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Budget 2023: बजट से पहले जानिए क्या हो सकता है महंगा और क्या सस्ता?
आज पेश होने वाले यूनियन बजट पर पूरे देश की निगाहें हैं. खासकर महंगाई की मार झेल रही जनता को बजट से काफी उम्मीदें हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए बजट पेश करेंगी. अगले साल होने वाले आम चुनावों से पहले ये मोदी सरकार का अंतिम पूर्ण बजट है, लिहाजा माना जा रहा है कि फाइनेंस मिनिस्टर सबको खुश करने का प्रयास करेंगी. हालांकि, बजट में कुछ वस्तुओं को महंगा किए जाने का प्रावधान भी हो सकता है. चलिए जानते हैं कि इस बार के बजट में क्या सस्ता और क्या महंगा हो सकता है.
इस पर रहेगा जोर
वैसे तो बजट पेश होने के बाद ही पूरी तस्वीर साफ हो पाएगी, लेकिन बजट से पहले विभिन्न मंत्रालयों ने वाणिज्य उद्योग मंत्रालय को अपनी जो सिफारिशें भेजी हैं, उससे कुछ हद तक अंदाजा लगाया जा सकता है कि बजट में कौन-कौन सी चीजें सस्ती या महंगी होंगी. माना जा रहा है कि बजट में सरकार का पूरा फोकस आत्मनिर्भर भारत पर होगा. वित्त मंत्री की पूरी कोशिश रहेगी कि देश में उत्पादन को बढ़ाने और गैर आवश्यक वस्तुओं के आयात को कम करने के प्रावधान किए जाएं. इससे व्यापार में तो संतुलन आएगा ही, साथ ही चालू खाते के घाटे को कम किया जा सकेगा.
ये हो सकते हैं महंगे
अलग-अलग मंत्रालयों ने उन सामानों की लिस्ट भेजी है, जिसके आयात की आवश्यक नहीं है. इस लिस्ट में 35 नाम शामिल है, जिनके आयात पर टैक्स बढ़ाया जा सकता है. जिन सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी टैक्स बढ़ाया जा सकता है, उनमें प्राइवेट जेट्स, हेलीकॉप्टर्स, महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम्स, प्लास्टिक का सामान, ज्वेलरी, हाई-ग्लॉस पेपर, स्टील प्रोडक्ट, लेदर और विटामिन्स शामिल हैं. टैक्स बढ़ने और आयात कम होने ने देश में इन सामानों के प्रोडक्शन को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन इनकी कीमतें भी बढ़ जाएंगी.
यहां मिल सकती है राहत
वाणिज्य उद्योग मंत्रालय ने रत्न और आभूषण सेक्टर के लिए गोल्ड और कुछ दूसरे सामान पर आयात शुल्क घटाने का सुझाव दिया है. इससे ज्वैलरी और दूसरे फिनिश प्रोडक्ट का एक्सपोर्ट बढ़ाने में मदद मिलेगी. यदि वित्त मंत्री इस सुझाव को स्वीकार करती हैं, तो रत्न और आभूषण सस्ते हो सकते हैं. बता दें कि पिछले साल बजट में सरकार ने सोने पर आयात शुल्क को 10.75 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था. माना जा रहा है कि सरकार इस बार के बजट में देश की घरेलू ज्वैलरी इंडस्ट्री को कई मोर्चों पर राहत दे सकती है.
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