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2030 तक भारत का InvIT बाजार 3 गुना बढ़कर 258 अरब डॉलर तक पहुंचेगा: रिपोर्ट
नाइट फ्रैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक स्तर पर भारत इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का केंद्र बन रहा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
नाइट फ्रैंक इंडिया की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (InvITs) बाजार 2030 तक 3.5 गुना बढ़कर 258 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. यह तेजी से बढ़ता हुआ सेक्टर देश को वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश में एक प्रमुख गंतव्य के रूप में स्थापित कर रहा है.
भारत बना चौथा सबसे बड़ा InvIT और REIT बाजार
रिपोर्ट के अनुसार, भारत इस समय InvITs और रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट्स (REITs) के मामले में जापान, सिंगापुर और हांगकांग के बाद एशिया का चौथा सबसे बड़ा बाजार है. 2025 तक भारत में 5 REITs और 17 InvITs सूचीबद्ध हैं जिनका कुल बाज़ार पूंजीकरण 33.2 अरब डॉलर है.
AUM में तीन गुना से अधिक उछाल की संभावना
भारत में InvITs का एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) 2025 में लगभग 73 अरब डॉलर रहा, जो 2030 तक बढ़कर 258 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है. इस वृद्धि को बढ़ावा देने वाले कारकों में संस्थागत निवेश, घरेलू बीमा व पेंशन फंडों की भागीदारी और खुदरा निवेशकों के बीच बढ़ती जागरूकता शामिल हैं.
सरकारी नीतियों से मिला समर्थन
सरकार की ओर से पूंजीगत व्यय में बढ़ोतरी और PPP मॉडल को प्राथमिकता देने के कारण भी InvITs को समर्थन मिला है. केंद्र सरकार का इंफ्रास्ट्रक्चर व्यय FY15 में 12 अरब डॉलर से FY25 में 75 अरब डॉलर तक पहुंच गया है. साथ ही, National Monetisation Pipeline (NMP) के तहत 2025 तक 95% लक्ष्य पूरा किया जा चुका है और NMP 2.0 के तहत 2030 तक ₹10 ट्रिलियन मूल्य की परिसंपत्तियों के मौद्रीकरण का लक्ष्य तय किया गया है.
कई सेक्टर्स में दिखा रहा विस्तार
सड़क, ऊर्जा, प्राकृतिक गैस, दूरसंचार और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में InvITs का विस्तार देखा जा रहा है. विशेष रूप से सड़क क्षेत्र में NHAI की टोल परिसंपत्तियों का केवल 21% ही अभी तक InvITs के अंतर्गत आया है, जिससे मौद्रीकरण की बड़ी संभावनाएं बनी हुई हैं.
बाजार में विविधता की आवश्यकता
हालांकि, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और पवन ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में InvITs की पहुंच अभी सीमित है. रिपोर्ट बताती है कि स्थिर राजस्व मॉडल, क्रेडिट एन्हांसमेंट, और PPP ढांचे में सुधार से निवेशकों का भरोसा और बढ़ाया जा सकता है.
रिटेल और विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देने की रणनीति
नाइट फ्रैंक ने आगे बढ़ने के लिए कुछ प्रमुख रणनीतियों की पहचान की है, जैसे रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ाना, विदेशी निवेशकों के लिए हेजिंग विकल्प देना, बीमा और पेंशन फंड की भागीदारी को बढ़ावा देना और InvIT ढांचे के तहत डेटा सेंटर और शहरी परिवहन जैसी नई परिसंपत्तियों को शामिल करना है.
भारत बन सकता है वैश्विक नेता
2030 तक भारत का InvIT बाजार 258 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता रखता है. घरेलू और विदेशी निवेश को आकर्षित कर, भारत न केवल एशिया में अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है, बल्कि वैश्विक इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश परिदृश्य में भी अग्रणी बन सकता है.
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