होम / बिजनेस / हिंडनबर्ग विवाद में अडानी को बड़ी राहत, SEBI की जांच में मिली क्लीन चिट
हिंडनबर्ग विवाद में अडानी को बड़ी राहत, SEBI की जांच में मिली क्लीन चिट
सेबी के इस आदेश के बाद न केवल अदाणी समूह को बड़ी राहत मिली है, बल्कि यह मामला भी लगभग समाप्त हो गया है जिसने एक समय देश की वित्तीय प्रणाली को झकझोर कर रख दिया था.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अडानी ग्रुप को 2023 में अमेरिकी शॉर्ट सेलर हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए सभी प्रमुख आरोपों से बरी कर दिया है. सेबी ने दो अलग-अलग आदेशों में यह स्पष्ट किया कि अदाणी समूह या उसकी कंपनियों द्वारा किसी नियामकीय मानदंड का उल्लंघन नहीं हुआ है. तो चलिए हम आपको सेबी की जांच से लेकर इस मामले की शुरुआत तक पूरी जानकारी देते हैं.
सेबी ने कहा "नहीं हुए नियामकीय उल्लंघन"
सेबी ने अपने जांच निष्कर्षों में कहा कि अडानी ग्रुप और हिंडनबर्ग द्वारा रिपोर्ट में उल्लिखित कंपनियों के बीच हुए लेन-देन को ‘रिलेटेड पार्टी ट्रांजेक्शन’ की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता. इन कंपनियों में एडिकॉर्प एंटरप्राइजेज, माइलस्टोन ट्रेडलिंक्स और रहवर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रमुख हैं. नियामक के अनुसार, अडानी ग्रुप द्वारा किसी भी तरह से एलओडीआर (LODR) या पीएफयूटीपी (PFUTP) जैसे विनियमों का उल्लंघन नहीं किया गया है.
आरोप खारिज, कार्यवाही बंद
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सेबी के पूर्णकालिक सदस्य कमलेश चंद्र वार्ष्णेय ने अपने आदेश में कहा, "मामले पर समग्र विचार करने के बाद पाया गया कि नोटिस प्राप्तकर्ताओं के खिलाफ लगाए गए आरोप टिकाऊ नहीं हैं. अतः कोई दंड नहीं लगाया जा रहा है." यह भी स्पष्ट किया गया कि जिन लेन-देन को लेकर पैसा हेरफेर का आरोप था, वह मूलतः कर्ज के रूप में थे. समूह ने सेबी को दिए जवाब में कहा था कि एडिकॉर्प के साथ हुए लेन-देन को कर्ज की श्रेणी में रखा गया था.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर हुई थी जांच
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप पर पैसों के हेरफेर और संबंधित पक्षों के साथ गैर-पारदर्शी लेन-देन के गंभीर आरोप लगे थे. इस रिपोर्ट से अडानी ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट आई थी, जिससे निवेशकों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ. SEBI ने यह जांच भारत के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद शुरू की थी, जिसमें यह देखा गया कि कहीं अदाणी समूह ने धोखाधड़ी या अनुचित व्यापार प्रथाओं का सहारा तो नहीं लिया.
हिंडनबर्ग रिपोर्ट से कैसे हिला था समूह
2023 में रिपोर्ट जारी होने से पहले अदाणी समूह की कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 19.2 लाख करोड़ रुपये था, जो 27 फरवरी 2023 तक गिरकर 6.8 लाख करोड़ रुपये रह गया था. हालांकि अब, वर्तमान में समूह का बाजार पूंजीकरण 13.6 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिससे निवेशकों को आंशिक राहत मिली है.
गौतम अडानी की प्रतिक्रिया
SEBI के फैसले के बाद अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा “पारदर्शिता और ईमानदारी हमेशा से अदाणी समूह की पहचान रही है. हम उन निवेशकों के दर्द को गहराई से महसूस करते हैं जिन्होंने इस धोखाधड़ी और प्रेरित रिपोर्ट के कारण पैसे गंवाए. झूठी बातें फैलाने वालों को देश से माफी मांगनी चाहिए.”
जांच में क्या निकला सामने?
सेबी की जांच में यह भी सामने आया कि एडिकॉर्प के कुल लेन-देन का 66% निकासी और 67% जमा अदाणी समूह से संबंधित था. यदि अदाणी समूह के साथ लेन-देन को निकाल दिया जाए, तो एडिकॉर्प के बैंकिंग ट्रांजेक्शंस लगभग नगण्य रह जाते हैं. इससे हिंडनबर्ग द्वारा लगाए गए फर्जीवाड़े के आरोपों की बुनियाद कमजोर साबित हुई.
टैग्स