सहारा प्रमुख की मौत के बाद अब यहां ट्रांसफर हो सकता है पैसा, होगा इसका ये फायदा 

सहारा इंक इंडिया किसी समय में टीम इंडिया की प्रमुख स्‍पांसर हुआ करती थी.यही नहीं किसी समय में इसकी संपत्तियों में न्‍यूयॉर्क का प्‍लाजा होटल और लंदन का ग्रोसनोवर हाउस हुआ करता था.  

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Monday, 20 November, 2023
Late Subrat Roy

सहारा प्रमुख की मौत के बाद निवेशकों को अपने पैसे की चिंता सता रही है. इस बीच अब खबर ये आई है कि सहारा, सेबी फंड को सरकार के समेकित फंड में हस्‍तांतरित करने की तैयारी की कानूनी वैद्यता का पता लगा रही है.  इस फंड को वहां ट्रांसफर इसलिए किया जा रहा है जिससे अगर बाद में कोई निवेशक, जिसका पैसा इसमें फंसा था वो क्‍लेम करता है तो उसे पैसा वापस किया जा सके.  ये जानकारी सहारा प्रमुख के निधन के बाद सामने आई है. 

11 सालों में कुछ ही लोगों ने किया है आवेदन 
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 11 सालों में कुछ ही लोगों ने अपनी राशि के लिए दावा पेश किया है. अब ऐसे में एक अलग खाते के साथ इस राशि को भारत सरकार के समेकित फंड में ट्रांसफर करने पर विचार किया जा रहा है. साथ ही उसकी वैद्यता पर भी विचार किया जा रहा है. इस जानकारी में ये बात भी निकलकर सामने आई है कि अगर सेबी अपने सभी माध्‍यमों के सत्‍यापन से किसी निवेशक का पता नहीं ढूढ़ पाता है तो इस फंड को भारत सरकार को ट्रांसफर कर दिया जाएगा. आने वाले समय में इस फंड का इस्‍तेमाल गरीब कल्‍याण योजनाओं के लिए किया जा सकता है. 

अब तक इतने लोगों को दिया गया है रिफंड 
सेबी के द्वारा 31 मार्च तक जमा की गई कुल राशि 25163 करोड़ रुपये थी, 48326 खातों से जुड़े 17526 आवेदनों पर 138 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था. जिन लोगों को इसका भुगतान किया जाना है उसके लिए सहकारी समितियों के केन्‍द्रीय रजिस्‍ट्रार को 5000 करोड़ रुपये हस्‍तांतरित किए गए थे. रिफंड की इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह ने एक पोर्टल भी बनाया था, जिसके जरिए निवेशक अपने रिफंड के लिए आवेदन कर सकते थे. 

2011 में शुरू हुआ सहारा का कठिन समय 
सहारा समूह किसी समय में क्रिकेट की नेशनल टीम के प्रमुख स्‍पॉन्‍सर हुआ करते थे. यही नहीं समूह की संपत्ति में किसी दौर में न्‍यूयॉर्क का प्‍लाजा होटल और लंदन में ग्रोसनोवर हाउस शामिल थे. सहारा समूह पूर्व में फोर्स वन इंडिया टीम के मालिक भी हुआ करते थे. लेकिन उनकी परेशानियों का दौर 2010 में शुरू हुआ. जब सहारा को इक्विटी बाजार से और निवेशकों से धन जुटाने पर रोक लगा दी गई थी. इसके बाद सुब्रत रॉय अवमानना के एक मामले में पेश नहीं हुए तो उन्‍हें गिरफ्तार भी कर लिया गया. ये परेशानी उनकी कंपनी के द्वारा निवेशकों को 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक वापस न करने के कारण उत्‍पन्‍न हुई थी. सेबी की ओर से निवेशकों को पैसा देने के लिए 24 हजार करोड़ रुपये जमा करने को कहा गया था जबकि सहारा का कहना है कि उसने पैसा दे दिया है और ये दोहरा भुगतान है. 

 


Budget 2024: Angle Tax हुआ खत्म, जानिए क्या है ये टैक्स और इसके हटने से किसे होगा फायदा ?

इस बार के बजट में एंजेल टैक्स (Angel Tax) को खत्म कर दिया गया है. इसे देश में साल 2012 में लागू किया गया था.

रितु राणा by
Published - Tuesday, 23 July, 2024
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Tuesday, 23 July, 2024
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केंद्र सरकार 3.0 कार्यकाल के पहले बजट सत्र 2024-25 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई बड़ी घोषणा की हैं. इसी में से एक घोषणा एंजेल टैक्स (Angle Tax) को लेकर हुई है. दरअसल, वित्त मंत्री ने संसद में बजट पेश करने के दौरान एंजेल टैक्स को अब पूरी तरह से खत्म करने की घोषणा की है. तो आइए जानते हैं कि आखिर ये एंजेल टैक्स क्या था और इसके खत्म होने से किसे फायदा होगा?

क्या है एंजेल टैक्स?

