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एविएशन सेक्टर में अडानी ग्रुप का बड़ा दांव: 20,000 करोड़ रुपये की योजना तैयार
अडानी ग्रुप की यह योजना न केवल भारतीय एविएशन सेक्टर की तस्वीर बदल सकती है, बल्कि एयरपोर्ट्स को एक नए व्यवसायिक आयाम में बदलने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती है.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
अडानी ग्रुप (Adani Group) ने अपने एविएशन कारोबार को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर ली है. ग्रुप की योजना है कि एयरपोर्ट केवल उड़ानों के संचालन तक सीमित न रहें, बल्कि खुद एक आर्थिक गतिविधियों के केंद्र यानी बिजनेस हब बनें. इसके लिए अडानी एयरपोर्ट्स होल्डिंग्स ने आने वाले वर्षों में ₹20,000 करोड़ रुपये निवेश करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया है.
मुंबई और नवी मुंबई एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा निवेश
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अडानी एयरपोर्ट्स एक ऐसा मॉडल विकसित कर रही है जो दीर्घकालिक, स्थिर और फ्लेक्सिबल हो. एयरपोर्ट अब केवल यात्रा का माध्यम न रहकर, व्यापार, हॉस्पिटैलिटी और सेवाओं का केंद्र बनेंगे. इस योजना के तहत कुल निवेश का लगभग 70% हिस्सा मुंबई और नवी मुंबई हवाई अड्डों के आसपास बनने वाली परियोजनाओं में लगाया जाएगा. विशेष रूप से नवी मुंबई एयरपोर्ट के पास 240 एकड़ भूमि पर एक आधुनिक “एयरपोर्ट टाउनशिप” विकसित की जाएगी, जिसका पहला चरण अक्टूबर 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है.
यह टाउनशिप पूरी तरह व्यावसायिक उपयोग के लिए होगी, जिसमें 1,000 कमरों वाले पाँच स्टार होटल एक विशाल शॉपिंग मॉल, तीन आधुनिक ऑफिस टावर शामिल होंगे. गौरतलब है कि इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार के आवासीय फ्लैट बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
अंतरराष्ट्रीय मॉडल से ली प्रेरणा
इस परियोजना की रूपरेखा एम्स्टर्डम के शिफोल एयरपोर्ट, सिडनी एयरपोर्ट और ज्यूरिख के ‘द सर्कल’ जैसे ग्लोबल एयरपोर्ट शहरों से प्रेरित है, जहाँ हॉस्पिटैलिटी, रिटेल और ऑफिस स्पेस को एकीकृत रूप में विकसित किया गया है. अडानी एयरपोर्ट्स के सिटीसाइड डेवलपमेंट के सीईओ अमित ग्रोवर के मुताबिक, इस प्लान का उद्देश्य न केवल यात्रियों को बल्कि स्थानीय नागरिकों को भी आकर्षित करना है, जिससे एयरपोर्ट क्षेत्र दिन-रात सक्रिय बना रहे.
2030 तक बदलेगा राजस्व का ढांचा
वर्तमान में अडानी एयरपोर्ट्स की कुल आय का लगभग 50% हिस्सा एविएशन यानी हवाई गतिविधियों से आता है. लेकिन कंपनी का लक्ष्य है कि 2030 तक यह अनुपात घटकर 30% रह जाए और शेष 70% राजस्व रिटेल, होटल, ऑफिस, फूड कोर्ट जैसे नॉन-एविएशन स्रोतों से आए.
नवी मुंबई में विकास की ज्यादा संभावनाएं
अडानी एयरपोर्ट्स के सीईओ अरुण बंसल ने बताया कि नवी मुंबई एयरपोर्ट को लेकर कंपनी अधिक आशावादी है, क्योंकि मौजूदा मुंबई एयरपोर्ट पर कुछ कानूनी प्रतिबंध हैं जो एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया एक्ट के अंतर्गत आते हैं. वहीं, नवी मुंबई एयरपोर्ट पूरी तरह अडानी ग्रुप के नियंत्रण में है, जिससे वहां विकास की अधिक संभावनाएं हैं. कंपनी होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की प्रमुख चेन के साथ साझेदारी के लिए भी बातचीत कर रही है.
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