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Tata और Tesla के बीच हुई डील, इस क्षेत्र में दोनों मिलकर करेंगे काम
यह डील ऐसे समय में हुई है जब टेस्ला के मालिक एलन मस्क भारत आने वाले हैं. मस्क प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
टेस्ला ने अपने ग्लोबल ऑपरेशन में उपयोग होने वाले सेमीकंडक्टर चिप्स खरीदने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ एक रणनीतिक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक टेस्ला ने अपनी कारों के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स से सेमीकंडक्टर चिप्स खरीदने के लिए यह डील की है. यह डील इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स को टॉप ग्लोबल क्लाइंट के लिए विश्वसनीय सप्लायर के रूप में स्थापित करेगा. यह समझौता कुछ ही महीनों में पूरा हो जाएगा.
भारत में व्यापार को इच्छुक है टेस्ला
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेक्टर की प्रमुख अमेरिकी कंपनी टेस्ला दुनिया के सबसे तेजी से विस्तार करने वाले प्रमुख ऑटोमोटिव बाजार भारत में प्रवेश करने के लिए उत्सुक है. टेस्ला के प्रमोटर एलन मस्क (Elon Musk) कथित तौर पर इस महीने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक के लिए भारत आ रहे हैं. इसी दौरान मस्क द्वारा संभावित भारतीय निवेश की घोषणा करने की उम्मीद है, जिसमें ईवी विनिर्माण सुविधाओं के लिए धन की प्रतिबद्धता भी शामिल है. इस समय उनकी कंपनी बाजार मूल्य के हिसाब से दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोटिव कंपनी है.
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सरकार से मिली है राहत
हाल के नीतिगत बदलावों ने वाहन निर्माताओं को 15% कम आयात शुल्क पर 35,000 डॉलर या उससे अधिक कीमत वाले ईवी (Electric Vehicle) आयात करने की अनुमति दी है. लेकिन, यह भारत में मैन्यूफैक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए तीन वर्षों के भीतर $500 मिलियन का निवेश करने के लिए वाहन निर्माताओं की प्रतिबद्धता पर निर्भर होगा. टेस्ला शुरुआत में भारतीय बाजार के लिए प्रीमियम, फीचर-आधारित इलेक्ट्रिक मॉडल पर दांव लगा सकती है, इसके अलावा स्थानीय स्तर पर एंट्री-लेवल इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण पर भी विचार कर सकती है.
टाटा ने शुरू कर दी है भर्ती
इस बीच टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने हाल के महीनों में 50-60 शीर्ष-स्तरीय प्रवासियों की भर्ती करके अपने कार्यबल को बढ़ाया है. ये लोग सेमीकंडक्टर टेक्नोलोजी, रणनीतिक योजना और डिजाइन में उनकी व्यापक विशेषज्ञता का लाभ उठाकर अपने व्यवसाय संचालन को बढ़ावा दे रहा है. उद्योह एक्सपर्ट्स का मानना है कि टेस्ला कम से कम 2 से 3 अरब डॉलर के निवेश के जरिए भारत में ही ईवी बनाएगा. इसके साथ ही टेस्ला भारत में अपना मैन्युफैक्चरिंग प्लांट भी लगा सकता है.
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