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Tata Motors के शेयरहोल्डर्स को 6 सालों से है इस खुशखबरी का इंतजार

टाटा ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Tata Motors ने पिछले 6 साल से अपने शेयरधारकों को कोई डिविडेंड नहीं दिया है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago

टाटा मोटर्स के शेयरों में इन दिनों उतार-चढ़ाव का दौर जारी है. पिछले पांच दिनों में यह करीब ढाई फीसदी लुढ़का है. लेकिन पूरे एक साल का रिकॉर्ड कंपनी के शेयरों के लिए अच्छा रहा है. इनमें 30% से ज्यादा की बढ़ोत्तरी हुई है. ऐसे में यह सवाल तो बनता ही है कि आखिर टाटा मोटर्स अपने शेयरधारकों को डिविडेंड यानी लाभांश कब दे रही है?  

ऐसा रहा है प्रदर्शन
टाटा ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी Tata Motors ने पिछले 6 साल से अपने शेयरधारकों को कोई डिविडेंड नहीं दिया है. शेयर बाजार में कंपनी की पांच सालों की परफॉरमेंस के बारे में बात करें तो इसमें कुछ गिरावट आई है. 7 जुलाई 2017 को कंपनी के शेयर की कीमत 436.85 रुपए थी और 6 जुलाई को यह 413 रुपए है.

नुकसान का हवाला
ऐसे में जब कई कंपनियां अपने शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का भुगतान कर रही हैं, टाटा मोटर्स से भी यही आशा की जा रही है. इस बारे में कंपनी के चेयरमैन N Chandrasekaran का कहना है कि 1500 करोड़ रुपए तक के भारी नुकसान की वजह से परिस्थितियां कठिन हो गई थीं. कंपनी जब तक इस नुकसान की भरपाई नहीं कर लेती, डिविडेंड के भुगतान में मुश्किल आएगी. उनके मुताबिक, लाभांश भुगतान के लिए कम-से-कम इस नुकसान की भरपाई जरूरी है.

2016 में हुआ था भुगतान
हालांकि, टाटा मोटर्स की 77वें AGM में एन चंद्रशेखरन ने यह भी कहा कि हम डिविडेंड का भुगतान करने वाली कंपनी बनने के लिए काम कर रहे हैं. बता दें कि टाटा मोटर्स ने पिछली बार मई, 2016 में अपने शेयरधारकों को डिविडेंड दिया था. चंद्रशेखरन ने बताया कि कंपनी की ब्रिटिश इकाई जैगुआर एंड लैंड रोवर (JLR) भी अपनी पैरेंट कंपनी को डिविडेंड देने के लिए मेहनत कर रही है.  

क्या होता है डिविडेंड?
डिविडेंड यानी लाभांश से आशय है कंपनी की आय के कुछ हिस्से को शेयरधारकों के बीच बांटना. शेयरधारकों को कितना डिविडेंड मिलेगा यह कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स द्वारा निर्धारित किया जाता है. कंपनियां प्रति शेयर डिविडेंड देती हैं. शेयर मार्केट में निवेश करने वाले डिविडेंड से ही मोटी कमाई कर लेते हैं.
 


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