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भारत का टॉप ट्रेडिंग पार्टनर चीन, जानिए जुलाई में हमने कितने बिलियन डॉलर का सामान खरीदा
इसमें बड़ी चिंता वाली बात ये है कि जुलाई में भारत ने चीन से इंपोर्ट ज्यादा किया है, जबकि एक्सपोर्ट सिर्फ 1.26 बिलियन डॉलर किया है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: अमेरिका को पछाड़कर चीन एकबार फिर भारत का टॉप ट्रेडिंग पार्टनर बन गया है. वाणिज्य मंत्रालय की तरफ से जारी लेटेस्ट आंकड़ों के मुताबिक जुलाई में भारत और चीन के बीच 11.49 बिलियन डॉलर का कारोबार हुआ, जबकि अमेरिका के साथ 11.08 बिलियन डॉलर का कारोबार हुआ. अमेरिकी के पिछड़ने का कारण वहां मंदी की आहट को बताया जा रहा है.
भारत ने चीन से इंपोर्ट कितना किया
आंकड़ों के मुताबिक जुलाई महीने में भारत ने चीन से 10.2 बिलियन डॉलर का इंपोर्ट किया है. हालांकि पिछले चार महीने के आंकड़ों के अनुसार भारत का टॉप ट्रेड पार्टनर अमेरिका ही है. पिछले चार महीने में भारत और अमेरिका के बीच 46.2 बिलियन डॉलर का ट्रेड हुआ है, जबकि चीन के साथ 40.4 बिलियन डॉलर का ट्रेड हुआ है.
भारत के लिए चिंता वाली बात क्या
इसमें बड़ी चिंता वाली बात ये है कि जुलाई में भारत ने चीन से इंपोर्ट ज्यादा किया है, जबकि एक्सपोर्ट सिर्फ 1.26 बिलियन डॉलर किया है. इस हिसाब से करीब 9 बिलियन डॉलर का ट्रेड गैप बन गया है. यानी, भारत की चीन पर निर्भरता ज्यादा बढ़ गई है. अप्रैल से जुलाई के डेटा के अनुसार, चीन के साथ भारत का एक्सपोर्ट पिछले साल के मुकाबले करीब 33 प्रतिशत गिरा है, जबकि इंपोर्ट सिर्फ जून के मुकाबले 16 प्रतिशत बढ़ा है. भारत ने जून में चीन से 8.8 बिलियन डॉलर का इंपोर्ट किया था.
भारत ने चीन से सबसे अधिक क्या इंपोर्ट किया
भारत ने जुलाई में चीन से सबसे अधिक एंटीबायोटिक्स, फर्टिलाइजर्स, चांदी, मोटर पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल ट्रांसफॉर्मर्स, एयर एंड वैक्युम पंप्स और प्रिंटिंग मशीनरी इंपोर्ट किया. जुलाई में करीब 154 मिलियन डॉलर का तो सिर्फ चांदी ही इंपोर्ट किया गया. भारत ने चीन से 111 मिलियन डॉलर का एयर एंड वैक्युम पंप इंपोर्ट किया. इसके अलावा भारत ने चीन से 49 मिलियन डॉलर का रेफ्रिजरेटर और एसी, 120 मिलियन डॉलर का इलेक्ट्रिकल ट्रांसफॉर्मर इंपोर्ट किया.
सरकार का प्रयास कारगर नहीं दिख रहा
इसके अलावा सिर्फ जुलाई में भारत ने चीन से 119 मिलियन डॉलर का मोटर पार्ट्स इंपोर्ट किया. एक्सपर्ट्स के अनुसार, इंपोर्ट के मामले में भारत की चीन पर निर्भरता लगातार बढ़ती जा रही है. भारत सरकार ने PLI स्कीम के तहर पिछले 2 सालों से यह कोशिश कर रही है कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाई जाई और चीन से इंपोर्ट की निर्भरता कम की जाए, लेकिन यह प्रयास कारगर नहीं दिख रहा है.
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