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दो गुजरातियों के बीच अब होगी सीधी जंग, जानें क्या है अडानी का प्लान?
अडानी समूह अब टेलीकॉम सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रहा है. इस सेक्टर में फिलहाल मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो और सुनील भारती मित्तल की एयरटेल मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
रिलायंस इंडस्ट्री के चेयरमैन मुकेश अंबानी और अडानी ग्रुप के प्रमुख गौतम अडानी के बीच अब सीधी टक्कर होने वाली है. क्योंकि अडानी समूह अब टेलीकॉम सेक्टर में उतरने की तैयारी कर रहा है. बता दें कि इस सेक्टर में फिलहाल अंबानी की रिलायंस जियो और सुनील भारती मित्तल की एयरटेल मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं. जियो ने थोड़े से वक्त में ही काफी मार्केट कैप्चर कर लिया है. निश्चित तौर पर अडानी की मौजूदगी से जियो और एयरटेल का बाजार प्रभावित होगा.
चौथा आवेदक अडानी ग्रुप?
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अडानी ग्रुप समूह अप्रत्याशित रूप से दूरसंचार स्पेक्ट्रम हासिल करने की दौड़ में शामिल होने की योजना बना रहा है. 5G स्पेक्ट्रम की नीलामी में भाग लेने के लिए चार आवेदकों ने आवेदन किया. ये नीलामी 26 जुलाई को होगी. रिपोर्ट बताती है कि जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के अलावा, चौथा आवेदन अडानी समूह है. बता दें कि 5G लॉन्च होने के बाद ग्राहकों को कई गुना तेज इंटरनेट मिलेगा.
शेयर करना होगा बाजार
अडानी ग्रुप पहले ही नेशनल लॉन्ग डिस्टेंस (NLD) और इंटरनेशनल लॉन्ग डिस्टेंस (ILD) जैसे टेलीकॉम सेवाओं के लिए लाइसेंस हासिल कर चुका है. बता दें कि दूरसंचार स्पेक्ट्रम की नीलामी 26 जुलाई को होगी. इस दौरान कम से कम 4.3 लाख करोड़ रुपए के कुल 72,097.85 मेगाहर्ट्ज स्पेक्ट्रम की पेशकश की जाएगी. टेलीकॉम रेगुलेटरी TRAI की कुछ वक्त पहले आई रिपोर्ट में बताया गया था कि मार्च 2022 में Airtel और Reliance Jio के ग्राहकों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया था. एक तरह से ये दोनों कंपनियां ही इस सेक्टर पर राज कर रही हैं. अब ऐसे में गौतम अडानी की एंट्री से उन्हें अपना बाजार शेयर करना होगा, जिससे कंपनियों की आर्थिक सेहत प्रभावित होगी.
दो-दो हाथ की तैयारी
अब तक अंबानी और अडानी का किसी कारोबार में सीधा आमना-सामना नहीं हुआ था. क्योंकि अंबानी का कारोबार क्रूड ऑयल, पेट्रोकैमिकल से लेकर टेलीकॉम और रिटेल सेक्टर तक फैला है. जबकि अडानी ग्रुप पोर्ट से लेकर कोयला, ऊर्जा वितरण और एविएशन सेक्टर में ऑपरेशन कर रही है. लेकिन अब टेलीकॉम सेक्टर में दोनों के बीच आमने-सामने की जंग होगी. इसके अलावा, अडानी ने पेट्रोकैमिकल कारोबार में उतरने के लिए एक सहायक कंपनी बनाई है. वहीं, अंबानी ने भी ऊर्जा क्षेत्र में कई अरब डॉलर की योजनाओं की घोषणा की है. यानी मूल रूप से गुजरात के रहने वाले दोनों कारोबारी अब बिज़नेस में दो-दो हाथ करने के लिए तैयार हैं.
बढ़ा नेट वर्थ का फासला
मुकेश अंबानी की नेट वर्थ 8,740 करोड़ डॉलर है, जबकि गौतम अडानी की नेट वर्थ 10,340 कार्ड डॉलर पहुंच गई है. पिछले कुछ समय में अडानी ने बड़ी तेजी से तरक्की की है. वह नए-नए सेक्टर में प्रवेश कर रहे हैं. उन्हें टक्कर देने के लिए मुकेश अंबानी ने भी बिज़नेस के विस्तार की गति बढ़ा दी है. ऐसे में अडानी का टेलीकॉम सेक्टर में प्रवेश मुकेश अंबानी की टेंशन बढ़ा सकता है. हालांकि, एक और बड़े प्लेयर के बाजार में आने से ग्राहकों को ज़रूर कुछ फायदा हो सकता है.
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