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दिवालिया घोषित होगी ये बड़ी कूरियर कंपनी, एक समय था पूरे मार्केट में बड़ा दबदबा

कंपनी का करीब 7 देशों में कारोबार फैला था. हालांकि लगातार हो रहे घाटे की वजह से कंपनी ने अपना कारोबार काफी समय पहले ही बंद कर दिया था.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः एक जमाने में देश की सबसे बड़ी कूरियर कंपनी के तौर पर विख्यात फर्स्ट फ्लाइट कूरियर ने खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में अर्जी दाखिल कर दी है. फर्स्ट फ्लाइट का कुछ वर्षों पहले तक पूरे देश के कूरियर मार्केट में बड़ा दबदबा था. कंपनी को 1986 में स्थापित किया गया था. 36 साल पुरानी फर्स्ट फ्लाइट कूरियर कंपनी ने देश भर से अपना कारोबार समेट लिया है.

सात देशों में फैला था कारोबार
कंपनी का करीब 7 देशों में कारोबार फैला था. हालांकि लगातार हो रहे घाटे की वजह से कंपनी ने अपना कारोबार काफी समय पहले ही बंद कर दिया था और अब उसने दिवालिया घोषित करने के लिए अर्जी दाखिल कर दी है. शुरुआत में कंपनी की कोलकाता, मुम्बई और दिल्ली में तीन शाखाएं थी, जो आगे बढ़कर देश में भर 1200 शाखाओं के विशाल नेटवर्क में तब्दील हो गई थी.

फर्स्ट फ्लाइट के देश भर में बीस क्षेत्रीय कार्यालय थे, जबकि सात देशों में कारोबार फैला था. कंपनी के अहमदाबाद, बेंगलुरू, चंडीगढ़, चेन्नई, कोयंबटूर, दिल्ली, गुड़गांव, गुवाहाटी, हैदराबाद, इंदौर, जयपुर, जमशेदपुर, कोच्चि, कोलकाता, लखनऊ, लुधियाना, मुम्बई, नोएडा, पुणे और सलेम में क्षेत्रीय कार्यालय थे, जबकि कनाडा, मलेशिया, नेपाल, ओमान, कतर, यूएई और यूएसए में भी कंपनी का कारोबार था.

2019 में समेटा था कारोबार
कंपनी ने पूरे देश में 2019 में अपना कारोबार समेट लियाा था. नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की मुंबई बेंच ने फर्स्ट फ्लाइट कूरियर के ऑपरेशनल लेनदार द्वारा दायर याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि कॉरपोरेट देनदार के वकील ने यह प्रस्तुत किया है कि वे बकाया चुकाने में असमर्थ हैं और दायित्व के साथ-साथ चूक भी स्वीकार भी करते हैं. लगभग 1.44 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने में विफल रहने के बाद कूरियर कंपनी के ऑपरेशनल क्रेडिटर श्रीनिधि कॉम्प्रिंट ने ट्रिब्यूनल से संपर्क किया था.

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