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DLF करेगा NOIDA अथॉरिटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई, जानिए किस जमीन को लेकर है विवाद
NOIDA अथॉरिटी और DLF के बीच का यह विवाद दरअसल 54320.18 स्क्वायर मीटर की एक जमीन को लेकर है जो सेक्टर 18 में स्थित है. इस जमीन को DLF ने NOIDA अथॉरिटी से साल 2004 में एक ओपन ऑक्शन में खरीदा था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
रियल स्टेट सेक्टर की बड़ी कंपनी DLF अब NOIDA अथॉरिटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है. दरअसल DLF, NOIDA अथॉरिटी के खिलाफ यह कानूनी कार्रवाई एक जमीन के विवाद को लेकर करने जा रही है, जिस पर नोएडा अथॉरिटी ने 234 करोड़ रुपए का भुगतान DLF से करने को कहा है. यह कंपनी के नेट प्रॉफिट 487 करोड़ का लगभग आधा है. यह जुर्माना उसी जमीन के लिए मांगा जा रहा है, जिस पर मौजूदा समय में ‘Mall Of India’ मॉल ऑफ इंडिया बनाया गया है. DLF ने BSE में दाखिल की गई अपनी फाइलिंग में कहा है कि वह नोएडा अथॉरिटी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही है. Noida अथॉरिटी ने DLF से इस पैसे की मांग दरअसल इस साल मई में आए सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद की है, जिसमें उसने इस जमीन के पिछले मालिक वीरन्ना रेडी को मुआवजा देने का आदेश दिया था.
सुप्रीम कोर्ट भी दे चुका है अपना फैसला
दरअसल यह पूरा विवाद नोएडा सेक्टर 18 स्थित 54320.18 स्क्वायर मीटर की जमीन को लेकर है. जिसे DLF ने 2004 में ओपन ऑक्शन के जरिए खरीदा था. DLF के अनुसार उस समय Noida अथॉरिटी द्वारा इस भूमि के लिए मांगी गई पूरी रकम के भुगतान के बाद 25 फरवरी साल 2005 को नोएडा अथॉरिटी द्वारा उस परिसर के संबंध में एक लीज डीड दी गई थी. उस जमीन के मालिक वीरन्ना रेड्डी ने इस मुद्दे को इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष उठाते हुए अपनी याचिका में कहा था कि इसमें 7400 वर्ग मीटर की भूमि का बाजार मूल्य के अनुसार भुगतान किया जाना था. इस पर उच्च न्यायालय ने 28 अक्टूबर 2021 के अपने आदेश में Noida अथॉरिटी को मुआवजे का निर्धारण करने का आदेश दिया था. इसके बाद रेडडी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर दी, जिस पर सुनवाई करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 5 मई 2022 को अपने आदेश में कहा था कि नोएडा द्वारा विवादित भूमि का अधिग्रहण किया गया था, जिसे DLF ने एक सार्वजनिक नीलामी में खरीदा था. इसलिए मुआवजे की राशि का भुगतान करने का दायित्व प्राधिकरण का होगा. इस मामले में नोएडा अथॉरिटी द्वारा फाइल की गई रिव्यू पिटिशन को भी सुप्रीम कोर्ट ने 10 अगस्त 2022 को खारिज कर दिया था.
BSE में दाखिल फाइलिंग में DLF ने क्या कहा
अब उसी मामले में DLF ने BSE में दाखिल अपने दस्तावेजों में कहा है SC ने रिव्यू पिटीशन पर अपना फैसला देते हुए कहा था कि वह अपने आदेश पर दोबारा विचार करने के बाद इस बात से पूरी तरह से संतुष्ट है कि वह आदेश पूरी तरह से सही था, जिसके बाद याचिका को खारिज कर दिया गया. DLF ने यह भी कहा है कि वह 7400 स्क्वायर मीटर की उस जमीन को लेकर अब किसी तरह के भुगतान के लिए जिम्मेदार नहीं है. Noida अथॉरिटी के द्वारा इस संबंध में जो डिमांड की गई है वह पूरी तरह से गैरकानूनी है. DLF ने यह भी कहा है कि जो संबंधित भूमि है वह पट्टे पर दिए गए परिसर का हिस्सा नहीं है.
कितना हुआ है DLF को मुनाफा
वहीं अगर DLF के मुनाफे की बात करें तो इस साल सितंबर में खत्म हुए क्वार्टर में DLF के मुनाफे में 28% की ग्रोथ के साथ यह 487 करोड रुपए रहा है. जबकि मौजूदा क्वार्टर में कंपनी का राजस्व 13% कम होकर 1360 करोड़ रुपए पर आ गया है जबकि कंपनी का बिना टैक्स और ब्याज के जो आय है उसमें 200 बेसिस पॉइंट के इजाफे के साथ यह 36% पर रहा है जो कि इस तिमाही में 1% कम होकर 495 करोड़ रुपए के नेट प्रॉफिट पर आ पहुंचा है.
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