एंजेल टैक्स (Angel Tax) को देश में साल 2012 में लागू किया गया था. यह टैक्स उन अनलिस्टेड बिजनेस पर लागू होता था, जो एंजेल निवेशको से फंडिंग हासिल करते थे. इसे ऐसे समझें कि जब कोई स्टार्टअप किसी एंजेल निवेशक से फंड लेता था तो वह इस पर भी टैक्स चुकाता था. यह सारी प्रक्रिया आयकर अधिनियम 1961 की धारा 56 (2) (vii) (b) के तहत होती थी.

इसलिए लागू हुआ था ये टैक्स

सरकार ने मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाने के लिए एंजेल टैक्स लागू किया था. इसके अलावा इस टैक्स की मदद से सरकार सभी तरह के बिजनेस को टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश कर रही थी. हालांकि, सरकार के इस कदम से देश के तमाम स्टार्टअप्स को नुकसान झेलना पड़ रहा था. यही वजह थी कि इस टैक्स को खत्म करने की मांग उठ रही थी. इस टैक्स को लेकर असली दिक्कत तब होती थी, जब किसी स्टार्टअप को मिलने वाला इन्वेस्टमेंट उसकी फेयर मार्केट वैल्यू (FMV) से भी अधिक हो जाता था. ऐसी हालत में स्टार्टअप को 30.9 प्रतिशत तक टैक्स चुकाना पड़ता था.

टैक्स खत्म होने पर क्या है स्टार्टअप्स की प्रतिक्रिया?

अब सरकार ने इस टैक्स को खत्म कर दिया है, जिससे देश के स्टार्टअप्स को फायदा होगा. आपको बता दें, बीते कुछ वर्षों में देश में स्टार्टअप्स की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. इसके साथ ही कई स्टार्टअप्स ऐसे भी हैं जो यूनिकॉर्न बने हैं. सरकार का लक्ष्य भी देश में स्टार्टअप्स को बढ़ावा देना है.

ऐंजल टैक्स से छुटकारा पाना भारत में स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ी जीत है. इससे न केवल नए व्यवसायों पर वित्तीय बोझ कम होगा बल्कि एंटरप्रेन्योरियल इकोसिस्टम में इनोवेशन और विकास को भी बढ़ावा मिलेगा. फ्लाईरोब में हम इस बदलाव के सकारात्मक प्रभाव को लेकर उत्साहित हैं. हम अपनी कंपनी के संचालन और एक्सपेंशन प्लान पर काम कर रहे हैं, जिससे हम अधिक ग्राहकों को अपनी सर्विस प्रदान कर सकेंगे और स्थायी फैशन समाधान तैयार कर सकेंगे.

आंचल सैनी, सीईओ, फ्लाइरोब (Flyrobe)

सभी वर्गों के निवेशकों के लिए एंजेल टैक्स खत्म होने स्टार्ट-अप के लिए एक बड़ी राहत है. इससे क्षेत्र में अनिश्चितता दूर होगी और अधिक निवेश भी आएगा जो विस्तार  के लिए एक महत्वपूर्ण कारक है.

सौम्यदीप रॉयचौधरी, टैक्स एंड रेगुलेटरी पार्टनर, एमएसकेबी एंड एसोसिएट्स एलएलपी (Tax & Regulatory Partner, MSKB & Associates LLP)

इस साल के बजट ने स्टार्ट-अप इकोसिस्टम को काफी बढ़ावा दिया है. एंजेल टैक्स का खत्म होना स्टार्टअप उद्योग को लाभ पहुंचाने वाली एक बड़ी राहत है. वित्त मंत्री ने यह भी कहा है कि सरकार कृषि-तकनीकी क्षेत्र में विकास को बढ़ावा देने के लिए सब्जी आपूर्ति श्रृंखला में स्टार्ट-अप को बढ़ावा देगी.

समीर शेठ, पार्टनर एंडहेड प्रमुख, डील एडवाइजरी सर्विसेज, बीडीओ इंडिया  (Partner & Head, Deal Advisory Services, BDO India)

पहले स्टार्ट-अप को कुछ शर्तों के अधीन एंजेल टैक्स से टैक्स छूट की अनुमति दी गई थी. जैसे शेयर कैपिटल और सिक्योरिटीज प्रीमियम की राशि, फंड जुटाने के बाद 25 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा स्टार्ट-अप द्वारा उठाए गए फंड पर अंतिम उपयोग प्रतिबंध जैसे वित्तीय परिसंपत्तियों आदि में कोई निवेश नहीं. वहीं, अब एंजेल टैक्स खत्म होने से स्टार्ट-अप्स बिना किसी शर्त के फंड जुटाने में सक्षम होंगे. 

अनीश शाह, पार्टनर, एमएंडए टैक्स एंड रेग्यूलेटरी सर्विसेज, बीडीओ इंडिया (Partner, M&A Tax and Regulatory Services, BDO India)


वित्‍त मंत्री के इस ऐलान से सस्‍ता कर दिया सोना चांदी, अब जमकर हो पाएगी शॉपिंग

सोने चांदी के दामों में पिछले कुछ समय से तेजी देखने को मिल रही थी. लेकिन सरकार के इस कदम के बाद आम लोगों को 10 ग्राम सोने पर 6000 रुपये से ज्‍यादा की राहत मिलने की उम्‍मीद है. 

