त लाभ की उम्मीद करते हैं. हम जानते हैं कि एक्सपोर्ट बाजार हमेशा अस्थिर होते हैं और डॉलर की दरों और सरकारी नीतियों के कारण परिदृश्य बदलता रहता है। केंद्रीय बजट 2023 में, हम आशा करते हैं कि उठाए गए कदम यह सुनिश्चित करेंगे कि तेजी से बदलावों से व्यवसायों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और वे बिना किसी असुविधा के अपने बिज़नेस को संचालन कर सकेंगे.
हेल्थ बजट में होना चाहिए सुधार
Health-tech कंपनी Vesta eldercare के फाउंडर राहुल मिश्रा ने कहा की यदि हम हेल्थ केयर में कुल जीडीपी के खर्चे की बात करें तो यह 2020–2021 में महज 1.8% जबकि 2021–2022 में 2.1% था. सो, यह जरुरी है कि इसमें बेहतर सुधार के लिए इसे 1.5% बढ़ाया
TDS दरों में बदलाव की जरूरत
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