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खौफ में चीन के इन्वेस्टमेंट बैंकर, सरकार ही बन गई 'दुश्मन', पासपोर्ट भी कर लिए जब्त
चीन की कम्युनिस्ट सरकार इन्वेस्टमेंट बैंकरों पर कार्रवाई कर रही है. कई बैंकरों के पासपोर्ट भी जब्त कर लिए गए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
चीन के इन्वेस्टमेंट बैंकर इन दिनों मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं. शी जिनपिंग की कम्युनिस्ट सरकार उन्हें तरह-तरह से प्रताड़ित कर रही है. सरकार ने इन बैंकरों के लिए देश में जीना मुश्किल कर दिया है और उन्हें देश छोड़ने की भी इजाजत नहीं है. एक रिपोर्ट बताती है कि भ्रष्टाचार के मामले में कम से कम 8700 इन्वेस्टमेंट बैंकरों को हिरासत में लिया गया है. सरकार ने उनका पासपोर्ट भी जब्त कर लिया है.
विदेश में गिरफ्तारी
इस साल अगस्त से लेकर अब तक अलग-अलग सिक्योरिटी फर्मों के कम से कम तीन शीर्ष निवेश बैंकरों को चीनी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है, जिससे उद्योग जगत में हड़कंप मच गया है. इनमें से हैटोंग सिक्योरिटीज से जुड़े पीड़ित ने चीनी सरकार के जुल्म से बचने के लिए गुपचुप देश छोड़ दिया था, लेकिन चीन के इशारे पर उसे विदेश में गिरफ्तार कर लिया गया. पीड़ित को वापस चीन लाया गया है और अब उसे इसकी सजा भी दी जाएगी.
पूर्व अनुमति आवश्यक
इस मामले से परिचित लोगों के अनुसार, हैटोंग सिक्योरिटीज और अन्य सरकारी समर्थित ब्रोकरेज फर्म ने हाल ही में अपने कई इन्वेस्टमेंट बैंकरों को पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था. साथ ही उनके लिए सभी व्यावसायिक और व्यक्तिगत यात्रा की पूर्व अनुमति लेना आवश्यक किया गया है. बताया जा रहा है कि कंपनियों ने ऐसा चीनी अधिकारियों के कहने पर किया है.
इस्तीफा भी आसान नहीं
सूत्रों के अनुसार, कुछ कर्मचारियों को बताया गया है कि रेगुलेटर आरंभिक सार्वजनिक पेशकशों (IPO) और अन्य पूंजी जुटाने की गतिविधियों की जांच कर रहे हैं. बैंकरों को किसी भी समय पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है. ब्रोकरेज फर्म ने विदेश यात्राओं के लिए मंजूरी को कड़ा कर दिया है और कर्मचारियों से कहा है कि इस्तीफा देने के लिए भी उन्हें मंजूरी लेनी होगी. इतना ही नहीं, जिनकी व्यावसायिक यात्रा को पहले मंजूरी मिल गई है, उन्हें अपने साथ एक सहयोगी को लेकर जाना होगा. इसके साथ ही तय कार्यक्रम के बाहर उन्हें किसी भी गतिविधि की इजाजत नहीं होगी.
सैलरी में कटौती
चीन की कम्युनिस्ट सरकार ने अपने स्वामित्व वाले वित्तीय संस्थानों के वरिष्ठ कर्मचारियों की सैलरी पर भी कैंची चलाई है. उनकी वार्षिक सैलरी को 2.9 मिलियन युआन ($400,000) तक सीमित कर दिया है, जबकि चाइना इंटरनेशनल कैपिटल कॉरपोरेशन में ऑनशोर बैंकरों के वेतन में हाल ही में उनके मूल वेतन के 25% तक की कटौती की गई है. जानकारों का मानना है कि सरकार की दमनकारी नीतियां वित्तीय कर्मचारियों के मनोबल को प्रभावित करेंगी. उनमें डर का माहौल है, वह ठीक से काम भी नहीं कर पा रहे हैं.
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