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Tuesday, 23 July, 2024
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क्‍या आपके घर में आने वाले साल में शादी है जिसके लिए आप सोना चांदी के सस्‍ता होने का इंतजार कर रहे थे. अगर ऐसा है तो वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आपके इंतजार को खत्‍म कर दिया है. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कस्‍टम ड्यूटी में बड़ी कमी करते हुए उसे 15 प्रतिशत से 6 प्रतिशत तक कर दिया है. इस कमी के बाद सोने के दामों में बड़ी कमी होने की उम्‍मीद है. सरकार के इस कदम ने उन परिवारों को बड़ी राहत दी है जो शादी या किसी दूसरे त्‍योहार के लिए ज्‍वैलरी खरीदने की तैयारी कर रहे थे. 

पहले जानिए कितनी हुई है कमी 
मंगलवार को वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में ऐलान करते हुए कस्‍टम ड्यूटी में बड़ी कमी कर दी. अब तक सोने के सिक्‍के पर जहां 15 प्रतिशत कस्‍टम ड्यूटी लग रही थी वहीं  दूसरी ओर अब इसमें केवल 6 प्रतिशत कस्‍टम ड्यूटी लगा करेगी. सोने की ईंट पर लगने वाले आयात शुल्‍क को 14.35 प्रतिशत से कम करके 5.35 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं चांदी के सिक्‍के पर जो आयात शुल्‍क 15 प्रतिशत लगा करता था अब वो 6 प्रतिशत कर दिया गया है. चांदी की ईंट पर आयात शुल्‍क 14.35 प्रतिशत से 5.35 प्रतिशत कर दिया गया है. इसी तरह प्‍लेटिनम पर आयात शुल्‍क 15.4 प्रतिशत से कम करके 6.4 प्रतिशत कर दिया गया है. इसी तरह कीमती धातुओं के सिक्‍कों पर आयात शुल्‍क 15 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दिया गया है. 

ये भी पढ़ें: रोजगार बढ़ाने को लेकर सक्रिय हुई सरकार, वित्‍त मंत्री ने बताया कैसे बढ़ेगा देश में रोजगार

कीमत में कितना आया अंतर 
सबसे बड़ा सवाल ये है कि कस्‍टम ड्यूटी में हुई इस गिरावट से आम आदमी को कितनी राहत मिली है. इसे आसान भाषा में ऐसे समझा जा सकता है कि पहले 22 कैरेट के 10 ग्राम सोने के लिए जहां आपको 67510 रुपये चुकाने पड़ते थे. अभी तक इस पर 15 प्रतिशत की कस्‍टम डयूटी लगा करती थी, जिसके एवज में आपको 10126 रुपये चुकाने होते थे. अब वित्‍त मंत्री ने 2024-25 के लिए इस कस्‍टम ड्यूटी को 6 प्रतिशत कर दिया है तो ऐसे में आपके 6076 रुपये की बचत हो पाएगी. अब आपको 10 ग्राम सोने के लिए 61434 रुपये चुकाने होंगे.  

इतनी सस्‍ती हो गई चांदी 
वहीं अगर चांदी की बात करें तो पहले 1 किलोग्राम चांदी की कीमत 88983 रुपये थी. अब तक इस पर 15 प्रतिशत टैक्‍स के अनुसार 12 हजार रुपये का टैक्‍स लगा करता था. अब 6 प्रतिशत कस्‍टम ड्यूटी के हिसाब से देखें तो ये 7000 रुपये तक सस्‍ता पड़ेगा. इसी तरह 10 ग्राम प्‍लेटिनम के लिए अभी 15.4 प्रतिशत की ड्यूटी के साथ 25520 रुपये चुकाने पड़ते थे. लेकिन अब इसमें 2000 रुपये तक की राहत मिल पाएगी. 
 


 


Budget 2024 Live: टेक लवर्स को मिला तोहफा, मोबाइल फोन और चार्जर हए सस्ते, इतनी हुई कटौती

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 में मोबाइल और चार्जर पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को 20% से कम करके 15% कर दिया गया है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 7वीं बार आम बजट पेश किया है और इस बजट में लगभग हर क्षेत्र को लेकर बड़ी घोषणाएं की गई हैं. टेक इंडस्ट्री की बात करें तो आज का आम बजट बहुत ही खास रहा. क्योंकि टेक इंडस्ट्री को बड़ी राहत देते हुए वित्त मंत्री ने मोबाइल फोन और चार्जर पर लगने वाले सीमा शुक्ल को 15 प्रतिशत तक कम करने की घोषणा की है. जिसके बाद मोबाइल और चार्जर की कीमत बहुत ही कम हो जाएगी. यानि आने वाले समय में स्मार्टफोन बहुत ही सस्ते होने वाले हैं.

