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BW D2C Summit : D2C का बाजार तेजी से उभर रहा है: ऋषि वासुदेव
लेकिन अगर आपके पास एक वैलिड ब्रैंड है तो आप कंज्यूमर से जुड़ सकते हैं. नए जमाने की कंज्यूमर की सोच और उसकी वर्किंग बहुत अलग है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
BW D2C Summit में BW बिजनेस वर्ल्ड के एडिटर इन चीफ और चेयरमैन और समाचार4मीडिया के संस्थापक डॉ.अनुराग बत्रा और G.O.A.T Brand Labs के फाउंडर ऋषि वासुदेव के बीच हुए एक दिलचस्प फायरसाइट चैट में ऋषि वासुदेव ने कहा कि आज डीटूसी से जुड़े कई ब्रैंड बहुत तेजी से उभर रहे है. पिछले कुछ सालों में डीटूसी के कारोबार ने तेजी से ग्रोथ की है. उन्होंने कहा कि पहले आपको डिस्ट्रीब्यूशन और ब्रैंड को स्ट्रॉंग बनाने के लिए आपको पैसे की जरूरत होती थी. लेकिन आज समय और परिस्थितियां बदल चुकी है. आज अगर आपके पास एक अच्छा ब्रैंड है तो आप बाजार में अपनी पकड़ बनाने का काम शुरु कर सकते हैं. आप उसके लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर सकते हैं.
2030 कई गुना बड़ी होगी ये इंडस्ट्री
उन्होंने कहा कि कई ब्रैंड ऐसे हैं जो पिछले कई सालों से काम करते चले आ रहे है. लेकिन आज कंज्यूमर की पसंद में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. कोई बड़े ब्रैंड्स में जाना पसंद करता है तो कोई ऐसा है जो आपके प्रोडक्ट को देखता है. उन्होंने कहा कि अगर मैं अपैरल सेक्टर की बात करूं तो यहां कंज्यूमर फैशन पर निर्भर करता है.
अगले 10 सालों में आप डीटूसी को कहां देखते हैं
ऋषि वासुदेव ने डॉ अनुराग बत्रा के साथ हुए फायरसाइट चैट बेहद दिलचस्प रहा. डॉ बत्रा के इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ये एक साल में एक बड़ा चैलेंज होगा, बैंकेंड एफिशियंसी महत्वपूर्ण है. थर्ड ब्रैंड मार्केटिंग बहुत अहम है. डीटूसी सेक्टर में बहुत से बदलाव आ रहे हैं.
अगर कई ब्रैंडस ऐसे हैं जो सेलिब्रिटी इस्तेमाल करते हैं और बैनर और होर्डिंग जैसी चीजों का इस्तेमाल करते हैं. आज बाजार में नए ब्रैंड्स के लिए स्वीकार्यता है. लेकिन उसके लिए जरूरी है कि आपका ब्रैंड ऑथेंटिक होना चाहिए.
सभी डीटूसी फिजिकली रिटेल में जा रहे हैं ऐसा क्यों
आपकी कंपनी का डीएनए डायरेक्ट टू कंज्यूमर हैं तो आपके पास उसके लिए कई डिजाइन हैं, आप रिटेल स्टोर में जा सकते हैं, तो उसके बाद अपने ब्रैंड में कई तरह के बदलाव ला सकते हैं, प्राइस स्ट्रैटजी या मार्केटिंग प्रमोशन जैसी चीजो को लेकर देख सकते हैं. आप कोई स्टोर पांच साल के लिए लेते हैं, आप उसमें कैपेक्स लगाते हैं, अगर सोचिए बाजार आपकी शॉप के अनुसार कमजोर हो जाता है तो आपको भी अपनी रणनीति में कदलाव करना होगा. अगर कुछ महीने स्लो निकल गए तो भी आपको फंड करना पड़ेगा. 30 प्रतिशत के लिए ये सही है लेकिन 70 प्रतिशत आज भी ऑनलाइन हैं, इसमें आपके लोअर ओवरहेड होता है फास्टर स्ट्रैटजी बदली जा सकती है.
चुंबक को आप सक्सेस बनाने के लिए क्या कर रहे हैं
कोविड के दौरान मैंने बड़ी ऑफलाइन एग्रेसिव स्ट्रैटजी के साथ काम किया था, चुंबक के सामने दूसरे बाजारों में भी जाने की क्षमता है. आज ये आधा ऑनलाइन और आधा ऑफलाइन है. इस प्रोडक्ट की वेबसाइट में बड़ा पोटेंशियल है. उसे हर उम्र के लोग बड़ा पसंद करते हैं,
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