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आखिर बाजार में क्‍या हुआ महंगा जिससे बढ़ गई थोक महंगाई, यहां पहुंचा आंकड़ा

पिछली बार ब्‍याज दरों का ऐलान करते वक्‍त आरबीआई ने नवंबर और दिसंबर में महंगाई को लेकर आगाह किया था. इस महंगाई ने एक बार फिर उच्‍च ब्‍याज दरों के खतरे को बढ़ा दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 2 years ago

2023 अगर कई अच्‍छे इवेंट के लिए जाना जाएगा तो इसे अपनी महंगाई के लिए भी याद किया जाएगा. महंगाई ऐसी कि 2023 के आखिरी महीने में तक थोक महंगाई के आंकड़े सामने आए हैं उसमें तेजी देखने को मिल रही है. आंकड़ों के अनुसार दिसंबर में थोक महंगाई दर में 0.73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. इस उछाल की वजह रही है सब्जियों और दालों की कीमत, जिसके कारण थोक महंगाई दर में 0.73 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. बढ़ोतरी इतनी हुई कि महंगाई दर 4 महीने के उच्‍च स्‍तर पर जा पहुंची है. 

इन क्षेत्रों में देखने को मिली तेजी 
थोक महंगाई दर में इजाफा जिन सेक्‍टरों में तेजी के कारण देखने को मिला है उनमें मैन्‍युफैक्‍चरिंग, इलेक्‍ट्रॉनिक एवं ऑप्टिकल प्रोडक्‍ट्स, कंप्‍यूटर, मशीनरी शामिल हैं. यही नहीं सब्जियों और दालों में भी महंगाई का असर देखने को मिला है. इसी कारण थोक महंगाई दर 0.73 प्रतिशत बढ़ी है. अगर नवंबर में इस थोक महंगाई दर पर नजर डालें तो ये 0.26 प्रतिशत थी. खाने पीने के सामानों में इतनी तेजी है कि दिसंबर में महंगाई दर 9.38 प्रतिशत तक जा पहुंची है. ये नवंबर में 8.18 प्रतिशत थी. 

आरबीआई ने पहले ही अलर्ट किया था
आरबीआई की ओर से जब पिछली बार ब्‍याज दरों का ऐलान हुआ था उस वक्‍त उस वक्‍त पहले ही केन्‍द्रीय बैंक की ओर से नवंबर और दिसंबर में महंगाई के जोखिम के बारे में आगाह किया गया था. दिसंबर में महंगाई दर पर नजर डालें तो वो 5.69 प्रतिशत पर पहुंच गई है. जबकि नवंबर में ये 5.55 प्रतिशत पर थी. इस महंगाई दर में अच्‍छी बात ये है कि ये आरबीआई की टारगेट रेंज से नीचे हैं. आरबीआई का खतरे का निशान 6 प्रतिशत से आगे शुरु होता है. गौरतलब बात ये है कि महंगाई दर में खाने पीने के सामान की भूमिका 50 प्रतिशत होती है. जबकि बाकी अन्‍य उद्योगों से लेकर दूसरे क्षेत्रों की भूमिका होती है. 
 

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