सस्ते हुए मोबाइल और चार्जर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए कहा कि पिछले 6 सालों में घरेलू प्रोडक्शन में काफी बढ़ोत्तरी हुई है. यही वजह है कि घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए मोबाइल के पार्ट्स, गैजेट्स और पीवीसी के मैन्युफैक्चरिंग में उपयोग होने वाले पार्ट्स पर लगने वाले सीमा शुक्ल में 15 प्रतिशत की कटौती का ऐलान किया गया है. जिसके बाद नया स्मार्टफोन और चार्जर पहले की तुलना में बहुत ही सस्ता होगा.

बढ़ेगा भारत का स्मार्टफोन बाजार

आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि आने वाले समय में भारत दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफोन बाजार बनेगा और यह दुनिया का सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब भी बन सकता है. क्येांकि यहां हर महीने करोड़ो की संख्या में मोबाइल फोन का प्रोडक्शन हो रहा है. बता दें कि भारत में Apple, Samsung, Xiaomi, Google, Realme और Oppo जैसी कई दिग्गज कंपिनयां अपने मोबाइल फोन व गैजेट्स का प्रोडक्शन कर रही हैं. ऐसे में आने वाले समय में प्रोडक्शन में इजाफा होने की उम्मीद है.

BCD से बदलाव का आपकी जेब पर असर

इस साल जनवरी 2024 में केंद्र सरकार ने मोबाइल फोन निर्माण से जुड़े पार्ट्स पर भी आयात शुल्क को 15 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया था.डिवाइस या फिर कंपोनेंट्स को दूसरे देशों से मंगवाने पर मोबाइल फोन बनाने वाली कंपनियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) पर राहत से सीधा फायदा आप लोगों को होने वाला है.

पहले कंपनियों को ज्यादा टैक्स का भुगतान करना पड़ता था जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ता था जिस वजह से नए फोन के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ती थी. अब सरकार ने कस्टम ड्यूटी को कम करने का बड़ा फैसला लिया है जिससे कंपनियों को कम भुगतान करना होगा जिससे मोबाइल फोन की कीमतों में गिरावट आएगी और जेब पर भी कम बोझ पड़ेगा.
 

 

Budget 2024: वित्त मंत्री ने सबको साधा, लेकिन सीनियर सिटीजंस को भूल गईं!

देश के बजट से वरिष्ठ नागरिक काफी आस लगाए हुए थे, लेकिन वित्त मंत्री ने उनके बारे में कोई बड़ी घोषणा नहीं की.

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Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने  अपने बजट में लगभग हर तबके को साधने की कोशिश की, लेकिन सीनियर सिटीजंस को वह भूल गईं. वरिष्ठ नागरिक बजट से जो आस लगाए बैठे थे, उन पर वित्त मंत्री ने कोई घोषणा नहीं की. सीनियर सिटीजंस काफी समय से रेल किराए में कोरोना से पहले मिलने वाली छूट बहाली की मांग कर रहे हैं. माना जा रहा था कि बजट में इस संबंध में कोई घोषणा हो सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. इसी तरह वरिष्ठ नागरिक इनकम टैक्स में युवाओं की अपेक्षा और ज्यादा राहत की आस लगाए बैठे, उस पर भी कोई घोषणा नहीं हुई 

पहले थी ऐसी व्यवस्था
नई मोदी सरकार के पहले आम बजट में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़ी कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई है. ऐसी उम्मीद की जा रही थी कि वरिष्ठ यात्रियों को रेल किराए में मिलने वाली छूट इस साल के बजट में दोबारा बहाल की जा सकती है. भारतीय रेलवे ने कोरोना महामारी के दौरान मार्च 2020 में इस छूट पर रोक लगा दी थी. कोरोना से पहले की व्यवस्था के तहत महिला सीनियर सिटीजन को किराए में 50% और पुरुष एवं ट्रांसजेंडर सीनियर सिटीजंस को 40 प्रतिशत की छूट मिलती थी. रेलवे के मुताबिक, 60 साल या उससे ऊपर के पुरुषों एवं ट्रांसजेंडर और 58 वर्ष या उससे ऊपर की महिलाओं को वरिष्ठ नागरिक माना जाता है. उन्हें राजधानी, शताब्दी, दूरंतो और जन शताब्दी ट्रेन सहित सभी ट्रेनों में किराए पर रियायत मिलती थी. 

यहां भी टूट ई उम्मीद
इसके अलावा, वरिष्ठ नागरिक टैक्स में अतिरिक्त छूट की मांग भी कर रहे थे, जिस पर कोई घोषणा नहीं हुई है. वर्तमान में, 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को आयकर में कुछ छूट मिलती है, लेकिन वे इसमें बढ़ोत्तरी चाहते थे. वित्त मंत्री ने न्यू टैक्स रिजीम के टैक्स स्लैब में बदलाव ज़रूर किया है, लेकिन वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त छूट का बजट में कोई प्रावधान नहीं है. इसी तरह, वरिष्ठ नागरिकों को जमा पूंजी पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी राहत की उम्मीद थी. वे चाहते थे कि सरकार उनके लिए विशेष फिक्स्ड डिपॉजिट योजनाओं पर अधिक ब्याज दर प्रदान करे, ताकि उनकी वित्तीय स्थिति में सुधार हो सके. इस मोर्चे पर भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी है. 

