होम / बिजनेस / इस बड़ी घोषणा से पहले नर्वस थे वेदांता के अनिल अग्रवाल, फ्लाइट में बदलते रहे करवट
इस बड़ी घोषणा से पहले नर्वस थे वेदांता के अनिल अग्रवाल, फ्लाइट में बदलते रहे करवट
गुजरात के गांधीनगर में आयोजित समारोह में रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
किसी बड़े काम से पहले 'आम' ही नहीं 'खास' लोगों की आंखों में भी नींद नहीं होती. उनके दिल की धड़कनें भी घोड़े की तरह दौड़ने लगती हैं. ताइवान की कंपनी फॉक्सकॉन के साथ गुजरात में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की घोषणा से पहले वेदांता के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को भी इसका अनुभव हुआ. मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में एमओयू साइन किया गया.
मैनेजर ने शेयर की तस्वीर
अनिल अग्रवाल की पीआर मैनेजर आस्था त्यागी ने सोशल मीडिया पर बताया है कि सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट की घोषणा के एतिहसिक पल का गवाह बनने को लेकर अग्रवाल कितने उत्साहित थे. इस उत्साह के साथ वह थोड़े नर्वस भी थे. फ्लाइट में यात्रा के दौरान उनकी आंखों में नींद नहीं थी, वह शायद ही कुछ देर के लिए सो पाए होंगे. आस्था त्यागी ने लिंक्डइन पर केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ अग्रवाल की एक तस्वीर साझा करते हुए लिखा है, 'सर ने हमें बताया कि कैसे वह अपनी उड़ान के दौरान मुश्किल से सो पाए, क्योंकि वह आज के लिए बहुत नर्वस और उत्साहित थे'.
एक लाख लोगों को मिलेगी जॉब
उन्होंने आगे लिखा इतिहास के इस यादगार पल का हिस्सा बनने पर बहुत खुशी हो रही है. अब भारत में जल्द ही सेमीकंडक्टर्स का उत्पादन किया जाएगा, जिससे सस्ते इलेक्ट्रॉनिक्स का रास्ता साफ होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे'. गुजरात के गांधीनगर में आयोजित समारोह में रेल और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव की मौजूदगी में एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए. इस मौके पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने बताया कि दोनों कंपनियां गुजरात में सेमीकंडक्टर प्लांट लगाने के लिए 1,54,000 करोड़ का निवेश करेंगी. इससे राज्य में करीब एक लाख लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.
क्या करती है चिप?
आजकल सभी गाड़ियां लेटेस्ट टेक्नोलॉजी पर बन रही हैं, जिनमें तमाम तरह के आधुनिक फीचर्स होते हैं. गाड़ियों की पावर स्टीयरिंग, ब्रेक सेंसर, एंटरटेनमेंट सिस्टम, एयरबैग और पार्किंग कैमरों में सेमीकंडक्टर चिप इस्तेमाल होती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक वाहन में 1,000 से अधिक सेमीकंडक्टर चिप्स लगाईं जाती हैं. ऐसे में इसकी कमी ने कंपनियों को परेशान कर दिया है. ऑटो सेक्टर के अलावा, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रॉनिक इंडस्ट्री में भी चिप बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होती है. भारत में चिप बनने से इसकी कमी दूर हो जाएगी.
टैग्स