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स्टार्टअप की सफलता के लिए क्या है ज़रूरी? प्रोफेसर ध्रुव नाथ ने बताया गुरुमंत्र
एक सफल स्टार्टअप के लिए क्या ज़रूरी है, यह समझाने के लिए प्रोफेसर ध्रुव नाथ ने एक कंपनी का उदाहरण दिया.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
स्टार्टअप आजकल एक बेहद चर्चित टर्म हो गया है. युवा अपने सपनों को हकीकत में बदलने के लिए स्टार्टअप शुरू कर रहे हैं और अपनी क़ाबलियत के बल पर सफल भी हो रहे हैं. ऐसे ही कुछ स्टार्टअप फाउंडर्स के बारे में ‘BW Disrupt 30 under 30’ में बात की जा रही है. दिल्ली में चल रहे इस कार्यक्रम में BW बिज़नेस वर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉक्टर अनुराग बत्रा सहित तमाम हस्तियां मौजूद हैं.
प्रोफेसर ध्रुव नाथ ने रखे विचार
कार्यक्रम का उद्घाटन भाषण BW बिज़नेस वर्ल्ड के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ और एक्सचेंज4मीडिया के फाउंडर डॉक्टर अनुराग बत्रा ने दिया. इसके बाद Opening Keynote में बोलते हुए Lead Angels Network के डायरेक्टर प्रोफेसर ध्रुव नाथ ने स्टार्टअप्स को लेकर अपने विचार रखे. उन्होंने बताया कि किस तरह किसी स्टार्टअप को सफल बनाया जा सकता है.
फंडिंग कोई मुद्दा नहीं
स्टार्टअप की फंडिंग के बारे में बात करते हुए प्रोफेसर नाथ ने कहा, ‘सही स्टार्ट अप, सही बिज़नेस के लिए फंडिंग कोई मुद्दा नहीं है. बतौर Lead Angels के इन्वेस्टर और अपने अनुभव के आधार पर मैं यह कह सकता हूं कि सही आईडिया के लिए फंडिंग कोई समस्या नहीं है’. उन्होंने आगे कहा, ‘20 साल पहले हम आईबॉल्स पर फोकस कर रहे थे, फिर हमने रिवेव्यु पर ध्यान देना शुरू किया, फिर चाहे उसके लिए कुछ भी क्यों न करना पड़े. प्रॉफिटेबिलिटी को भी नज़रंदाज़ करके, लेकिन अच्छी बात यह है कि अब हम प्रॉफिटेबिलिटी के रास्ते पर चल रहे हैं. और इसलिए फंडिंग आज समस्या नहीं है’.
सफलता का राज बताया
अपनी बात आगे बढ़ाते हुए प्रोफेसर नाथ ने कहा, ‘मैं 12 सालों से लीड Angels में निवेशक हूं मैं कई यंग प्रोफेशनल्स का मेंटर रहा हूं. मुझसे हमेशा पूछा जाता है कि मैं कैसे सुनिश्चित करता हूं कि मेरा स्टार्टअप सफल रहे, और रेगुलर इन्वेस्टमेंट आता रहे. दरअसल, मैंने एक फ्रेमवर्क बनाने की कोशिश की, जिससे आप निवेशक के तौर पर खुद को और आपने स्टार्टअप जो जज कर सकें और निवेशक भी उसी फ्रेमवर्क को इस्तेमाल करके आपको जज कर सकें. यदि आप इस फ्रेमवर्क को फॉलो करते हैं, तो आपके सफल होने और निवेश आने की संभावना बढ़ जाती है. लेकिन अगर आप ऐसा नहीं करते, तो संभावना कम हो जाती है. हालांकि, कोई गारंटी नहीं है. यहां तक कि भगवान भी सफलता की गारंटी नहीं दे सकता, लेकिन इस फ्रेमवर्क के इस्तेमाल से सफलता की संभावना ज़रूर बढ़ जाती है. मेरा ये फ्रेमवर्क है - ड्रीम फाउंडर’.
‘Go Desi’ का दिया उदाहरण
एक सफल स्टार्टअप के लिए क्या ज़रूरी है, यह समझाने के लिए प्रोफेसर ध्रुव नाथ ने एक कंपनी का उदाहरण दिया. उन्होंने ‘Go Desi’ के कंपनी के फाउंडर विनय कोठारी की किताब ‘द ड्रीम फाउंडर’ का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे विनय ने एक आईडिया को सफल बिज़नेस में बदल दिया. प्रोफेसर नाथ ने ड्रीम फाउंडर में ‘ड्रीम’ का मतलब बताया - ‘D = Dream Big, R= Right Team, E = Execution, A= Attitude, M= Make Opportunities Out of Crisis. उन्होंने कहा कि यदि किसी स्टार्टअप को सफल बनाना है, तो इस पर अमल बहुत ज़रूरी है.
बताई कंपनी बनने की कहानी
प्रोफेसर ने कहा कि विनय कोठारी की कहानी दर्शाती है कि सही आईडिया और सही समय पर सही फैसला पॉजिटिव रिजल्ट लेकर आता है. उन्होंने ‘गो देसी’ के फाउंडर की कहानी बताते हुए कहा, ‘एक गांव की यात्रा के दौरान विनय कोठारी ने वहां कैंडी खाई और उसके स्वाद ने उन्हें दीवाना बना दिया. अलग-अलग फ्लेवर, यहां तक कि कठहल के फ्लेवर वाली कैंडी भी मौजूद थी. उन्होंने दुकानदार से पूछा कि ये कैंडी कहां से आती हैं, उसके एक किसान का नाम बताया. तब तक कोठारी के दिमाग में इस स्वाद की दुनिया तक पहुंचाने का ख्वाब जन्म ले चुका था. वह तुरंत उस किसान के पास पहुंचे. जो एक छोटी से जगह में कैंडी तैयार करता था’.
बड़े सपने देखना है ज़रूरी
प्रोफेसर नाथ ने आगे बताया, ‘किसान से बातचीत के बाद उन्होंने कैंडी को बड़े पैमाने पर लोगों तक पहुंचाने का निर्णय लिया और इस तरह ‘गो देसी’ अस्तित्व में आई. इस कंपनी न केवल लोगों को एक अलग स्वाद से परिचित कराया, बल्कि किसानों की कमाई भी बढ़ाई. गो देसी की सबसे खास बात ये है कि उसने केवल चुनिंदा किसानों को साथ लिया और उन्हें बड़े सपने देखा सिखाया’. उन्होंने कहा, ‘बड़े सपने देखना चाहिए, जब तक आप बड़े सपने नहीं देखते, आप कुछ बड़ा हासिल नहीं कर सके. एक सफल स्टार्टअप के लिए यह भी ज़रूरी है कि आप अपनी टीम, अपने साथियों को लगातार मोटिवेट करते रहें, जैसा कि कोठारी ने किया.’
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