नतीजों से बंधी थी आस
रेल किराए में छूट को लेकर केंद्र सरकार नरमी दिखाने के मूड में नहीं रही है. वह कहती रही है कि सरकार पहले से ही यात्रियों को किराए पर छूट दे रही है. ऐसे में वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं को अतिरिक्त छूट देने से रेलवे पर बोझ बढ़ेगा. हालांकि, लोकसभा चुनाव के परिणाम के बाद माना जा रहा था कि सरकार सीनियर सिटीजन की छूट बहाल कर सकती है.  गौरतलब है कि इस छूट पर कैंची चलाकर रेलवे ने अपना खजाना काफी भरा है. एक आरटीआई में खुलासा हुआ था कि एक अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2023 के बीच रेलवे ने वरिष्ठ नागरिकों से कुल 5,062 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त किया, जिसमें सब्सिडी खत्म होने से अर्जित अतिरिक्त 2,242 करोड़ रुपए शामिल रहे.
 


रोजगार बढ़ाने को लेकर सक्रिय हुई सरकार, वित्‍त मंत्री ने बताया कैसे बढ़ेगा देश में रोजगार 

सरकार जहां रोजगार बढ़ाने के लिए नियोक्‍ताओं को प्रोत्‍साह देने का काम करेगी वहीं दूसरी ओर स्किल एजुकेशन देने के लिए भी सरकार ने योजना बनाई है.  

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Tuesday, 23 July, 2024
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बीते लोकसभा चुनाव से लेकर नतीजों तक इस बार जो मुद्दा सबसे ज्‍यादा चर्चा में रहा वो है बेरोजगारी. लोकसभा चुनाव के नतीजों में इसकी बड़ी भूमिका मानी जा रही है. इसीलिए सरकार ने पहले बजट में इस मोर्चे पर बड़े ऐलान किए हैं. सरकार ने जहां रोजगार बढ़ाने के लिए कर्मचारी और नियोक्‍ता की मदद करेगी वहीं दूसरी ओर वहीं दूसरी ओर सरकारी नौकरी में आने वाले को 1 महीने का पीएफ देकर प्रोत्‍साहित करने की कोशिश करेगी. सरकार ने अगले पांच साल में 4 करोड़ लोगों को रोजगार मुहैया कराने का लक्ष्‍य भी रखा है. 

20 लाख युवाओं को दी जाएगी ट्रेनिंग 
मोदी 3.O सरकार का पहला पूर्ण बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि उनकी सरकार लगभग 20 लाख युवाओं को रोजगार के लिए ट्रेनिंग देने का काम करेगी. सरकार ने रोजगार देने पर इंसेंटिव देने की योजना भी बनाई है. सरकार इंसेंटिव देने के लिए 3 योजनांए लेकर आई है. सरकार जो लोग अलग अलग क्षेत्रों में काम कर रहे हैं उनके लिए हॉस्‍टल बनाने का भी काम करेगी. वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जब आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया था तो उसमें बताया था कि देश के 51.25 प्रतिशत युवा ही रोजगार के लिए स्किल्‍ड हैं जबकि 48.75 प्रतिशत युवा अनस्किल्‍ड हैं. इसी को देखते हुए सरकार 20 लाख युवाओं को स्किल्‍ड बनाने की तैयारी कर रही है. 

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इंटर्नशिप के साथ मिलेगा 5000 रुपये का मानदेय 
केन्‍द्र सरकार ने युवाओं को स्किल्‍ड बनाने के साथ ही  1 करोड़ युवाओं को इंटर्नशिप कराने की भी योजना बनाई है. सरकार इंटर्नशिप के दौरान इन युवाओं को 5000 रुपये का मानदेय भी देगी. सरकार इन युवाओं को एकमुश्‍त 6000 रुपये की राशि भी देगी. सरकार का मकसद है इनकी देश की शीर्ष कंपनियों में इंटर्नशिप कराना जिससे उन्‍हें आसानी से नौकरी मिल पाए. सरकार की ओर से रोजगार, शिक्षा और युवाओं के स्किल एजुकेशन पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है. 

स्‍टूडेंट को मिलेंगे मॉडल स्किल लोन 
सरकार की ओर से केवल युवाओं को ही स्किल्‍ड शिक्षा देने की योजना नहीं है बल्कि सरकार स्‍टूडेंट को भी स्किल लोन दिलाने की तैयारी कर रही है. वित्‍त मंत्री ने कहा कि सरकार हर साल 1 लाख छात्रों को ई वाउचर देने का काम करेगी. इसमें कर्ज की रकम पर 3 प्रतिशत की ब्‍याज सब्सिडी के तौर पर मिलेगा. इसी तरह सरकार ने शिक्षा रोजगार और कौशल के लिए 1.48 लाख करोड़ रुपये का लक्ष्‍य रखा है. 


