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Vivo और अन्य चीनी कंपनियों पर शिकंजा, 40 ठिकानों पर ED की छापेमारी

छापेमारी से पता चला था कि चीनी फर्मो ने भारत के बाहर अपने संबंधित पक्षों से तकनीकी सेवाओं की प्राप्ति के खिलाफ बढ़े हुए भुगतान किए थे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्ली: Vivo और अन्य चीनी कंपनियों से जुड़े 40 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) छापेमारी कर रहा है. ED मनी लॉन्ड्रिंग मामले की रोकथाम के संबंध में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और दक्षिणी राज्यों में 40 स्थानों पर छापेमारी कर रहा है.

Vivo की तरफ से नहीं आई टिप्पणी
इस पूरे मामले पर Vivo की तरफ से अभी कोई टिप्पणी नहीं आई है. अप्रैल में, ईडी ने कहा था कि उन्होंने कंपनी द्वारा किए गए अवैध जावक प्रेषण के संबंध में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत बैंक खातों में पड़े शाओमी टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 5,551.27 करोड़ रुपये जब्त किए.

शाओमी का बयान
ED के बयान के बाद कंपनी ने कहा था, 'हमने सरकारी अधिकारियों के आदेश का ध्यानपूर्वक अध्ययन किया है. हम ये स्पष्ट करते हैं कि हमारे रॉयल्टी भुगतान और बैंक को दिए गए विवरण सभी वैध और सत्य हैं. शाओमी इंडिया द्वारा किए गए ये रॉयल्टी भुगतान इन-लाइसेंस प्राप्त तकनीकों और हमारे इंडियन वर्जन प्रोडक्ट्स में उपयोग किए जाने वाले आईपी के लिए थे. शाओमी इंडिया के लिए इस तरह के रॉयल्टी भुगतान करना एक वैध वाणिज्यिक व्यवस्था है. हालांकि, हम किसी भी गलतफहमी को दूर करने के लिए सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं."

आयकर विभाग का बयान
3 मार्च को आयकर विभाग ने कहा था कि उन्होंने दूरसंचार प्रोडक्टस में काम करने वाली चीनी फर्मो के खिलाफ छापे मारे और पता चला कि कंपनियां नकली रसीदों के माध्यम से कर चोरी में शामिल थीं. आई-टी विभाग ने उस समय 400 करोड़ रुपये की आय के घपले का पता लगाया था. इसके बाद पूरे भारत और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में फरवरी के दूसरे सप्ताह में छापे मारे गए.

छापेमारी के बाद खुला था राज
छापेमारी से पता चला था कि चीनी फर्मो ने भारत के बाहर अपने संबंधित पक्षों से तकनीकी सेवाओं की प्राप्ति के खिलाफ बढ़े हुए भुगतान किए थे. निर्धारित कंपनियां ऐसी कथित तकनीकी सेवाओं को प्राप्त करने की वास्तविकता को सही नहीं ठहरा सकतीं, जिनके बदले भुगतान किया गया था और साथ ही इसके लिए प्रतिफल के निर्धारण का आधार भी नहीं था.


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