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नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 3.95% की गिरावट, ₹6.64 लाख करोड़ पर पहुंचा संग्रह
जहां एक ओर करदाताओं के लिए बढ़े हुए रिफंड राहत का संकेत हैं, वहीं दूसरी ओर इससे सरकार की राजस्व स्थिति पर असर पड़ा है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
चालू वित्त वर्ष 2025-26 के पहले साढ़े चार महीनों (1 अप्रैल से 11 अगस्त तक) में केंद्र सरकार का नेट डायरेक्ट टैक्स संग्रह 3.95% घटकर ₹6.64 लाख करोड़ रह गया है. यह गिरावट मुख्य रूप से रिफंड्स में तेज वृद्धि के चलते दर्ज की गई है, जिससे सकल कर संग्रह से होने वाला लाभ कम हो गया है. यह जानकारी सरकार द्वारा जारी अनंतिम (provisional) आंकड़ों में सामने आई है.
रिफंड में 10% की वृद्धि
सरकार ने इस वित्तीय अवधि में अब तक ₹1.35 लाख करोड़ के रिफंड जारी किए हैं, जो कि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.81% अधिक है. रिफंड्स में यह तेज़ बढ़ोतरी टैक्सदाताओं के लिए राहत का कारण बनी है, लेकिन इससे सरकार के कुल शुद्ध टैक्स संग्रह पर दबाव पड़ा है.
कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह
कॉर्पोरेट टैक्स का शुद्ध संग्रह ₹2.29 लाख करोड़ रहा है, जो कॉर्पोरेट क्षेत्र से स्थिर टैक्स इनफ्लो को दर्शाता है. गैर-कॉर्पोरेट टैक्स संग्रह ₹4.12 लाख करोड़ पर रहा है, जिसमें व्यक्तिगत करदाता, हिंदू अविभाजित परिवार (HUFs) और फर्मों से प्राप्त टैक्स शामिल हैं. Securities Transaction Tax (STT) से प्राप्त राजस्व ₹22,362 करोड़ रहा, जो कि सिक्योरिटीज की खरीद-बिक्री पर लगाया जाता है.
सकल संग्रह में भी मामूली गिरावट
रिफंड से पहले का सकल डायरेक्ट टैक्स संग्रह ₹7.99 लाख करोड़ रहा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में दर्ज ₹8.14 लाख करोड़ के मुकाबले 1.87% कम है. पिछले साल की तुलना में नेट टैक्स संग्रह में यह कमी सरकारी खजाने के लिए चिंता का विषय है.
पूरे वर्ष का लक्ष्य
केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹25.20 लाख करोड़ का डायरेक्ट टैक्स संग्रह लक्ष्य निर्धारित किया है, जो पिछले वर्ष के संशोधित अनुमानों से 12.7% अधिक है. इस लक्ष्य में से ₹78,000 करोड़ STT से आने की उम्मीद जताई गई है.
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