 


Budget 2024 Live: 12 पॉइंट्स में समझिए कैसा रहा Modi 3.0 का पहला बजट

देश का बजट पेश हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज नई मोदी सरकार का पहला बजट पेश किया. उन्होंने सभी वर्गों को खुश रखने का प्रयास किया है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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मोदी 3.0 का पहला बजट पेश हो गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में कई घोषणाएं की हैं. उन्होंने नौकरीपेशा को इनकम टैक्स में भी रियायत दी है. इसके साथ ही महिलाओं, छात्र और युवाओं का भी खास ख्याल रखा है. वित्त मंत्री ने बजट में मोदी सरकार के दो प्रमुख सहयोगियों के राज्यों के लिए भी पिटारा खोल दिया है. बजट में आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए बड़ी घोषणाएं हुई हैं. चलिए देश के इस बजट को 12 पॉइंट्स में समझने की कोशिश करते हैं. 
 

 1. बिहार में राजमार्ग के लिए 26,000 करोड़ रुपए का प्रावधान.

2. आंध्र प्रदेश कैपिटल डेवलपमेंट के लिए चालू वित्त वर्ष में 15,000 करोड़ रुपए की व्यवस्था की जाएगी.

3. महिला एवं बालिका योजना के लिए 3 लाख करोड़ रुपए आवंटित.

4. इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की पूर्वोत्तर में 100 से अधिक शाखाएं स्थापित की जाएंगी.

5. खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पोलावरम सिंचाई परियोजना को पूरा किया जाएगा.

6. मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में जॉब्स बढ़ाए जाएंगे. नई योजनाओं के तहत  20 लाख युवाओं को कौशल प्रदान किया जाएगा.

7. MSME टर्म लोन: प्रति आवेदक 100 करोड़ रुपए तक के कवर के साथ क्रेडिट गारंटी योजना की शुरुआत होगी.

8. बिजली परियोजनाएं: 21,400 करोड़ की लागत से 2400 मेगावाट की नई परियोजना शुरू होगी.

9. मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपए की गई.

10. ग्रामीण विकास के मद्देनजर बुनियादी ढांचे के लिए 2.66 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान.

11. कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपए आवंटित।

12. किफायती आवास योजना के तहत 30 मिलियन अतिरिक्त घरों का निर्माण किया जाएगा.


बजट 2024-बिहार-आंध्र प्रदेश को बड़ा तोहफा, बजट में मिले इतने करोड़ रुपये

केंद्र सरकार ने बजट 2024 में बिहार और आंध्र प्रदेश राज्य के विकास के लिए करोड़ों रुपये के बजट की घोषणा की है. बिहार में इंफ्रास्ट्रक्टर तो आंध्र प्रदेश में औद्योगिक विकास पर ये पैसा खर्च किया जाएगा. 

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Tuesday, 23 July, 2024
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केंद्र सरकार के कार्यकाल 3.0 बजट सत्र में बिहार और आंध्र प्रदेश राज्य के विकास के लिए बड़ी घोषणा की गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बिहार को टूरिज्म हब बनाने के लिए 26 हजार करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 15 हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा की है. तो आइए जानते हैं ये बजट कहां-कहां खर्च किया जाएगा और इससे दोनों राज्य़ों को क्या लाभ होगा?

बिहार में यहां होगा विकास

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार में रोड-इंफ्रा के लिए 26 हजार करोड़ के पैकेज का ऐलान किया है. इस बार के बजट में बिहार में बक्सर-भागलपुर और पटना-पूर्णिया ये दो नए एक्सप्रेसवे बनाने के साथ ही गंगा नदी पर दो नए पुल बनाने का भी ऐलान किया गया है. आने वाले समय में राजगीर में सप्तऋषि कॉरिडोर बनेगा. वित्त मंत्री ने कहा है कि बिहार में नए एयरपोर्ट्स बनाए जाएंगे, जो विदेशी पर्यटकों को बिहार के तरफ आकर्षित करने का काम करेगा. इसके अलावा सरकार का फोकस नालंदा को पर्यटन स्थल के तौर पर डेवलप करने पर होगा. इतना ही नहीं सरकार ने गया को औद्योगिक केंद्र बनाने की भी बात कही है. साथ में सरकार बोधगया, राजगीर, वैशाली और दरभंगा में सड़क संपर्क परियोजनाओं का भी विकास करेगी. बता दें, ये सारे क्षेत्र बिहार में पर्यटन को लेकर जाने जाते हैं. सरकार के इस पहल से इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. 

नालंदा यूनिवर्सिटी बनेगी टूरिज्म हब
इस बार के बजट में सरकार ने नालंदा को टूरिज्म हब बनाने का भी ऐलान किया है. पटना से बनने वाला एक्सप्रेसवे भी पर्यटन को बढ़ावा देगा, क्योंकि बिहार आने वाले पर्यटकों का 41 प्रतिशत हिस्सा पटना जरूर जाता है और बोधगया विदेशी पर्यटकों के लिए सबसे अधिक पसंदीदा प्लेस में से एक है, जिसपर भी सरकार काम करेगी.

