होम / बिजनेस / जिस कंपनी को हर कीमत पर खरीदना चाहते थे Adani, उस पर आया ये बड़ा अपडेट
जिस कंपनी को हर कीमत पर खरीदना चाहते थे Adani, उस पर आया ये बड़ा अपडेट
अडानी समूह ने डीबी पावर को 7,017 करोड़ रुपए में खरीदने की घोषणा पिछले साल अगस्त में की थी.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट ने अडानी समूह (Adani Group) का ऐसा गणित बिगाड़ा है कि उसकी चाल-ढाल सब बदल गई है. कल तक समूह के मालिक गौतम अडानी (Gautam Adani) दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण करने पर जोर दे रहे थे, ताकि अलग-अलग सेक्टर्स में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर सकें. लेकिन आज उनका रुख एकदम उलट हो गया है. अडानी समूह ने डीबी पावर (DB Power) खरीदने से इनकार कर दिया है. जबकि कुछ समय पहले तक समूह हर कीमत पर इसे खरीदना चाहता था.
क्या थी समूह की योजना?
डीबी पावर के पास छत्तीसगढ़ में 1200 मेगावॉट के थर्मल प्लांट हैं. अडानी समूह की योजना इस कंपनी को अपना बनाकर छत्तीसगढ़ में कारोबार को विस्तार देने की थी. इसे इलेक्ट्रिसिटी सेक्टर में अडानी ग्रुप की दूसरी सबसे बड़ी मर्जर एंड एक्विजिशन डील बताया जा रहा था. समूह ने डीबी पावर को 7,017 करोड़ रुपए में खरीदने की घोषणा पिछले साल अगस्त में की थी. इस डील को 31 अक्टूबर, 2022 तक पूरा होना था, लेकिन डेडलाइन लगातार बढ़ती गई.
क्यों बढ़ाई गई डेडलाइन?
पहले डेडलाइन को 31 अक्टूबर-22 से 30 नवंबर किया गया, फिर 31 दिसंबर-22. इसके बाद 15 जनवरी 2023, लेकिन डील परवान नहीं चढ़ सकी. इसके बाद अडानी समूह को डील पर विचार करने का मौका ही नहीं मिला, क्योंकि 24 जनवरी को हिंडनबर्ग ने अडानी ग्रुप पर अपनी रिपोर्ट से तहलका मचा दिया और गौतम अडानी का साम्राज्य बिखरने लगा. डील की घोषणा के समय अडानी ग्रुप ने दावा किया था कि उसके पास कैपिटल एक्सपेंडेचर के लिए पर्याप्त कैश है और यह डील समय पर पूरी होगी, मगर कई बार डेडलाइन बढ़ाना उसके इस दावे पर सवाल खड़े करता है.
दूसरी डील पर भी होगा असर
डीबी पावर डील की फाइनल क्लोजिंग डेट 15 फरवरी थी, लेकिन अडानी ग्रुप इस डील को पूरा नहीं कर पाया. अब समूह की तरफ से बताया गया है कि ये डील कैंसिल हो गई है. इस डील के टूट जाने को समूह के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. क्योंकि इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में विस्तार की उसकी योजना भी खटाई में पड़ गई है. इतना ही नहीं, आशंका जताई जा रही है कि समूह की अन्य डील भी प्रभावित हो सकती हैं. हिंडनबर्ग की रिपोर्ट से पहले तक गौतम अडानी की शॉपिंग लिस्ट में कुछ कंपनियां शामिल थीं, जिन पर शायद अब वह कोई फैसला लेने से बचें.
टैग्स