Lalit Narayan kandpal
Lalit Narayan kandpal

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
lalit@businessworld.in


BW Businessworld अपने इस विशेष अंक में एक वित्तीय वर्ष में INR 250 करोड़ से अधिक राजस्व उत्पन्न करने वाले और नए मानकों को स्थापित करने वाले इंडस्‍ट्री के नए लीडरों को सम्‍मान दे रहा है. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

QCO आने के बाद इसके निर्यात में जहां इजाफा हुआ है वहीं आयात में 70 प्रतिशत तक की कमी देखने को मिली है. सरकार का मानना है कि QCO ऐसी चीज है जो बेहतर क्‍वॉलिटी

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

अमेरिकी सेंट्रल बैंक के द्वारा कीमतों में किए गए इजाफे के बाद रुपये से लेकर सोने तक में इजाफा देखने को मिल रहा है. इस बढ़ोतरी के बाद रुपया जहां मजबूत हुआ है वहीं दूसरी ओर सोने की कीमत भी बढ़ गई है. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय हर राज्‍य में कम से कम एक फूड स्‍ट्रीट बनाने को लेकर काम कर रहा है. इसके तहत जिन स्‍ट्रीट वेंडरों को इसके तहत लाया जाएगा उन्‍हें हाईजीन से काम करने की जानकारी दी जाएगी. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

पिछले लंबे समय से गिरावट का सामना कर रहे रुपया बुधवार को उस वक्‍त मजबूत होता दिखा जब यूएस फेड ने ब्‍याज दरों में इजाफा कर दिया.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

सरकार अभी तक 300 से ज्‍यादा प्रोडक्‍ट ऐसे हैं जिस पर QCO लागू कर चुकी है. अब सरकार EV और ड्रोन सेक्‍टर को भी इसके दायरे में लाने जा रही है जिससे उपभोक्‍ताओं को अव्‍वल दर्जे के प्रोडक्‍ट मिल सकें.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

इस एलीट सूची की घोषणा जून 2023 में एक भव्य समारोह में की जाएगी, इनके चयन के लिए एक हाईप्रोफाइल ज्‍यूरी भी बनाई गई है. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

क्‍वीन विक्‍टोरियों के जमाने से लेकर आधुनिक समाज तक आभूषण डिजाइन के विकास की पड़ताल बताती है कि ये बेहद दिलचस्‍प है. इसमें दिखता है कि कैसे आभूषणों में बड़े बदलाव आए हैं. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

दुनियाभर में 8 करोड़ से ज्‍यादा नौकरियों के अवसर पैदा होते हैं लेकिन रिपोर्ट कहती है कि अगले पांच सालों में सिर्फ 6.90 करोड़ नौकरियां ही पैदा होने जा रही हैं, ऐसे में नौकरियों में बड़ी कमी हो सकती है.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

मंगलवार को बाजार में तेजी के बाद माना जा रहा है कि आज भी बाजार में तेजी देखने को मिल सकती है. आज कुछ कंपनियों के नतीजे आने हैं तो ऐसे में उसका असर भी दिख सकता है.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

देश की नामी फिनटेक कंपनी BharatPe ने ट्रिलियन लोन नाम की नॉन बैंकिंग कंपनी में बड़ी हिस्‍सेदारी खरीद उसका अधिग्रहण कर लिया है, लेकिन ट्रिलियन लोन अभी भी स्‍वतंत्र इकाई के रूप में काम करता रहेगा. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

केन्‍द्र सरकार की शीड फंडिंग का असर Startup बाजार पर देखने को मिल रहा है. सरकार की ओर से 2022 में कई भारतीय स्‍टार्टअप 187 करोड़ रुपये से ज्‍यादा की फंडिंग जुटाने में कामयाब रहे हैं. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

स्‍वदेशी जागरण मंच के अश्विनी महाजन का मानना है कि मौजूदा समय में वार्निंग का जो सिस्‍टम चल रहा है वो पूरी तरह से सही है. स्‍टॉर रेटिंग में लोगों को पता नहीं चल पाता है कि इसमें क्‍या-क्‍या मिला है.  

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

EPFO की हॉयर पेंशन के लिए आवेदन की तारीख को 3 मई कर दिया था, जिसके बाद कल ये तारीख खत्‍म हो रही है. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल ये खड़ा हो रहा है कि क्‍या सरकार तारीख को आगे बढ़ाएगी. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

दरअसल वित्‍त मंत्रालय बट्टे खाते में डाले गए खातों से कम वसूली दर को लेकर चिंतित है. इसे लेकर उसने कहा है कि राज्य के स्वामित्व वाले उधारदाताओं से इसे बढ़ाकर लगभग 40 प्रतिशत करने को कहा है.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

रियल स्‍टेट फंड कंपनी ब्रुकफील्ड ने रियल स्‍टेट के सौदों को ध्‍यान में रखते हुए भारती एंटरप्राइजेस में हिस्‍सेदारी खरीद ली है। कंपनी ने 5,000 करोड़ रुपये उसकी 51% हिस्‍सेदारी का सौदा किया है. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

देश के नामी बिजनेसमैन परिवारों की ये बेटियांं आज देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी नाम कमा रही हैं और अपने कारोबार को आगे बढ़ा रही हैं.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

2021-22 की चौथी तिमाही जनवरी-मार्च तक में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक का शुद्ध लाभ 310 करोड़ रुपये था. जबकि इस साल ये 571 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

हाल ही में रिलायंस कैपिटल के लिए संपन्‍न हुई नीलामी में सबसे बड़े प्‍लेयर के तौर पर IIHL सामने आया था, अब खबर ये आ रही है कि उसे पहले ही इसके लिए बड़ी फंडिंग मिल चुकी है. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago

साल के शुरुआत में Wipro की ओर से कई कर्मचारियों को कम सैलरी में नौकरी ज्‍वॉइन करने के लिए कहा गया था, अब खबर आ रही है कि ज्‍यादातर लोगों ने कम सैलरी में ज्‍वॉइन करने की बात स्‍वीकार कर ली है. 

ललित नारायण कांडपाल 3 years ago