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खाद्य तेल की कीमतों में जल्द मिल सकती है राहत, रसोई के खर्चों पर लगेगी लगाम
पिछले कुछ महीनों से तरफ आम आदमी रसोई के बढ़ते खर्चों से परेशान है. तेल, मसाले, घी और रसोई गैस की कीमतों में काफी तेजी आई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्लीः पिछले कुछ महीनों से तरफ आम आदमी रसोई के बढ़ते खर्चों से परेशान है. तेल, मसाले, घी और रसोई गैस की कीमतों में काफी तेजी आई है. बुधवार को ही रसोई गैस की कीमतों में 50 रुपये का इजाफा हो गया, जिससे खाना पकाना भी महंगा हो गया है. इन सबके बीच सरकार भी महंगाई को काबू करने के लिए प्रयास कर रही है. गैस की कीमतों में उछाल पर जहां सरकार का बस न के बराबर है, वहीं खाद्य तेलों की कीमतों में कमी लाने पर विचार किया जा रहा है.
फिलहाल खाद्य तेलों की कीमतों में मामूली कमी
देश में खाद्य तेलों की कीमतों में मामूली कमी आई है. कई खाद्य तेल बनाने वाली कंपनियों ने कीमतों में 10-15 रुपये प्रति लीटर की कमी की थी, लेकिन ये नाकाफी है. ग्लोबल लेवल पर जिस तरह से कीमतों में कमी हो गई है, उतनी अभी भारत में नहीं हुई है. इसी को देखते हुए खाद्य मंत्रालय ने खाद्य तेल बनाने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक बुलाई है.
कंपनियों से सरकार कहेगी दाम कम करने को
खाद्य सचिव सुधान्शु पांडेय ने एक कॉन्फ्रेंस में कहा कि खाद्य तेल का उत्पादन करने वाली कंपनियों और इंडस्ट्री प्रतिनिधियों के साथ एक बैठक बुलाई है, जिसमें इनसे कीमतों में कमी करने के लिए कहा जाएगा. उन्होंने कहा, "हम उन्हें वैश्विक कीमतों में कमी का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए कहेंगे."
ग्लोबल प्राइस में 450 डॉलर प्रति टन की कमी
सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसईए) के कार्यकारी निदेशक बीवी मेहता ने कहा कि पिछले एक महीने में ग्लोबल प्राइसेस में 300-450 अमेरिकी डॉलर प्रति टन की गिरावट आई है. उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में कमी आने की उम्मीद है.
भारत अपने खाद्य तेल की आवश्यकता का 60 फीसदी से अधिक आयात करता है. एसईए के अनुसार, 2020-21 के मार्केटिंग ईयर (नवंबर-अक्टूबर) के दौरान खाद्य तेल का इंपोर्ट लगभग 131.3 लाख टन पर स्थिर रहा.
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