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सरकार ने Vedanta चीफ अनिल अग्रवाल को क्यों दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी?
अडानी संकट के बाद कंपनियों की लिक्विडिटी और देनदारियों को चुकाने की क्षमता निवेशकों के बीच चिंता का विषय बन गई है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
माइनिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी वेदांता (Vedanta) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल (Anil Agarwal) को सरकार ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है. दरअसल, अडानी संकट के मद्देनजर ज्यादातर कंपनियों ने कर्ज चुकाने पर फोकस कर लिया है. वेदांता भी इसी क्रम में अपनी एक यूनिट हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Ltd.) को बेचना चाहती है, जिससे सरकार नाखुश है. सरकार ने आगाह किया है कि कि अगर कंपनी ने ऐसा करने की कोशिश की तो वह लीगल एक्शन पर भी विचार करेगी.
2.98 अरब डॉलर की डील
हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में सरकार की करीब 30 फीसदी हिस्सेदारी है. Vedanta Group अपनी जिस जिंक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को हिंदुस्तान जिंक को बेचने का प्लान बना रहा है, वो THL Zinc Ltd Mauritius है. हिंदुस्तान जिंक ने जनवरी में वेदांता ग्रुप की सहयोगी कंपनी THL Zinc Ltd. Mauritius को 2.98 अरब डॉलर में खरीदने पर सहमति जताई थी. इस खरीद प्रक्रिया को 18 महीने के अंतराल में चरबद्ध तरीके से पूरा किया जाना था. सरकार तब भी इसके लिए राजी नहीं थी और अब उसने स्पष्ट कर दिया है कि यदि ऐसा किया जाता है, तो वो लीगल एक्शन लेगी.
अनिल अग्रवाल को झटका
सरकार के इस कदम से अनिल अग्रवाल की कर्ज कम करने की योजना को झटका लगा है. S&P Global Ratings ने हाल में कहा था कि अगर वेदांता अपने इंटरनेशनल जिंक एसेट्स को बेचकर दो अरब डॉलर नहीं जुटाती तो कंपनी पर दवाब बढ़ सकता है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, खान मंत्रालय ने 17 फरवरी को हिंदुस्तान जिंक को इस बारे में एक पत्र लिखा था. जिसमें कहा गया है कि हिंदुस्तान जिंक के बोर्ड में शामिल सरकारी प्रतिनिधियों ने इस योजना का विरोध किया है और अगर कंपनी ने इस डील को आगे बढ़ाया तो सरकार सभी तरह के कानूनी विकल्पों पर विचार करेगी.
सेमीकंडक्टर प्लांट की जगह फाइनल
दरअसल, अडानी संकट के बाद कंपनियों की लिक्विडिटी और देनदारियों को चुकाने की क्षमता निवेशकों के बीच चिंता का विषय बन गई है. वेदांता कर्ज कम करके अपने निवेशकों की इस चिंता दूर करने की कोशिश कर रही है. कंपनी पर कुल 7.7 अरब डॉलर का कर्ज है, जिसे वह जल्द से जल्द कम करने की कोशिश कर रही है. इस बीच, वेदांता और फॉक्सकॉन ने देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट के लिए गुजरात में जगह फाइनल कर ली है. यह प्लांट अहमदाबाद के नजदीक धोलेरा स्पेशल इन्वेस्टमेंट रीजन में स्थापित किया जाएगा. बता दें कि वेदांता और फॉक्सकॉन के एक ज्वाइंट वेंचर ने पिछले साल गुजरात सरकार के साथ राज्य में एक सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए समझौता किया था. इस प्लांट को लगाने के लिए दोनों कंपनियां करीब 1,54,000 करोड़ रुपए का निवेश करेंगी.
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