आंध्र प्रदेश में यहां खर्च होंगे 15,000 करोड़ 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आंध्र प्रदेश के लिए 15,000 करोड़ रुपये देने की घोषणा की है. इसके जरिए राज्य का विकास किया जाएगा. वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि सरकार की प्राथमिकता पोलावरम सिंचाई परियोजना को जल्द से जल्द पूरा करने की है. इससे देश की खाद्य सुरक्षा में मदद मिलेगी.

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औद्योगिक विकास को दिया जाएगा बढ़ावा
आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम के तहत औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे के लिए धन मुहैया कराया जाएगा. वित्त मंत्री ने बताया कि विशाखापत्तनम-चेन्नई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और हैदराबाद-बैंगलोर इंडस्ट्रियल कॉरिडोर पर बुनियादी जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा, जैसे- पानी, बिजली, रेलवे और सड़कों पर खास फोकस होगा. इसके अलावा आर्थिक विकास के लिए पूंजी निवेश के लिए अतिरिक्त धन भी मुहैया कराया जाएगा.

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Budget 2024 Live: टैक्सपेयर्स को भी वित्त मंत्री ने नहीं किया निराश, हर साल होगी इतनी बचत

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में इनकम टैक्स को लेकर भी घोषणा की है. हालांकि, इसका फायदा केवल न्यू रिजीम वालों को ही मिलेगा.

Last Modified:
Tuesday, 23 July, 2024
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2024 नौकरीपेशा लोगों को कुछ राहत दी है. उन्होंने न्यू टैक्स रिजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट को बढ़ाकर 75000 रुपए कर दिया है. पहले यह लिमिट 50000 रुपए थी, इस लिहाज से देखें तो स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट में 25000 रुपए का इजाफा हुआ है. इसके साथ ही वित्त मंत्री ने न्यू टैक्स रिजीम के टैक्स स्लैब में भी बदलाव का ऐलान किया है. फाइनेंस मिनिस्टर का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत करदाता 17 हजार 500 रुपए तक बचा पाएंगे. 

इस तरह होंगी नए स्लैब
वित्त मंत्री के ऐलान के बाद अब नए रिजीम के तहत इनकम टैक्स भरने वालों को 0-3 लाख की इनकम पर शून्य टैक्स देना होगा. इसी तरह, 3 लाख से 7 लाख-पर 5%, 7 से 10 लाख पर 10%, 10 से 12 लाख पर 15%, 12 से 15 लाख पर 20% और 
15 लाख से अधिक की इनकम पर 30% की दर से टैक्स का भुगतान करना होगा. 

पहले थी ये व्यवस्था
न्यू टैक्स रिजीम के स्ट्रक्चर में बदलाव से पहले इसमें कुल 6 स्लैब थीं. 3 लाख तक की इनकम पर टैक्स तब भी जीरो था. हालांकि, 3-6 लाख पर 5% टैक्स. 6-9 लाख पर 10% टैक्स. 9-12 लाख पर 15%. 12-15 लाख पर 20% और 15 लाख से अधिक की कमाई पर 30% टैक्स का भुगतान करना होता था. 

पुरानी टैक्स रिजीम
पुराने टैक्स रिजीम की बात करें, तो इसमें स्लैब की संख्या कम है. इसमें 2.5 लाख तक की इनकम पर कोई टैक्स नहीं लगता. 2.5 से 5 लाख तक की आय पर 5% टैक्स देना होता है. 5 से 10 लाख पर 20%, 10 लाख से अधिक इनकम पर 30% टैक्स लगता है. सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा लोग न्यू टैक्स रिजीम को अपनाएं, इसलिए उसे और आकर्षक बनाने का प्रावधान बजट में किया गया है. वित्त मंत्री ने पुरानी टैक्स रिजीम से कोई छेड़छाड़ नहीं की है.


Budget 2024 Live : बजट में महिलाओं को 3 लाख करोड़ रुपये की सौगात, मिलेगा ये लाभ

मोदी सरकार का शुरुआत से ही महिला सशक्तीकरण पर खास फोकस रहा है. इस बार भी बजट में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने कई घोषणा की है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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मंगलवार यानी 23 जुलाई 2024 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी सरकार 3.0 का पहला आम बजट पेश किया. इस दौरान वित्त मंत्री ने महिलाओं के लिए भी कई बड़े ऐलान किए हैं. तो आइए जानते हैं बजट में महिलाओं को क्या तोहफा मिला है?

कर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना प्राथमिकता

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में पूर्ण बजट पेश करते हुए महिलाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता होगी, यानी उनके लिए भी कई रोजगार के अवसर खुलेंगे, जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी.

मिली करोड़ों की सौगात

बजट पेश करने के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं को कई तरह की सौगात दी हैं. मोदी सरकार के 3.0 बजट में महिलाओं के लिए 3 लाख करोड़ रुपये के बजट की घोषण की गई हैं. इस आम बजट में महिलाओं के लिए स्किल प्रशिक्षण को लेकर भी अलग-अलग योजनाओं का ऐलान किया गया है. साथ ही स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए MSME के तहत कई योजनाओं की घोषणा की गई है.

