होम / बिजनेस / इस बार कैसा होगा फेस्टिव सीजन? RBI ने जारी किया बुलेटिन, क्या महंगाई बनेगी विलेन
इस बार कैसा होगा फेस्टिव सीजन? RBI ने जारी किया बुलेटिन, क्या महंगाई बनेगी विलेन
महंगाई को काबू करने के लिए रिजर्व बैंक ने इस साल मई से तीन चरणों में ब्याज दरों में पहले ही 140 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है. अगली बैठक 28-30 सितंबर को है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
नई दिल्ली: त्योहारों का सीजन शुरू होने वाला है, इस दौरान देश में घरेलू डिमांड कैसी रहेगी, गाड़ियों की बिक्री कैसी होगी, आर्थिक गतिविधियों का पहिया कितनी तेज घूमेगा, इन सब बातों को लेकर रिजर्व बैंक का एक लेख छपा है, जो कि एक मंथली बुलेटिन है.
फेस्टिव सीजन में डिमांड और मजबूत होगी
रिजर्व बैंक के इस मंथली रेगुलर बुलेटिन अर्थव्यवस्था की स्थिति (State of the Economy) में बताया गया है कि आने वाला फेस्टिव सीजन पहले से ही मजबूत घरेलू मांग में और जान फूंक देगा. सर्विसेज में भी तेजी देखने को मिलेगी. FMCG प्रोडक्ट्स, गाड़ियों की बिक्री लेकर प्रॉपर्टी की बिक्री सभी में उछाल देखने को मिलेगा.
सामानों और लोगों की आवाजही में भी ग्रोथ देखने को मिलेगी. इससे ये साफ होता है कि डिमांड में तेजी मौजूद है, फेस्टिव सीजन के दौरान इसको और रफ्तार मिलेगी.
बुलेटिन के मुताबिक, "घरेलू वित्तीय स्थितियां विकास की गति का समर्थन करती हैं." इस आर्टिकल में रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर माइकल पात्रा समेत कई लोगों ने अपने विचार रखे हैं. हालांकि ये रिजर्व बैंक के विचार नहीं माने जाते हैं.
महंगाई दर अभी सीमा से ऊपर
बुलेटिन के मुताबिक अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में विकास की गति की मामूली कमी को दूर करने के लिए तैयार है, जिसने ये भी संकेत दिया है कि महंगाई को काबू करने के लिए मॉनिटरी पॉलिसी को और सख्त किया जा सकता है. रिपोर्ट में कहा गया है कि महंगाई दर बढ़ी हुई है और बर्दाश्त करने की सीमा से ऊपर है, इसके दूसरे क्रम के असर को नियंत्रित करने के लिए मॉनिटरी पॉलिसी को जरूरत को बताता है. State of the Economy की अगस्त रिपोर्ट में कहा गया था कि उस महीने रिटेल महंगाई अपने चरम पर थी. इसी का जिक्र करते हुए सितंबर की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त में महंगाई 7 परसेंट थी "उस पूर्वानुमान के अनुरूप" थी, बेस इफेक्ट के गायलब होने से जुलाई की तुलना में हेडलाइन महंगाई दर 30 बेसिस प्वाइंट तक बढ़ गई. रिजर्व बैंक के अनुमानों के मुताबिक अक्टूबर-दिसंबर में रिटेल महंगाई दर औसतन 6.4 परसेंटऔर 2023 की पहली तिमाही में 5.8 परसेंट रही.
इस महीने और बढ़ेंगी ब्याज दरें!
महंगाई को काबू करने के लिए रिजर्व बैंक ने इस साल मई से तीन चरणों में ब्याज दरों में पहले ही 140 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर दी है. मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी की अगली बैठक 28-30 सितंबर को होने वाली है. अनुमान, संकेत और परिस्तितियां यही बात रही हैं कि रिजर्व बैंक ब्याज दरों में इजाफा करेगा. इस लेख के अनुसार, भारतीय अर्थव्यवस्था अप्रैल-जून में देखी गई गति की कमजोरियों को "छोड़ने के लिए तैयार" है, जब बेस इफेक्ट की वजह से GDP ग्रोथ बढ़कर 13.5 परसेंट हो गई थी. अप्रैल-जून की GDP ग्रोथ न केवल अर्थशास्त्रियों की 15 परसेंट के अनुमानों से कम थी बल्कि ये रिजर्व बैंक के अनुमान 16.2 परसेंट से भी कम थी. हालांकि, रिजर्व बैंक कहता है कि लेख में व्यक्त किए गये विचार और राय लेखकों के अपने हैं और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं.
VIDEO: क्या दुनिया में आने वाली है मंदी? Fitch की रिपोर्ट
टैग्स