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Britannia का बड़ा ऐलान, इस फैक्ट्री पर लटकेगा ताला, सभी कर्मचारियों ने लिया VRS
Britannia Industries का कारोबार दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है. भारत में ब्रिटानिया की 13 फैक्ट्री हैं. कंपनी का सालाना रेवेन्यू 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
एफएमसीजी सेक्टर (FMCG Sector) की दिग्गज कंपनी ब्रिटानिया देश की आजादी के समय 1947 में खोली गई अपनी एक फैक्ट्री को बंद करने जा रही है. पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित यह ऐतिहासिक फैक्ट्री ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड (Britannia Industries) की सबसे पुरानी प्रोडक्शन यूनिट है. ब्रिटानिया को मारी गोल्ड (Marie Gold) और गुड डे (Good Day) जैसे बिस्किट बनाने के लिए जाना जाता है. कंपनी की इस फैक्ट्री में काम करने वाले सभी परमानेंट कर्मचारियों ने वीआरएस (VRS) ले लिया है.
फैक्ट्री का आजादी से पहले का है इतिहास
Britannia Biscuit की इस फैक्ट्री को बंद करना कोलकाता के इंडस्ट्रियल लैंडस्केप में एक युग का अंत है. दरअसल, ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड का तारातला में स्थित ये ऐतिहासिक कारखाना है. बता दें कि आज हजारों करोड़ की कंपनी ब्रिटानिया ने बिस्कुट बनाने की शुरुआत साल 1892 में महज 295 रुपये के निवेश से कोलकाता में ही एक छोटी सी दुकान से की थी. फिर द्वितीय विश्व युद्ध (Second World War) के दौरान इसका बिजनेस इस तेजी से बढ़ा कि हर घर में ये पहुंच गया. पूर्व मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो कंपनी को ब्रिटिश कारोबारियों ने शुरू किया था और बाद में Wadia Family के हाथ इसकी कमान आ गई. आज Britannia Industries का कारोबार आज दुनिया के 60 से ज्यादा देशों में फैला हुआ है. भारत में ब्रिटानिया की 13 फैक्ट्री हैं. कंपनी का सालाना रेवेन्यू 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा है.
मई 2023 से बंद था प्रोडक्शन
कोलकाता से शुरुआत करने वाली इस कंपनी की तारातला स्थित ऐतिहासिक फैक्ट्री को बंद करना ना शहर के आर्थिक इतिहास के साथ ही इसमें काम करने वाले कर्मचारियों के लिए भी एक बड़ा झटका है. हालांकि, कंपनी की ओर से बताया गया कि इस यूनिट में बीते साल मई महीने से ही प्रोडक्शन बंद था और अब इसे पूरी तरह से बंद करने की घोषणा की है. कंपनी ने सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने पर कर्मचारियों को एक बड़ी राशि का आश्वासन भी दिया है. ब्रिटानिया की इस यूनिट में 122 स्थायी कर्मचारी और करीब 250 संविदा कर्मचारी पिछले 10 सालों से काम कर रहे थे, जो अब बेरोजगार होने वाले हैं.
किसी कर्मचारी पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा
ब्रिटानिया ने एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए इस फैक्ट्री को बंद करने का ऐलान किया था. सन 1947 में बनी इस फैक्ट्री ने कंपनी को देशभर में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी. यह कोलकाता के ताराताला इलाके में बनी हुई है. कंपनी ने बताया कि फैक्ट्री बंद करने से किसी कर्मचारी पर दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा. सभी कर्मचारी वॉलंटरी रिटायरमेंट (Voluntary Retirement Scheme) ले चुके हैं. साथ ही इस फैक्ट्री के बंद होने से कंपनी का बिजनेस भी प्रभावित नहीं होगा. रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैक्ट्री के बंद होने से लगभग 150 कर्मचारियों पर प्रभाव पड़ेगा. कंपनी ने सभी स्टेकहोल्डर्स को जानकारी दी है कि फैक्ट्री बंद होने से कंपनी के रेवेन्यू पर कोई असर नहीं पड़ेगा. सोमवार को ब्रिटानिया के शेयर बीएसई पर 0.34 फीसदी घटकर 5,311.95 रुपये पर बंद हुए.
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