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₹4,600 करोड़ के चार सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी, जानिए कहां लगेंगे ये प्लांट्स
भारत के प्रमुख प्रॉपटेक फंड के साथ साझेदारी के जरिए भविष्य के लिए तैयार होने की दिशा में एक कदम है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में भारत सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission – ISM) के तहत चार नए सेमीकंडक्टर विनिर्माण प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई है. इन प्रोजेक्ट्स में कुल ₹4,600 करोड़ का निवेश होगा, जिससे 2034 कुशल पेशेवरों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में हजारों अप्रत्यक्ष नौकरियों का भी सृजन होगा.
तीन राज्यों में लगेंगे अत्याधुनिक यूनिट्स
ये सेमीकंडक्टर यूनिट्स ओडिशा, पंजाब और आंध्र प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे.
1. ओडिशा: दो प्रोजेक्ट्स – SiCSem और 3DGS
SiCSem Private Limited: यह ब्रिटेन की Clas-SiC Wafer Fab Ltd. के साथ साझेदारी में भुवनेश्वर के इन्फो वैली में सिलिकॉन कार्बाइड (SiC) आधारित कंपाउंड सेमीकंडक्टर यूनिट स्थापित करेगा. जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 60,000 वेफर्स, पैकेजिंग क्षमता 96 मिलियन यूनिट्स और उपयोग रक्षा, EV, रेलवे, चार्जर, कंज्यूमर एप्लायंसेज, सोलर इनवर्टर आदि में होगा. वहीं, 3D Glass Solutions (3DGS): यह भुवनेश्वर में वर्टिकली इंटीग्रेटेड एडवांस्ड पैकेजिंग यूनिट लगाएगी, जिसमें ग्लास इंटरपोजर और 3DHI तकनीकों का प्रयोग होगा. इसकी सालाना क्षमता 69,600 ग्लास पैनल सब्सट्रेट्स, 50 मिलियन असेम्बल यूनिट्स 13,200 3DHI मॉड्यूल्स और इसका उपयोग डिफेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमोबाइल, फोटोनिक्स और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग में किया जाएगा.
2. आंध्र प्रदेश: ASIP Technologies
ASIP Technologies, दक्षिण कोरिया की APACT Co. Ltd. के साथ मिलकर एक उन्नत यूनिट स्थापित करेगी जिसकी सालाना पैकेजिंग क्षमता 96 मिलियन यूनिट्स होगी. इसका उपयोग मोबाइल फोन, सेट-टॉप बॉक्स, ऑटोमोबाइल्स और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद में होगा.
3. पंजाब: Continental Device India Limited (CDIL)
CDIL मोहाली में स्थित अपनी मौजूदा फैक्ट्री को अपग्रेड करेगा. इसमें MOSFETs, IGBTs, Schottky Diodes, ट्रांजिस्टर का उत्पादन होगा, जिसकी सालाना उत्पादन क्षमता 158.38 मिलियन यूनिट्स
होगी. इसका उपयोग EVs, रिन्यूएबल एनर्जी, पावर कन्वर्शन, इंडस्ट्रियल और कम्युनिकेशन इंफ्रास्ट्रक्चर में होगा.
ISM के तहत अब तक 10 प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अब तक भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत छह राज्यों में कुल 10 प्रोजेक्ट्स को स्वीकृति मिल चुकी है, जिनमें ₹1.60 लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है. इनमें देश का पहला कंपाउंड सेमीकंडक्टर फैब और ग्लास सब्सट्रेट आधारित पैकेजिंग यूनिट भी शामिल हैं.
डिजाइन और स्किलिंग पर भी जोर
सरकार ने अब तक 278 अकादमिक संस्थानों और 72 स्टार्टअप्स को डिजाइन इंफ्रास्ट्रक्चर मुहैया कराया है. साथ ही, 60,000 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित भी किया गया है. इससे भारत न केवल सेमीकंडक्टर विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भी एक अहम भागीदार की भूमिका निभाएगा.
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