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Apollo Hospitals में ब्लॉक डील: प्रमोटर सुनीता रेड्डी ने 1.3% हिस्सेदारी ₹1,489 करोड़ में बेची
इस निर्णायक ब्लॉक डील से स्पष्ट है कि प्रमोटर समूह ने स्थिरता और वित्तीय मजबूती पर ध्यान केंद्रित किया है. कर्ज में कटौती के साथ-साथ व्यापारिक विस्तार और डिजिटल रणनीतियों पर भी पूरा ध्यान बना हुआ है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
अपोलो हॉस्पिटल्स (Apollo Hospitals Enterprise) की प्रमोटर और प्रबंध निदेशक सुनीता रेड्डी ने शुक्रवार को एक ब्लॉक डील के माध्यम से लगभग 1.3% हिस्सेदारी (करीब 1.9 लाख इक्विटी शेयर) बेचकर लगभग ₹1,489 करोड़ जुटाए हैं. इस सौदे से प्रमोटर समूह की होल्डिंग 29.3% से घटकर 28% हो गई है. साथ ही, समूह की कुल होल्डिंग का गिरवी हिस्सा 13.1% से घटकर केवल 2% रह गया है. तो आइए इस डील के बारे में विस्तार से जानते हैं.
डील की शर्तें और मार्केट पर प्रभाव
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह ब्लॉक डील ₹7,850 प्रति शेयर की दर से हुई. जो पिछले दिन के बंद मूल्य ₹7,925 से करीब 1% नीचे था. शेयर बाजार में इस खबर के बाद शुरुआती गिरावट के बाद ही रिकवरी देखने को मिली और शेयर ने डे-हाई ₹7,981.20 तक छू लिया जो कि 52 हफ्तों का नया उच्च स्तर है. वहीं. खबर लिखे जाने के दौरान ये शेयकर 0.10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 7,918.50 पर कारोबार करता दिखा.
कर्ज कम करना, विस्तार योजनाएँ नहीं रोकना
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इस बिक्री से प्राप्त राशि का उपयोग प्रमोटर समूह के बकाया कर्ज को घटाने में किया जाएगा. Morgan Stanley India इस डील में सेलिंग ब्रोकरेज का काम कर रही थी. कंपनी ने यह भी दोहराया कि प्रमोटर समूह Apollo Hospitals, Apollo Health Company और Apollo Health & Lifestyle के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. और फिलहाल कोई और हिस्सेदारी बेचने की योजना नहीं है.
Q1 प्रदर्शन: लाभ में जबरदस्त उछाल
Apollo Hospitals ने वित्त वर्ष 2025‑26 की पहली तिमाही में अपनी आर्थिक ताकत साबित की.
- नेट प्रॉफिट : ₹305.2 करोड़ से बढ़कर ₹432.8 करोड़ (42% की बढ़ोतरी)
- कंसोलिडेटेड आय : ₹5,085.6 करोड़ से बढ़कर ₹5,842.1 करोड़ (15% वृद्धि)
- EBITDA : ₹675 करोड़ से बढ़कर ₹852 करोड़ (26% उछाल)
डिजिटिल सेवाएँ, रिटेल हेल्थकेयर, डायग्नॉस्टिक्स और फार्मा डिस्ट्रीब्यूशन में मजबूत प्रदर्शन इसका मुख्य कारण रहा.
विस्तार योजनाएं और डिजिटल प्लेटफॉर्म की सफलता
30 जून 2025 तक, ग्रुप के नेटवर्क में 8,030 ऑपरेटिंग बेड मौजूद थे. ऑक्यूपेंसी रेट 65% रही. जबकि पिछले वर्ष यह 68% थी. कंपनी अगले 5 वर्षों में 4,300 अतिरिक्त बेड जोड़ने और ₹7,600 करोड़ से अधिक निवेश की योजना बना रही है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म Apollo 24/7 ने तिमाही में ₹682 करोड़ से अधिक का Gross Merchandise Value (GMV) दर्ज किया. जो टेली-कंसल्टेशन, लैब और फार्मेसी डिलीवरी की भारी मांग को दर्शाता है.
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