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Pilots की मनमानी से मुश्किलों के तूफान में फंसी Akasa Air को नहीं मिल रही कोई राह! 

बड़ी संख्या में पायलट्स के नौकरी छोड़ जाने के चलते अकासा एयर मुश्किलों में घिर गई है. कंपनी को कई रूट्स पर फ्लाइट कैंसिल करनी पड़ी हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

सस्ते में हवाई सफर कराने वाली 'अकासा एयर' (Akasa Air) मुश्किल दौर से गुजर रही है. एक साथ बड़ी संख्या में पायलट्स के नौकरी छोड़ने के चलते एयरलाइन की उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई से अब तक Akasa Air ने 10 रूट्स पर अपनी फ्लाइट कम कर दी हैं और आठ अन्य मार्गों पर एयरलाइन को उड़ानें बंद करनी पड़ी हैं. दरअसल, Akasa Air से 43 पायलट्स नौकरी छोड़ गए हैं. कंपनी का आरोप है कि इन पायलट्स ने नोटिस पीरियड सर्व किए बिना ही नौकरी छोड़ दी. इन सभी पायलट्स ने दूसरी कंपनी के लिए अकासा की नौकरी छोड़ी, लेकिन नियमानुसार नोटिस पीरियड पूरा नहीं किया. एयरलाइन ने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा भी खटखटाया है.

बढ़ रहा कंपनी का घाटा
अकासा एयरलाइन की प्रति सप्ताह उड़ानें जून में 945 थीं, जो घटकर अक्टूबर में 754 हो गईं हैं. अकासा फिलहाल 34 मार्गों पर उड़ानें संचालित कर रही है. जून और अक्टूबर के बीच, अकासा एयर ने अहमदाबाद-हैदराबाद, अहमदाबाद-पुणे, अहमदाबाद-कोच्चि, कोच्चि-हैदराबाद, बेंगलुरु-हैदराबाद, बेंगलुरु-चेन्नई,  गोवा-लखनऊ और गोवा-हैदराबाद रूट पर फ्लाइट्स बंद कर दी हैं. इसकी वजह पर्याप्त संख्या में पायलटों का न होना है. फेस्टिवल सीजन में उड़ानें प्रभावित होने से कंपनी को बड़े पैमाने पर घाटा उठाना पड़ रहा है. गौरतलब है कि दिवाली के आसपास एयर ट्रैफिक बढ़ जाता है. सभी कंपनियों के लिए कमाई का ये सबसे अच्छा मौका होता है. ऐसे में यदि अकासा की परेशानी दूर नहीं हुई, तो उसके घाटे का आंकड़ा और बढ़ सकता है.

पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं
जुलाई से सितंबर के बीच 43 पायलटों ने नोटिस अवधि पूरा किए बिना ही अकासा एयर को अलविदा कह दिया था. कॉन्ट्रैक्ट के हिसाब से इन पायलट्स को 6 महीने से 1 वर्ष तक के नोटिस पीरियड को सर्व करना था. पायलटों की इस मनमानी के खिलाफ अकासा ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. एयरलाइन ने मुआवजे की मांग करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है. अकासा एयरलाइन के पास मौजूदा वक्त में 30 विमानों का बेड़ा है, सभी B737 मैक्स विमान हैं. पायलट्स की कमी के चलते कंपनी अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल नहीं कर पा रही है. एयरलाइन ने दिल्ली-हैदराबाद, कोच्चि-बेंगलुरु, गोवा-बेंगलुरु, अहमदाबाद-बेंगलुरु और मुंबई-कोच्चि सहित 10 रोट्स पर उड़ानों की संख्या कम कर दी है. गोवा-बेंगलुरु मार्ग की बात करें, तो जून में प्रति सप्ताह लगभग 45 उड़ानें निर्धारित थीं, जो अक्टूबर में घटकर 12 प्रति सप्ताह हो गई हैं.
 


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