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Britannia के शेयरहोल्डर्स ने दिया कंपनी को झटका, रिजेक्ट किया 5000 करोड़ का प्रपोजल

इससे कंपनी के भविष्य में किसी भी तरह के विस्तार करने के निर्णय पर असर पड़ सकता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

नई दिल्लीः देश की प्रमुख एफएमसीजी कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्री को उसके शेयरहोल्डर्स ने बड़ा झटका दिया है. शेयरहोल्डर्स ने हाल ही में संपन्न हुई एक एजीएम में कंपनी का प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया है, जिसके तहत वो 5 हजार करोड़ रुपये तक का निवेश, लोन या गारंटी दे सकती है. 

कंपनी के विस्तार पर पड़ सकता है असर

29 जून, 2022 को ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि निवेश, लोन, विशेष गारंटी और सिक्युरिटी के लिए सीमा बढ़ाने के लिए लाए गए स्पेशल प्रपोजल को "अपेक्षित बहुमत के साथ पारित नहीं हो पाया" है. इससे कंपनी के भविष्य में किसी भी तरह के विस्तार करने के निर्णय पर असर पड़ सकता है. 

कंपनी अधिनियम कानून के तहत यह अनिवार्य है कि एक विशेष प्रस्ताव को सुपर बहुमत से पारित करने की आवश्यकता होती है और इसमें प्रस्ताव के पक्ष में  कम से कम 75 फीसदी सदस्यों की हामी होना जरूरी है. कंपनी को स्पेशल प्रस्ताव में कुल 19.60 करोड़ मतों में से केवल 73.35 फीसदी वोट प्राप्त हुए, जिसमें से 26.64 फीसदी वोट प्रस्ताव के विरुद्ध थे.

एजीएम में 71.13 फीसदी सार्वजनिक संस्थानों और 70.86 प्रतिशत गैर-सार्वजनिक संस्थानों ने  निवेश, लोन, विशेष गारंटी और सिक्युरिटी के लिए 5,000 करोड़ रुपये तक के प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया. हालांकि, इसे प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप से 100 फीसदी सपोर्ट मिला. 

चेयरमैन की सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव मंजूर

इसके अलावा शेयरहोल्डर्स ने दो अन्य विशेष प्रस्तावों - इसके अध्यक्ष नुस्ली एन वाडिया को पारिश्रमिक की मंजूरी और केकी एलाविया को एक स्वतंत्र निदेशक के रूप में फिर से नियुक्त करना को पास कर दिया, लेकिन चेयरमैन की सैलरी बढ़ाने के प्रपोजल पर  59.31 फीसदी सार्वजनिक संस्थानों और 59.90 फीसदी  सार्वजनिक गैर-संस्थान खिलाफ थे. हालांकि इस प्रस्ताव को प्रमोटरों और कुछ अन्य निवेशकों की मदद से मिले कुल 76.94 फीसदी वोटों के साथ पारित किया गया. वाडिया को 7.33 करोड़ रुपये की सैलरी 2021-22 के लिए सभी नॉन- एक्जिक्यूटिव डायरेक्टरों को देय कुल वार्षिक सैलरी से 50 फीसदी से अधिक है.


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