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जानते हैं रघुराम राजन को गवर्नर रहते हुए कितनी मिलती थी सैलरी? खुद उन्होंने किया खुलासा
गवर्नर को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर उन्होंने कहा कि उसे एक घर मिलता है और एक कार मिलती है. इसके साथ कई लोगों का स्टॉफ मिलता है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
RBI के पूर्व गवर्नर और मौजूदा सरकार की गई मसलों को लेकर आलोचना करने वाले रघुराम राजन ने टॉक शो के दौरान अपनी सैलरी से लेकर गवर्नर को मिलने वाले बंगले को लेकर कई अहम बातें कहीं हैं. उन्होंने बताया है कि जब वो आरबीआई के गवर्नर हुआ करते थे तो उन्हें 4 लाख प्रति वर्ष का पैकेज मिला करता था. लेकिन उन्होंने गवर्नर को मिलने वाले बंगले को लेकर कई ऐसी अहम बातें कहीं हैं जो चौंकाती हैं.
क्या बोले रघुराम राजन?
एक पॉडकास्ट के दौरान के अपनी बात कहते हुए पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने बताया उन्हें बतौर सैलरी सालाना 4 लाख रुपये मिला करते थे. उन्होंने इस पॉडकास्ट के दौरान कहा कि मुझे नहीं पता है कि आज ये सैलरी क्या हुआ करती है लेकिन मेरे समय में उतनी हुआ करती थी. उन्होंने बताया कि इसमें मिलने वाले लाभ में मुंबई के मालाबार हिल्स में धीरूभाई अंबानी के घर से कुछ दूर एक बंगला मिलता है. जो बहुत शानदार था.
बंगले को लेकर बोले ये अहम बात
पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने अपनी बात में आगे कहा कि अगर हम उस बंगले को बेच दें या इसे पट्टे पर दे दें, तो हमारे पास बंदरगाह प्राधिकरण से एक लॉन्ग टर्म पट्टा है, तो हमें 450 करोड़ रुपये मिल सकते हैं. यदि हम इस राशि को निवेश करते हैं तो हम आरबीआई के सभी टॉप ब्रास अधिकारियों की सैलरी को अदा कर सकते हैं. हम एक अपॉर्टमेंट में जा सकते थे, लेकिन ये घर बेहद ही शानदार है.
क्या गवर्नर की सैलरी वाजिब है?
पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि आरबीआई गवर्नर के वेतन के लिए प्रति वर्ष 4 लाख रुपये सही है. रघुराम राजन के कहा कि ये अन्य सरकारी अधिकारियों के बराबर है. कैबिनेट सचिव को भी इतनी ही सैलरी मिलती है. ये उतनी ही राशि है जितनी सरकारी अधिकारियों को मिलती है. उन्होंने ये भी कहा कि इसमें पेंशन नहीं मिलती है. उन्होंने पेंशन नहीं मिलने का कारण बताते हुए कहा कि आरबीआई गवर्नर ने कहा क्योंकि वो सिविल सर्वेंट थे. इसलिए उन्हें रिटॉयरमेंट पर पेंशन मिलती ही है. लेकिन एक ऐसा व्यक्ति था जो सिविल सर्वेंट नहीं था, मैं उसका नाम नहीं लेना चाहता हूं, लेकिन आरबीआई के लिए उसकी कई सालों की सेवा के बाद उसे पेंशन मिलनी चाहिए. उन्होंने खुद के लिए कहा कि उन्हें पेंशन नहीं चाहिए. आरबीआई गवर्नर के पद से रिटायर्ड होने के बाद आज रघुराम राजन शिकागो की एक यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर हैं.
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