होम / बिजनेस / बड़ी कार्रवाई की तैयारी में TRAI, स्पैम कॉल और मैसेज नहीं रोकने पर कंपनियों पर लगेगा जुर्माना
बड़ी कार्रवाई की तैयारी में TRAI, स्पैम कॉल और मैसेज नहीं रोकने पर कंपनियों पर लगेगा जुर्माना
TRAI की ओर से टेलिकॉम कंपनियों Airtel, Jio, Vi, BSNL के जुर्माने को वसूलने के लिए बैंक गारंटी का इस्तेमाल किया जा सकता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने दूरसंचार विभाग (DoT) से स्पैम कॉल और मैसेज को रोकने में नाकाम रहने पर जुर्माना वसूलने पर जोर दिया है. इस जुर्माने को वसूलने के लिए दूरसंचार कंपनियों की बैंक गारंटी को जब्त करने सुझाव दिया गया है. बता दें कि ट्राई को अधिकार है कि वो नियम नहीं करने पर टेलीकॉम कंपनी का लाइसेंस रद्द कर सकती है, हालांकि लाइसेंस रद्द करने की जगह जुर्माना वसूलने पर जोर दिया जा रहा है.
कई बार भेजे जा चुके थे रिमाइंडर
दूरसंचार नियामक सभी कंपनियों को कई बार रिमाइंडर भेज चुका है और उन्हें जुर्माने का भुगतान करने की याद दिला चुका है. बार-बार याद दिलाने के बाद भी जुर्माना नहीं भरने के चलते ट्राई ने यह कदम उठाया है. कानून के हिसाब से ट्राई को यह ताकत दी गई है कि वह लगातार नियमों का उल्लंघन करने पर टेलीकॉम कंपनियों का लाइसेंस कैंसिल कर दे, लेकिन इस तरह के सख्त कदम अब तक कभी उठाए नहीं गए हैं.
हाल ही में बढ़ाई गई ये डेडलाइन
ट्राई ने हालिया दिनों में स्पैम पर लगातार सख्ती बढ़ाई है. इसके लिए नियामक ने सभी कंपनियों को डेडलाइन भी दिया था, लेकिन उसे बाद में डेडलाइन को खिसकाने पर मजबूर होना पड़ गया. इसके लिए ब्लॉकचेन बेस्ड नई व्यवस्था अपनाई गई है, जो स्पैम एसएमएस पर रोक लगाने के लिए है. पहले कंपनियों को अगस्त तक का ही समय दिया गया था. अब ट्राई ने इस डेडलाइन को 1 अक्टूबर तक खिसका दिया है.
सबसे ज्यादा इनके ऊपर बकाया
दूरसंचार कंपनियों से स्पैम नियमों से संबंधित करीब 115 करोड़ रुपये की रिकवरी की जानी है. सबसे ज्यादा बकाया सरकारी दूरसंचार कंपनियों बीएसएनएल और एमटीएनएल के ऊपर है. दोनों के ऊपर 8-10 साल में डिफॉल्ट से बकाए का आंकड़ा 50 करोड़ रुपये के पास पहुंच गया है. उसके बाद भारती एयरटेल से 20 करोड़ रुपये, वोडाफोन आइडिया से 15 करोड़ रुपये और रिलायंस जियो से 12 करोड़ रुपये की रिकवरी बन रही है. निजी कंपनियों के ऊपर बकाए की अवधि 10 महीने से 3 साल तक है.
मोबाइल यूजर्स पर क्या होगा इसका असर?
इस मामले में टेलिकॉम कंपनियों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है, हालांकि यह भी सच है कि जुर्माना की रकम को अंतिम उपभोक्ता मोबाइल यूजर्स से ही वसूला जाता है. हाल ही में जियो, एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया की तरफ से एवरेज रेवेन्यू पर यूजर यानी ARPU को बढ़ाने के लिए टेलिकॉम कंपनियों ने मोबाइल रिजार्ज प्लान महंगे किये हैं. हालांकि अगर सरकार टेलिकॉम कंपनियों से जबरदस्ती जुर्माना वसूलती है, तो टेलिकॉम कंपनियों की ओर से मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगा करके जुर्माने की रकम को वसूला जाएगा. वैसे तो, यह जुर्माना सीधे तौर पर मोबाइल यूजर्स पर नहीं लगाया जाएगा.
टैग्स