✕

होम / बिजनेस / Dunzo ने इकट्ठा किया जबरदस्त फंड, कर्मचारियों को लगेगा झटका!

Dunzo ने इकट्ठा किया जबरदस्त फंड, कर्मचारियों को लगेगा झटका!

Dunzo द्वारा इकट्ठे किये गए 75 मिलियन डॉलर के फंड में से लगभग 50 मिलियन डॉलर्स सिर्फ गूगल और रिलायंस रिटेल द्वारा इकट्ठा किये गए हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रिलायंस रिटेल के नए कॉमर्स स्टार्टअप Dunzo ने कनवर्टिबल नोट्स के माध्यम से 75 मिलियन डॉलर्स की फंडिंग इकट्ठा कर ली है. इसके साथ ही Dunzo अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव के तहत कंपनी के 30% या लगभग 300 कर्मचारियों की छंटनी भी कर सकता है. 

क्या होता है कनवर्टिबल नोट?
Dunzo द्वारा इकट्ठे किये गए 75 मिलियन डॉलर के फंड में से लगभग 50 मिलियन डॉलर्स सिर्फ गूगल और रिलायंस रिटेल द्वारा इकट्ठा किये गए हैं, जबकि बाकी का फंड पुराने इन्वेस्टर्स की मदद से इकट्ठा किया गया है. कनवर्टिबल नोट एक तरह का शॉर्ट-टर्म डेट होता है जो समय के साथ इक्विटी में बदल जाता है. कनवर्टिबल नोट्स आमतौर पर भविष्य में फाइनेंस की तैयारी या फिर IPO (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) के लिए काम आता है. कनवर्टिबल नोट्स के लिए किसी भी कंपनी को फौरन किसी तरह के वैल्युएशन की जरूरत नहीं होती और पिछले कुछ सालों में भारतीय स्टार्टअप्स द्वारा बहुत बड़े स्तर पर कनवर्टिबल नोट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है. 

छंटनी होना तय है
Dunzo अभी भी ADIA (अबु धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी) जैसे अन्य प्रमुख इन्वेस्टर्स से कैपिटल के लिए बातचीत कर रहा है लेकिन मामले से जुड़े सूत्रों की मानें तो Dunzo को अब कैपिटल तब मिलेगा जब कंपनी अपनी हालत को स्थिर कर लेगी. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मामले से जुड़े लोगों ने बताया कि, Dunzo के फाउंडर और CEO कबीर बिस्वास ने टाउनहॉल मीटिंग में कर्मचारियों को छंटनी, बिजनेस मॉडल में होने वाले बदलावों और कंपनी की रणनीति के बारे में जानकारी दी थी. 

बदला जाएगा बिजनेस मॉडल
अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव के तहत Dunzo अपने डार्क-स्टोर्स में 50% की कटौती करेगा और सिर्फ उन्हीं डार्क-स्टोर्स का इस्तेमाल करेगा जो या तो प्रॉफिटेबल हैं या फिर प्रॉफिटेबिलिटी की सीमा के बहुत करीब हैं. Dunzo जहां एक ओर अपने डार्क स्टोर्स को बंद करेगा वहीं सुपरमार्केट और अन्य मर्चेंट्स के साथ पार्टनरशिप भी करेगा. यह कंपनी के मार्केटप्लेस मॉडल जैसा ही होगा, जहां कंज्यूमर्स किसी भी राशन की दुकान या फिर अन्य मर्चेंट्स से सामान ऑर्डर कर सकते हैं. कबीर बिस्वास ने टाउनहॉल मीटिंग में कर्मचारियों से कहा कि, अगर कंपनी को अगले 18 महीनों में प्रॉफिटेबिलिटी के लेवल तक पहुंचना है तो ये बदलाव बहुत जरूरी हैं. 

कितना बड़ा है Dunzo? 
मामले से जुड़े सूत्रों की मानें तो Dunzo का सालाना रेवेन्यु रन-रेट लगभग 300 मिलियन डॉलर्स है. Dunzo डेली जैसे कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ-साथ Dunzo के पास दवाइयों, राशन, पालतू जानवरों के खाने के साथ-साथ मीट के लिए भी अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स मौजूद हैं. Dunzo इन सुविधाओं के लिए मर्चेंट्स से फीस लेने के साथ-साथ यूजर्स से डिलीवरी चार्जेज भी लेता है. Dunzo की शुरुआत 2014 में बैंगलोर से हुई थी. Swiggy Instamart, Zepto जैसे Dunzo की अन्य प्रमुख विरोधी कंपनियों की नजर अपने खर्चे कम करके, काम करने के तरीके में बदलाव करने पर है ताकि वह इस समय मौजूद आर्थिक चुनौतियों से निपट सकें. 

