होम / बिजनेस / बनी रहेगी 7 प्रतिशत की औसत ग्रोथ रेट: निर्मला सीतारमण
बनी रहेगी 7 प्रतिशत की औसत ग्रोथ रेट: निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री ने उस कहानी का जिक्र करते हुए कहा जिसमें एक शिकारी जंगल में कईं चिड़ियों को जाल में फंसा देता है और आखिरकार जब किसी एक के प्रयास से कामयाबी नहीं मिलती तो सभी उस जाल को लेकर उड़ जाते हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि मौजूदा परिस्थ्तियों को देखते हुए ये बात कही जा सकती है कि भारत की औसत ग्रोथ 7 फीसदी तो बनी रहेगी. उन्होंने ये बात एक कार्यक्रम के दौरान कही जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत की ग्रोथ रेट 10 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, तो उन्होंने कहा कि मैं किसी एक नंबर के बारे में तो नहीं कह सकती, लेकिन मौजूदा हालातों को देखते हुए कहा जा सकता है कि 7 फीसदी की औसत रफ्तार भारतीय अर्थव्यवस्था की बनी रहेगी. भारतीय अर्थव्यवस्था के पांचवें स्थान पर पहुंचने के बाद अब और आगे बढ़ने को लेकर सरकार किन चीजों पर ध्यान दे रही है? इस पर उन्होंने कहा कि आज आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस और डिजिटल पेमेंट में भारत की ताकत दिख रही है. 75 डिजिटल बैंकिंग सेक्टर पर काम हो रहा है. यही नहीं हमें और डिजिटाइजेशन की ओर आगे बढ़ना चाहिए.
लेबर पॉलिसी पर क्या बोली वित्त मंत्री
भारत की लेबर पॉलिसी को लेकर निर्मला सीमारमण ने कहा कि लेबर पॉलिसी में इस बात को विशेष तौर पर देखना होगा कि वो लेबर और वर्कफोर्स के हितों को लेकर काम करे. इसीलिए हम डिजिटाइजेशन पर काम कर रहे हैं और दूसरी तकनीक पर काम कर रहे हैं.
क्या पीएलआई के अलावा भी कुछ और करने की है जरूरत
प्रोडक्शन लिंक इनसेंटिव स्कीम को लेकर पूछे गए एक सवाल में वित्त मंत्री ने कहा कि आज मौजूदा हालात में बहुत सी कंपनियां चाइना से बाहर आ रही है. सिर्फ पीएलआई ही नहीं बल्कि दूसरी भी कई योजनाएं हैं. मैंने 2019 में जब वित्त मंत्री के रूप में कामकाज संभाला तो इंडस्ट्री की तरफ से कहा गया कि आप टैक्स रेट को कम करें , लेकिन मैं भारत की इंडस्ट्री के लोगों से पूछना चाहती हूं कि आखिर आपको कौन रोक रहा है. जब विदेशों की कंपनियां भारत आ रही है, एफटीए साइन हो रहे हैं, स्टॉक मार्केट विश्वास से भरा हुआ है. ये भारत के उद्योगों के लिए एक तरह से हनुमान की तरह है जिसे अपनी क्षमता पर विश्वास नहीं है और आप लोग इंतजार कर रहे हैं कि कोई आएगा जो आपसे ये कहेगा कि आप हनुमान हैं. वो इंसान कौन है जो हनुमान से जाकर कहेगा.
सबको मिलकर प्रयास करने की जरूरत
वित्त मंत्री ने उस कहानी का जिक्र करते हुए कहा जिसमें एक शिकारी जंगल में कईं चिडि़यों को जाल में फंसा देता है और आखिरकार जब किसी एक के प्रयास से कामयाबी नहीं मिलती तो सभी उस जाल को लेकर उड़ जाते हैं. उन्होंने कहा कि समय आ गया है सब लोग मिलकर काम करें और एक साथ उस नेट को लेकर आगे बढ़ जाएं. प्री पेंडेमिक इंडिया की बजाए पोस्ट पेंडेमिक इंडिया कई तरह के आउट ऑफ द बॉक्स उपायों के साथ आगे बढ़ रहा है.
समय पर हो एमएसएमई की पेमेंट
जहां तक एमएसएमई को सपोर्ट की बात है तो वो सिर्फ इस पर निर्भर नहीं करता है कि क्या सरकार दे सकती है लेकिन ये इस पर निर्भर करता है कि उन्हें उनका बकाया पेमेंट समय पर मिल जाए. वित्त मंत्री ने कहा कि आप ये जानकर हैरान रह जाएंगें कि जो बकाया पेमेंट है वो बड़ी इंडस्ट्री की ओर से ज्यादा है. इन बकाये को उन्होंने डिक्लेयर किया है. क्या हम उनके पेमेंट को लेकर एक समय सीमा तय कर सकते हैं कि इस समय में वो अपना पेमेंट हासिल कर लें. निर्मला सीतारमण ने कहा कि ये वो समय है जब एक ऐसी सरकार है जो आपकी बात को सुन सकती है जिससे आप कह सकते हैं कि आप ऐसा किजिए. हमें इस अवसर को खोना नहीं चाहिए.
टैग्स