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बच्चों का फेवरेट Bournvita नहीं है हेल्दी, सरकार ने जारी किया आदेश, जानें पूरा मामला
एक मार्केट स्टडी के मुताबिक वर्तमान में भारतीय एनर्जी ड्रिंक और स्पोर्ट्स ड्रिंक बाजार का साइज 4.7 बिलियन डॉलर है और साल 2028 तक 5.71 प्रतिशत कम्पाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ने की उम्मीद है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago
सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को एक बड़ा आदेश जारी किया है. सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को Bournvita समेत ड्रिंक्स और Beverages जैसे सभी पेय पदार्थ को हेल्थ ड्रिंक्स की कैटेगरी से हटाने के लिए कहा है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने एक अधिसूचना के जरिए इसकी जानकारी दी है. सरकार का यह बयान राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के इस निष्कर्ष के बाद आया है कि खाद्य सुरक्षा नामक अधिनियम 2006 और इसके नियमों के तहत कोई हेल्थ ड्रिंक्स परिभाषित नहीं है.
हेल्थ ड्रिंक श्रेणी में बेचे जा रहे ये ड्रिंक
इससे पहले अप्रैल के शुरुआत में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने सभी ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार परिचालकों (FBO) को अपनी वेबसाइट पर बेचे जाने वाले सभी खाद्य उत्पादों का उचित वर्गीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था. FSSAI के मुताबिक ‘प्रोपराइटर फूड’ के तहत लाइसेंस प्राप्त खाद्य उत्पादों को डेयरी-आधारित पेय मिश्रण या अनाज-आधारित पेय मिश्रण की श्रेणी के तहत ई-कॉमर्स वेबसाइट पर ‘हेल्थ ड्रिंक’, ‘एनर्जी ड्रिंक’ आदि की श्रेणी में बेचा जा रहा है.
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क्यों जारी किया ऐसा आदेश?
FSSAI ने ई-कॉमर्स साइटों को आगाह किया कि गलत शब्दों का इस्तेमाल कस्टमर्स को गुमराह कर सकता है. इसलिए, इसने सभी ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBO) को ऐसे पेय पदार्थों को 'हेल्थ ड्रिंक्स/एनर्जी ड्रिंक्स' कैटेगरी से हटाकर अलग करके सुधार करने की सलाह दी. FSSAI ने कहा कि एफएसएस नियम के तहत हेल्थ ड्रिंक्स नाम जैसी कोई चीज ही नहीं है.
ग्राहकों को गुमराह करने का आरोप
FSSAI ने ई-कॉमर्स साइटों को आगाह किया कि गलत शब्दों का इस्तेमाल उपभोक्ताओं को गुमराह कर सकता है. इसलिए इसने सभी ई-कॉमर्स फूड बिजनेस ऑपरेटर्स (FBO) को ऐसे पेय पदार्थों को 'हेल्थ ड्रिंक्स/एनर्जी ड्रिंक्स' श्रेणियों से हटाकर या अलग करके सुधार करने की सलाह दी. इसके अतिरिक्त 'एनर्जी ड्रिंक्स' शब्द को केवल कार्बोनेटेड और नॉन-कार्बोनेटेड पानी-आधारित स्वादयुक्त पेय जैसे उत्पादों पर उपयोग की अनुमति है.
ड्रिंक मार्केट का है बड़ा साइज
नियामक संस्था ने कहा कि इन निर्देश का उद्देश्य सुधारात्मक कार्रवाई के जरिए प्रोडक्स के नेचर और क्वालिटी में स्पष्टता और सुधार बढ़ाना है. ताकि ग्राहकों तक कोई भ्रामक जानकारी नहीं पहुंच सके और लोग एक अच्छा विकल्प चुन सकें. एक मार्केट स्टडी के मुताबिक, मौजूदा एनर्जी ड्रिंक और स्पोर्ट्स ड्रिंक मार्केट का साइज 4.7 अरब डॉलर है और 2028 तक 5.71 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है.
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