अब आगे क्या है Dunzo का प्लान? 
Dunzo भारत के सात से ज्यादा प्रमुख शहरों में मौजूद है और यह अपनी पहुंच को दोगुना करने वाला था लेकिन कंपनी को मार्केट की आर्थिक स्थिति की वजह से अपने विकास से जुड़े प्लान्स को रोकना पड़ा. Dunzo नयी मार्केट्स को लेकर सावधानी बरत रहा है और साथ ही कंपनी नए शहरों में अपनी पहुंच बनाने पर भी ध्यान दे रही है.
 

यह भी पढ़ें: RBI से आई ये राहत भरी खबर, फिलहाल नहीं बढ़ेगी आपकी EMI

 


टैग्स
सम्बंधित खबरें

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, 1.2 अरब डॉलर घटे; सोने के भंडार में भी बड़ी कमी

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 2.6 अरब डॉलर की कमी, विदेशी मुद्रा संपत्ति और SDR में दर्ज हुई बढ़ोतरी; सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद से Forex Reserve में जारी है गिरावट

9 minutes ago

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 40.6% बढ़कर ₹25,548 करोड़ पहुंचा, रेवेन्यू में 28.6% का उछाल

ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल कारोबार के दम पर कंपनी ने दर्ज की मजबूत ग्रोथ, रिटेल कारोबार के एबिटा में आई गिरावट; ₹15,000 करोड़ जुटाने के लिए एनसीडी जारी करने को बोर्ड की मंजूरी

24 minutes ago

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

10 hours ago

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

14 hours ago

दूसरी तिमाही में 7.35% रह सकती है GDP ग्रोथ, औद्योगिक उत्पादन और निर्यात में भी तेजी

अक्टूबर 2026 की मासिक आर्थिक समीक्षा के अनुसार, पहली तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.8 प्रतिशत रही थी.

17 hours ago


बड़ी खबरें

विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह गिरावट, 1.2 अरब डॉलर घटे; सोने के भंडार में भी बड़ी कमी

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में 2.6 अरब डॉलर की कमी, विदेशी मुद्रा संपत्ति और SDR में दर्ज हुई बढ़ोतरी; सितंबर में रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद से Forex Reserve में जारी है गिरावट

9 minutes ago

रिलायंस इंडस्ट्रीज का मुनाफा 40.6% बढ़कर ₹25,548 करोड़ पहुंचा, रेवेन्यू में 28.6% का उछाल

ऑयल-टू-केमिकल्स और डिजिटल कारोबार के दम पर कंपनी ने दर्ज की मजबूत ग्रोथ, रिटेल कारोबार के एबिटा में आई गिरावट; ₹15,000 करोड़ जुटाने के लिए एनसीडी जारी करने को बोर्ड की मंजूरी

24 minutes ago

छह महीने में राजकोषीय घाटा 25.4% बढ़कर 7.15 लाख करोड़ रुपये पहुंचा, सालाना लक्ष्य का 42.1% हुआ पूरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से सितंबर 2026 के दौरान राजकोषीय घाटा पूरे वित्त वर्ष के लिए तय लक्ष्य का 42.1 प्रतिशत रहा. पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5.7 लाख करोड़ रुपये था.

14 hours ago

पूर्व राज्यसभा सांसद आर. के. सिन्हा का निधन, पत्रकारिता से लेकर कारोबार और राजनीति तक बनाई थी खास पहचान

नोएडा में 83 वर्षीय आर. के. सिन्हा ने ली अंतिम सांस, SIS ग्रुप की स्थापना कर भारत में निजी सुरक्षा उद्योग को नई पहचान दी; जनसंघ के दौर से भाजपा से जुड़े रहे

10 hours ago

राहुल गांधी ने IDBI बैंक की बिक्री पर उठाए सवाल, सीतारमण बोलीं- 25 हजार करोड़ रुपये डालकर बैंक को उबारा

राहुल गांधी ने सार्वजनिक बैंक को फेयरफैक्स को बेचने के फैसले पर उठाए सवाल, सीतारमण ने UPA सरकार पर लगाए राजनीतिक दबाव में कर्ज बांटने के आरोप; कहा- 25,000 करोड़ रुपये से अधिक की पूंजी डालकर IDBI को संकट से निकाला

17 hours ago