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जुलाई में भारत का निर्यात 7.29% उछला, लेकिन व्यापार घाटा आठ माह के शिखर पर पहुँचा
कच्चे तेल और सोने के आयात से आयात बढ़ा. वाणिज्य सचिव बोले– निर्यात वैश्विक औसत से तेज. नए निर्यात प्रोत्साहन मिशन के संकेत.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
जुलाई में भारत के माल निर्यात ने दो महीने की गिरावट का सिलसिला तोड़ते हुए 7.29% की वृद्धि के साथ 37.24 अरब डॉलर का स्तर छू लिया. हालांकि, आयात 8.6% बढ़कर 64.59 अरब डॉलर पर पहुँचने से व्यापार घाटा 27.35 अरब डॉलर तक चौड़ा हो गया, जो नवंबर 2024 के बाद का सबसे ऊँचा स्तर है.
जुलाई में सेवाओं का निर्यात 31.03 अरब डॉलर अनुमानित रहा, जो पिछले वर्ष के 30.60 अरब डॉलर से थोड़ा अधिक है. अप्रैल से जुलाई के दौरान सेवाओं का निर्यात 128.43 अरब डॉलर तक पहुँचा. वाणिज्य सचिव सुनील बर्थवाल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत के सामान और सेवाओं के निर्यात अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके अनुसार भारत का निर्यात वृद्धि दर वैश्विक औसत से अधिक है. उन्होंने जल्द नए निर्यात प्रोत्साहन मिशन का संकेत भी दिया.
इंजीनियरिंग सामान ने 13.75% की वृद्धि के साथ 10.42 अरब डॉलर का योगदान दिया. इलेक्ट्रॉनिक्स 34% उछलकर 3.76 अरब डॉलर पर रहा. जेम्स एंड ज्वेलरी 29% बढ़कर 2.4 अरब डॉलर और फार्मा 14% बढ़कर 2.7 अरब डॉलर रहा. केमिकल्स 7.19% बढ़कर 2.46 अरब डॉलर पर पहुँचा. नरम वैश्विक कीमतों के कारण पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 25% गिरकर 4.34 अरब डॉलर रहा
कच्चे तेल का आयात 7.46% बढ़कर 15.57 अरब डॉलर हो गया. सोने का आयात 13.83% उछलकर 3.93 अरब डॉलर तक पहुँचा. इन दोनों ने मिलकर जुलाई का व्यापार घाटा 27.35 अरब डॉलर तक चौड़ा किया. अप्रैल से जुलाई के बीच माल निर्यात 3.07% बढ़कर 149.2 अरब डॉलर रहा. इसी अवधि में आयात 5.36% बढ़कर 244.01 अरब डॉलर पर पहुँचा. चार महीनों का संचयी व्यापार घाटा 94.81 अरब डॉलर दर्ज हुआ.
विशेषज्ञों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक्स और इंजीनियरिंग जैसे उच्च-मूल्य क्षेत्रों में बनी रफ्तार निकट अवधि में निर्यात को सहारा दे सकती है. हालांकि कच्चे तेल और सोने के आयात पर निर्भरता तथा वैश्विक मांग में उतार-चढ़ाव व्यापार संतुलन के लिए चुनौती बने रहेंगे. सरकार के प्रस्तावित निर्यात मिशन से बाज़ार विविधीकरण और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने पर फोकस रहने की उम्मीद है.
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