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YearEnder: उद्योग जगत के लिए सदमे से कम नहीं रहा 2022, दुनिया से रुखसत हो गईं ये हस्तियां
2022 अपने अंतिम पड़ाव पर है, चंद रोज बाद नया साल शुरू हो जाएगा. इस साल उद्योग जगत से जुड़ी कई दिग्गज हस्तियां दुनिया से रुखसत हो गईं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
गुजरता साल यानी 2022 उद्योग जगह से जुड़ी कई हस्तियों को निगल गया. इस साल देश ने कई ऐसी दिग्गज शख्सियतों को खोया, जिन्होंने मेहनत और लगन के बल पर न केवल खुद सफलता की नई ऊंचाइयों को छूआ, बल्कि देश का सिर भी गर्व से ऊंचा किया. 2022 में अलग-अलग सेक्टर के कई कारोबारी दुनिया को अलविदा कह गए.
Rahul Bajaj
दिग्गज कारोबारी राहुल बजाज ने 12 फरवरी को आखिरी सांस ली. 83 साल के राहुल बजाज लंबे समय से बीमार थे. वह काफी समय तक बजाज ऑटो के चेयरमैन भी रह चुके थे. समाज को दिए गए योगदान के चलते उन्हें 2001 में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया था. राहुल बजाज 2006-10 के दौरान राज्य सभा सांसद भी रहे थे. उन्होंने 1965 में बजाज ग्रुप की जिम्मेदारी संभाली थी. उनकी अगुआई में बजाज ऑटो का टर्नओवर 7.2 करोड़ से 12 हजार करोड़ तक पहुंच गया था और यह स्कूटर बेचने वाली देश की अग्रणी कंपनी बन गई थी. 2005 में राहुल ने अपने बेटे राजीव को कंपनी की कमान सौंपनी शुरू की थी.
Pallonji Mistry
शापूरजी पालोनजी समूह के प्रमुख पालोनजी मिस्त्री (Pallonji Mistry) इस साल 28 जून को 93 वर्ष की उम्र में दुनिया से रुखसत हो गए. मिस्त्री का शापूरजी पालोनजी समूह 18.4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ टाटा समूह का सबसे बड़ा शेयरधारक है. Bloomberg Billionaires Index के मुताबिक, पालोनजी का नेटवर्थ लगभग 29 अरब डॉलर था. वह भारत के साथ-साथ यूरोप के बड़े रईसों में शुमार थे. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2003 में उन्होंने भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी और आयरलैंड के नागरिक बन गए थे. उनकी बेटी की शादी रतन टाटा के सौतेले भाई नोएल टाटा से हुई थी.
Rakesh Jhunjhunwala
भारत के वॉरेन बफे कहे जाने वाले दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला का इस साल 14 अगस्त को निधन हो गया. 62 साल की उम्र में जब उन्होंने दुनिया को अलविदा कहा, तब उनकी एयरलाइन 'आकासा एयर' उड़ान भरने की तैयारी कर रही थी. शेयर बाजार में उनका कोई मुकाबला नहीं था, वह जिस शेयर पर हाथ रख देते थे वो सरपट दौड़ने लगता था. इसलिए उन्हें शेयर बाजार का बिग बुल भी कहा जाता था. आकासा एयर में सबसे बड़ी हिस्सेदारी राकेश झुनझुनवाला और उनकी पत्नी रेखा की है.
Cyrus Mistry
टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री का इस साल 4 सितंबर को निधन हो गया था. वह कार एक्सीडेंट का शिकार हुए थे, जिसे एक महिला चला रही थी. मिस्त्री अपनी मर्सिडीज से अहमदाबाद से मुंबई जा रहे थे. पालघर में उनकी कार डिवाइडर से टकराई गई, जिससे उनकी मौत हो गई. मिस्त्री उस वक्त तब सुर्खियों में आए थे जब उन्हें टाटा संस का चेयरमैन बनाया गया. इसके बाद वह टाटा संस से विवादों की वजह से लंबे समय तक चर्चा का केंद्र रहे. साइरस मिस्त्री ने 2012 में कंपनी के चेयरमैन के रूप में कार्यभार संभाला और 2016 में उन्हें इस पद से हटा दिया गया. महज चार साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने टाटा संस में कई बड़े बदलाव कर दिए थे.
Tulsi Tanti
भारत के 'विंड मैन' कहे जाने वाले कारोबारी तुलसी तांती का एक अक्टूबर को हार्ट अटैक के चलते निधन हो गया था. सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड के फाउंडर, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रहे तांती ने अपनी कपड़ा कंपनी की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए 1995 में पवन ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में कदम रखा और सुजलॉन एनर्जी की स्थापना की. तांती ने रिन्यूएबल एनर्जी की कल्पना ऐसे समय में की थी, जब इस सेक्टर में इंटरनेशनल प्लेयर्स का दबदबा था. 2003 में सुजलॉन को 24 टर्बाइनों की आपूर्ति के लिए डैनमार एंड एसोसिएट्स से अपना पहला ऑर्डर मिला था. फिलहाल कंपनी का मार्केट कैप 8,535.90 करोड़ रुपए है.
Jamshed J Irani
देश के स्टील मैन कहे जाने वाले जमशेद जे ईरानी 31 अक्टूबर को दुनिया से रुखसत हो गए. उन्होंने 86 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. ईरानी जून 2011 में टाटा स्टील के बोर्ड से सेवानिवृत्त हुए थे. जमशेद ईरानी ने अपने करियर की शुरुआत ब्रिटिश आयरन एंड स्टील रिसर्च एसोसिएशन के साथ 1963 में की थी, लेकिन उनका सपना देश की तरक्की में योगदान देने का था. इसलिए वह 1968 में भारत लौटे और टाटा आयरन एंड स्टील कंपनी की स्थापना की, जिसे आज टाटा स्टील के नाम से जाना जाता है.
Vikram Kirloskar
टोयोटा किर्लोस्कर मोटर के वाइस चेयरमैन विक्रम किर्लोस्कर पिछले महीने यानी नवंबर में दुनिया छोड़ गए. वह भारत में टोयोटा का चेहरा थे. विक्रम किर्लोस्कर अपने पीछे 500 करोड़ रुपए का कारोबार छोड़ गए हैं, जिसे उनकी बेटी मानसी किर्लोस्कर संभाल सकती हैं क्योंकि वो उनकी इकलौती संतान हैं. टोयोटा किर्लोस्कर मोटर लिमिटेड में टोयोटा की हिस्सेदारी 89 फीसदी है जबकि किर्लोस्कर ग्रुप की महज 11%. इसके बावजूद विक्रम किर्लोस्कर भारत में टोयोटा को चेहरा थे. वह ऑटोमोबाइल सेक्टर से 1981 से जुड़े थे.
Abhijit Sen
इकोनॉमिस्ट अभिजीत सेन को भी 2022 हमसे छीनकर ले गया. 72 वर्षीय सेन ने अगस्त में दुनिया को अलविदा कहा था. उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था का प्रमुख विशेषज्ञ माना जाता था. उन्होंने अपने चार दशकों से अधिक के अकादमिक करियर में कई बड़े नामी संस्थानों में पढ़ाया था. अभिजीत सेन 1985 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में आर्थिक अध्ययन के बारे में पढ़ाते थे. साथ ही उन्होंने ऑक्सफोर्ड, कैम्ब्रिज और एसेक्स में अर्थशास्त्र पढ़ाया. इसके अलावा वह 2004-2014 तक योजना आयोग के सदस्य थे और कृषि लागत और मूल्य आयोग के अध्यक्ष भी रहे थे.
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