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क्या है कॉमर्स मंत्रालय की सिंगल विंडो सिस्टम योजना, कैसे आसान हो जाएगा इंडस्ट्री लगाना
नेशनल ओपन विंडो सिस्टम में अब तक 13764 अप्रूवल दिए जा चुके हैं. जिसमें से 2.75 करोड़ से ज्यादा की फीस सरकारी खजाने में जमा हो चुकी है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
आज देश में अगर किसी को भी इंडस्ट्री लगानी हो तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती अलग-अलग मंत्रालयों से मिलने वाली चुनौती है। क्योंकि मौजूदा समय में ये सिस्टम इतना कठिन है कि काम हो ही नहीं पाता. इसी समस्या को खत्म करने के लिए कॉमर्स मंत्रालय नेशनल सिंगल विंडो सिस्टम पर काम कर रहा है. इस सिस्टम के तहत एक जगह ऑनलाइन अप्लाई करने से आपको एक ही विंडो के जरिए लगभग सभी मंत्रालयों से लेकर विभागों का क्लीयरेंस मिल जाता है. इस सिस्टम ने इस साल से काम करना शुरू तो कर दिया है लेकिन माना जा रहा है कि मार्च 2023 से ये पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा.
कैसे काम करता है ये सिस्टम
इसके लिए सभी आवेदकों को एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अप्लाई करना होता है,जिससे उसे अलग-अलग मंत्रालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं. इस पोर्टल पर आवेदन करने वाला देख सकता है कि उसकी फाइल को कहां-कहां से क्लीयरेंस मिल चुका है और कहां-कहां से क्लीयरेंस मिलना बाकी है. इसमें एक ही बार डॉक्यूमेंट को अपलोड करना होता है उसके बाद बार-बार उसके लिए नहीं जाना पड़ता.
अब तक कितने मंत्रालय जुड़ चुके हैं
नेशनल ओपन सिंगल विंडो सिस्टम से 2021 से लेकर अब तक 24 मंत्रालय और विभाग जुड़ चुके हैं. इसमें 17 राज्यों और केन्द्र शासित राज्यों के 2500 निवेशकों से जुड़े क्लीयरेंस को शामिल किया गया है लगभग 3000 किस्म के अप्रुवल को भी इसमें शामिल किया गया है. इसको एकKYA सिस्टम दिया गया है जिसे नो योर अप्रूवल के नाम से जाना जाता है. जिससे आप अपने आवेदन का स्टेटस भी देख सकते हैं. सभी मंत्रालयों की 368 में से 181 सेवाओं को इसके लिए उपयुक्त माना गया है.
अब तक कितनों ने किया इसका इस्तेमाल
नेशनल ओपन विंडो सिस्टम में अब तक 13764 अप्रूवल दिए जा चुके हैं. जिसमें से 2.75 करोड़ से ज्यादा की फीस सरकारी खजाने में जमा हो चुकी है. इस विंडो के जरिए लेदर सेक्टर के लिए 7 करोड़ रुपये की ग्रांट भी जारी की जा चुकी है. अब तक लगभग 13 हजार एप्लीकेशन को अप्रूवल दिया जा चुका है.
कौन-कौन सी कंपनियां हैं इसमें शामिल
कॉमर्स मिनिस्ट्री के इस सिस्टम से अब तक हिंदुस्तान पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम, गेल इंडिया रिलायंस ग्रुप, अडानी ग्रुप, टाटा ग्रुप, अल्ट्राटेक सीमेंट, हनीवेल ऑटोमेशन, सन फॉर्मा, फिलिप्स, महिंद्रा, मारुति, सहित कई अन्य कंपनियां जुड़ चुकी हैं.
कौन से राज्य जुड़े और कौनसे जुड़ने बाकी
इस पोर्टल से अब तक 16 राज्य जुड़ चुके हैं जबकि 20 राज्यों को और जुड़ना बाकी है. जुड़ने वाले प्रमुख राज्यों में गोवा , गुजरात, हिमाचल, यूपी, पंजाब, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, और जम्मू कश्मीर सहित कुछ अन्य राज्य हैं. वहीं अब तक नहीं जुड़े राज्यों में ज्यादातर केन्द्र शासित राज्यों के अतिरिक्त राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा और वेस्ट बंगाल सहित अन्य राज्य शामिल है.
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