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मंदी के बाद फिर से TCS पर संकट के बादल, 5.66 लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैप गिरा
विदेशी निवेशकों के बाहर जाने और शेयर बाजार की अस्थिरता से TCS पर दबाव बढ़ा है. हालांकि घरेलू संस्थान और म्यूचुअल फंड निवेश बढ़ाकर कंपनी के प्रति भरोसा जताते दिख रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
टाटा ग्रुप की प्रमुख कंपनी टीसीएस (Tata Consultancy Services) 2008 की आर्थिक मंदी के बाद से अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है. इस साल कंपनी के शेयर लगभग 26 प्रतिशत टूट गए हैं, जिससे इसका बाजार मूल्य लगभग 5.66 लाख करोड़ रुपये कम हो गया है. इस गिरावट के कारण टीसीएस का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 16.57 लाख करोड़ रुपये से घटकर 10.93 लाख करोड़ रुपये रह गया है.
क्यों गिर रहे हैं टीसीएस के शेयर?
बीते कई महीनों से भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. खासकर विदेशी निवेशक (FII) तेजी से पैसा निकाल रहे हैं, जिसका सीधा असर आईटी सेक्टर और खासकर टीसीएस के शेयरों पर पड़ा है. जून 2024 में जहां विदेशी निवेशकों की टीसीएस में हिस्सेदारी 12.35% थी, वह जून 2025 तक घटकर 11.48% रह गई है. इसी कारण कंपनी के शेयर इस वर्ष 25 प्रतिशत से अधिक गिरावट के साथ नीचे आए हैं.
निफ्टी आईटी सूचकांक इस साल अब तक करीब 25% गिर चुका है, जो इसे बाजार का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बनाता है. इसी दौरान 2025 के पहले सात महीनों में भारत से विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा निकाले गए 95,600 करोड़ रुपये में आधे से ज्यादा राशि केवल आईटी शेयरों से आई है.
म्यूचुअल फंड ने दिखाई सकारात्मक रूचि
हालांकि विदेशी निवेशक बाहर जा रहे हैं, वहीं घरेलू संस्थानों और म्यूचुअल फंड ने टीसीएस में निवेश बढ़ाया है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पिछले एक साल में म्यूचुअल फंडों की टीसीएस में हिस्सेदारी 4.25% से बढ़कर 5.13% हो गई है. जुलाई के आंकड़ों के अनुसार, म्यूचुअल फंडों ने टीसीएस के शेयरों में करीब 400 करोड़ रुपये की नई खरीदारी की है.
टीसीएस का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात 41 गुना से घटकर अब 20 गुना रह गया है. पिछले पांच वर्षों में कंपनी का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 8.5% रहा है, जबकि शेयर की वृद्धि दर 6% रही है. हालांकि लंबे समय के आंकड़े बताते हैं कि पिछले दो दशकों में आईटी सेक्टर सालाना 12.5% की दर से बढ़ा है, पर पिछले तीन से पांच वर्षों में यह निफ्टी से पीछे रहा है.
कर्मचारियों की संख्या में कटौती और उसके प्रभाव
टीसीएस ने हाल ही में अपने कर्मचारियों की संख्या में करीब 2% की कटौती करने का निर्णय लिया है. इस कदम की विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा की जा रही है. वित्तीय सलाहकार जेफरीज ने चेतावनी दी है कि कर्मचारियों की संख्या में इस तरह की कटौती से निकट भविष्य में कंपनी की कार्यान्वयन क्षमता पर असर पड़ सकता है और लंबी अवधि में कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी की भी संभावना है.
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