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ऐसा क्या हुआ कि Uber India के प्रेसिडेंट से उलझ पड़े अश्नीर ग्रोवर? जानें पूरा मामला
शार्क टैंक इंडिया के खडूस जज कहे जाने वाले अश्नीर ग्रोवर अब Uber इंडिया के प्रेसिडेंट के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर खासे नाराज हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
भारतपे के पूर्व फाउंडर और रियलिटी TV शो 'शार्क टैंक इंडिया' के जज रहे अश्नीर ग्रोवर फिर एक बार सुर्खियों में हैं. दरअसल, अश्नीर ने पहले उबर (Uber) के सोशल मीडिया पर किए गए दावे का जमकर मजाक उड़ाया फिर उबर इंडिया के अध्यक्ष प्रभजीत सिंह को भी निशाने पर ले लिया. इसके बाद से हर तरफ उनकी चर्चा हो रही है. चलिए जानते हैं कि पूरा माजरा है क्या.
ऐसे शुरू हुआ मामला
उबर (Uber) ने हाल ही में अपना वार्षिक विश्लेषण शेयर करते हुए बताया था कि भारतीयों ने 2022 में अपनी कैब यात्रा में 11 अरब मिनट खर्च किए. उबर इंडिया के प्रेसीडेंट प्रभजीत सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि 2022 में देखा गया कि भारतीयों ने फिर से बड़ी यात्रा शुरू की और महामारी के बाद शहर व्यापार के लिए वापस खुले. इस दौरान उबर ने 4.5 अरब किलोमीटर की दूरी तय की, जो पृथ्वी से नेपच्यून तक की दूरी है. अश्नीर ग्रोवर को उबर की यह दावा पसंद नहीं आया और उन्होंने कंपनी की क्लास लगा डाली.
पृथ्वी पर सेवाएं सुधारें
अश्नीर ग्रोवर ने अपने एक ट्वीट में लिखा, 'उबर को पृथ्वी पर सेवाओं में सुधार की जरूरत है, न कि चंद्रमा की'. इसके अलावा, उन्होंने इस मुद्दे पर एक ट्विटर पोल भी करा डाला. इसमें उन्होंने लिखा - उबर के मुताबिक उन्होंने भारत में मिल्की वे (Milky Way) जितनी लंबी यात्राएं की हैं. तो मंगल की सवारी आप किसके साथ करना चाहेंगे? उन्होंने कहा कि उबर ने कैंसलेशन और खराब सवारी के अनुभवों पर बात करने के बजाए अपनी रिपोर्ट में सोलर सिस्टम और मिल्की वे पर प्रकाश डाला.
प्रेसिडेंट का मजाक उड़ाया
ग्रोवर ने उबर इंडिया के प्रेसीडेंट प्रभजीत सिंह का भी मजाक उड़ाया. जैसे ही उन्हें पता चला कि सिंह ने अपनी लिंक्डिन पोस्ट डिलीट कर दी है, उन्होंने सिंह पर धावा बोल दिया. उन्होंने लिखा - अरे वाह-100 फीडबैक कमेंट्स आ गए तो प्रभजीत सिंह (उबर इंडिया कंट्री मैनेजर) ने अपनी पोस्ट ही डिलीट कर दी. ऐसा प्रतीत होता है कि कंट्री मैनेजर अपने व्यवसाय की तुलना में अपनी इमेज को लेकर ज्यादा फिक्रमंद हैं. उन्होंने आगे लिखा, 'किसे चांद पर उबर ले जाने की जरूरत है? ग्राहकों को कैंसिलेशन और खराब कैब अनुभव का सामना करना पड़ रहा है - उन्हें सीधे संबोधित करें. आप लोग इन संदेशों के साथ व्हाट्सएप के रास्ते पर जा रहे हैं'.
खडूस जज का मिला था तमगा
बता दें कि शार्क टैंक इंडिया के पूर्व जज ने इससे पहले व्हाट्सएप और मेटा इंडिया के प्रबंधकों की उनके मार्केटिंग अभियानों के लिए आलोचना की थी, जिसमें ई-भुगतान सेवाओं पर गोपनीयता को प्राथमिकता दी गई थी. वैसे, ये कोई पहला मौका नहीं है जब अश्नीर ग्रोवर ने किसी को आड़े हाथ लिया है, वह अक्सर ऐसा करते रहते हैं. शार्क टैंक में उनकी इमेज एक खडूस जज की थी.
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