कामकाजी महिलाओं के लिए हास्टल और शिशु गृह की स्थापना

निर्मला सीतारमण ने कार्यबल में महिलाओं का हिस्सा बढ़ाने की योजना का जिक्र किया. निर्मला सीतारमण ने कहा कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए सरकार कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास स्थापित करेगी. इसके अलावा शिशु गृह की स्थापना की जाएगी. इसके अलावा महिलाओं के नाम मकान की रजिस्ट्री होगी तो,  स्टैम्प ड्यूटी में भी सरकार की ओर से छूट दी जाएगी.  

 महिला सम्मान बचत सर्टिफिकेट योजना

पिछले बजट यानी 2023 में केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए महिला सम्मान बचत सर्टिफिकेट  योजना की शुरुआत की थी. यह योजना मार्च 2025 तक उपलब्ध है और इसमें महिलाओं या लड़कियों के नाम पर दो साल के लिए अधिकतम दो लाख रुपये 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर जमा किए जा सकते हैं.

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Budget 2024 Live- किसानों के लिए बड़े ऐलान, सरकार के पिटारे में अन्नदाता के लिए क्या?

केंद्रीय वित्त मंत्री ने मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट पेश किया. आइए बताते हैं कि बजट में किसानों के लिए क्या खास है.

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Tuesday, 23 July, 2024
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मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला बजट आज यानी 23 जुलाई को आ गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का यह लगातार सातवां बजट था. आम चुनावों के बाद आए इस बजट में सरकार की घोषणाओं पर सबकी नजर ठिकी हुई थी. ऐसे में किसानों को भी इस बजट से काफी उम्मीदें थीं और सरकार ने उनके लिए भी कई अहम एलान भी किए. आइए जानते हैं कि सरकार ने बजट में किसानों के लिए क्या एलान किए? 

खेती की उत्पादकता बढ़ाने पर होगा जोर

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण में कहा कि खेती में उत्पादकता बढ़ाने के लिए उपाय करेंगे. खेती में उत्पादन बढ़ाने के लिए रिसर्च पर खास जोर ज्यादा पैदावार देने वाली वेराइटी लाई जाएगी. मौसम की मार से कम प्रभावित होने वाली वेराइटी लाई जाएगी. 32 फसलों की 109 वेरायटी लाई जाएगी. मौसम की मार से कम प्रभावित होने वाली वेरायटी लाई जाएगी दालों, तिलहन के लिए मिशन मोड पर काम जारी है. सब्जियों की पैदावार बढ़ाने के लिए क्लस्टर स्कीम लाएंगे. तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की योजना का ऐलान.

कृषि सेक्टर के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का आवंटन

सरकार राज्यों के साथ साझेदारी में कृषि के लिए डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देगी. उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर सब्जी उत्पादन क्लस्टरों को बढ़ावा दिया जाएगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, इस वर्ष कृषि और संबद्ध क्षेत्रों के लिए आवंटन 1.52 लाख करोड़ रुपये है. सरकार जलवायु-अनुकूल बीज विकसित करने के लिए निजी क्षेत्र, विशेषज्ञों और अन्य को धन उपलब्ध कराएगी.

किसान क्रेडिट कार्ड पर बड़ा एलान

वित्त मंत्री ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर बड़ा एलान किया है. अब 5 और राज्यों में ये सुविधा मिलेगी. आपको बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड पर कुल 9% की ब्याज दर होता है. इस योजना में 2% की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जाती है.

1 करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए प्रोत्साहन

वित्त वर्ष 2025 में 400 जिलों में खरीफ फसलों का डिजिटल सर्वे होगा. कृषि उत्पादन बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी. कृषि और सहायक क्षेत्रों के लिए 1.52  लाख करोड़ रुपये का प्रावधान. सरकार जलवायु अनुकूल बीज विकसित करने के लिए अनुसंधान की व्यापक समीक्षा करेगी. अगले दो साल में देशभर में एक करोड़ किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

किसानों के लिए और अन्य बड़े एलान

•    6 करोड़ किसानों के लिए जमीन रजिस्ट्री पर जोर
•    5 राज्यों में किसान क्रेडिट कार्ड लॉन्च होगा
•    400 जिलों में डिजिटल खरीफ फसल सर्वे करेंगे
•    दालों, ऑयल सीड्स विस्तार पर मिशन लॉन्च करेंगे
•    सर्टिफिकेशन और ब्रांडिंग के जरिए बढ़ावा देंगे
•    कृषि सेक्टर के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का आवंटन
•    कृषि सेक्टर का विकास पहली प्राथमिकता
•    नैचुरल फार्मिंग के लिए 1 करोड़ किसानों को बढ़ावा
•    सर्टिफिकेशन और ब्रांडिंग के जरिए बढ़ावा देंगे
•    32 फसलों के लिए 109 वैराइटी लॉन्च करेंगे