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क्या बांग्लादेश में फंस गया है Adani का पैसा, भुगतान के मूड में नहीं यूनुस सरकार?
गौतम अडानी की कंपनी बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करती आ रही है. लेकिन पड़ोसी अब उसका भुगतान करने के मूड में नज़र नहीं आ रहा.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 1 year ago
अरबपति कारोबारी गौतम अडानी (Gautam Adani) को पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश से 800 करोड़ डॉलर से अधिक की राशि लेनी है. लेकिन जिस तरह का रुख बांग्लादेश की अंतरिम सरकार दर्शा रही है उससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि क्या अडानी का पैसा फंस गया है? अडानी की कंपनी अडानी पावर बांग्लादेश को बिजली सप्लाई करती है, जिसका भुगतान उसे अब तक नहीं हुआ है. अब बांग्लादेश की नई सरकार भारत से जुड़े व्यवसायों की जांच करने की तैयारी कर रही है और इसमें अडानी समूह से हुई डील भी शामिल है.
खत्म होंगे समझौते!
मीडिया रिपोर्ट्स क अनुसार, मोहम्मद यूनुस की अगुवाई वाली अंतरिम सरकार अडानी पावर के साथ बिजली समझौते की जांच करेगी. सरकार समझौते की शर्त जानना चाहती है और यह भी पता लगाना चाहती है कि इसके लिए चुकाई जा रही कीमत वाजिब है या नहीं. पड़ोसी मुल्क की सरकार के इस रुख से यही लगता है कि उसका इरादा फिलहाल अडानी समूह का बकाया चुकाने का नहीं है. कहा यह भी जा रहा है कि मोहम्मद यूनुस सरकार भारत के साथ पूर्व में हुए समझौतों को भी जांच के बाद खत्म कर सकती है.
यह चाहती है सरकार
बांग्लादेश में अगस्त की शुरुआत में जमकर हिंसा हुई थी. इसके बाद तत्कालनी प्रधानमंत्री शेख हसीना को मुल्क छोड़कर भागना पड़ा था. अब बांग्लादेश में अंतरिम सरकार गठित हो चुकी है और उसका झुकाव भारत की तरफ नहीं है. यही वजह है कि भारत के साथ हुए समझौतों की जांच की बात कही जा रही है. अंतरिम सरकार के एक सदस्य का कहना है कि अडानी समूह जैसे भारतीय व्यवसायों की जांच की जाएगी. सरकार यह जानना चाहती है कि किस तरह के कॉन्ट्रैक्ट साइन किए गए हैं, क्या शर्तें हैं आदि.
ऐसी कोई जानकारी नहीं
नवंबर 2017 में अडानी पावर लिमिटेड ने बांग्लादेश पावर डेवलपमेंट बोर्ड के साथ 25 साल के लिए 1496 MW बिजली खरीद समझौता किया था. अडानी पावर के अलावा देश की कुछ दूसरी कंपनियां भी बांग्लादेश को बिजली की सप्लाई करती हैं. इनमें NTPC लिमिटेड और PTC इंडिया लिमिटेड आदि शामिल हैं. NTPC और PTC भारत सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियां हैं. अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन कंपनियों का बांग्लादेश पर कुछ बकाया है या नहीं है. वहीं, अडानी समूह का कहना है कि उसे समझौते की जांच की कोई जानकारी नहीं है.
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