Rukam Capital ने संजीव मिश्रा को नियुक्त किया सलाहकार, इनोवेशन और ग्रोथ को मिलेगा बढ़ावा

तीन दशकों से अधिक के कॉर्पोरेट अनुभव के साथ, संजीव मिश्रा अदानी ग्रुप की नेतृत्व टीम के महत्वपूर्ण सदस्य थे, जहां वे ग्रुप बिजनेस और रिन्यूएबल्स के वीपी के रूप में कार्यरत थे.

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Tuesday, 06 August, 2024
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Rukam Capital ने संजीव मिश्रा को एक सलाहकार के रूप में नियुक्त किया है. यह रणनीतिक कदम Rukam Capital को भारत के प्रमुख वेंचर कैपिटल फंड हाउस के रूप में और मजबूत करेगा, जो इनोवेशन, एंटरप्रेन्योरशिप को बढ़ावा देने और भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में अच्छा मुनाफा कमाने के लिए समर्पित है.

संजीव मिश्रा के पास तीन दशकों से अधिक का कॉर्पोरेट अनुभव है. वह अदानी ग्रुप में ग्रुप बिजनेस और रिन्यूएबल्स के वीपी के रूप में कार्यरत थे. इस भूमिका में, उन्होंने बिक्री बढ़ाने, रणनीतिक योजना बनाने, और बड़े प्रोजेक्ट्स को मैनेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संजीव ने सिलिकॉन वैली में एक दशक से अधिक समय बिताया है, जहां उन्होंने प्रमुख कंपनियों की वृद्धि में योगदान दिया. वर्तमान में, वह Yoho में डायरेक्टर हैं, जो Rukam Capital के प्रमुख पोर्टफोलियो ब्रांड्स में से एक और भारत की सबसे तेजी से बढ़ती फुटवियर स्टार्टअप है.

संजीव मिश्रा ने Paytm में सीनियर वीपी और डायरेक्टर के पद पर काम किया है, जहां उन्होंने B2B कॉमर्स और वैश्विक एक्सपोर्ट-इम्पोर्ट का नेतृत्व किया. उनकी नेतृत्व शैली में प्राथमिकताओं को सही तरीके से निर्धारित करना, इनोवेशन को बढ़ावा देना, व्यापार और ब्रांड की वृद्धि को बढ़ावा देना, बिक्री में सुधार करना, उत्पादकता बढ़ाना, और सही संरचना, टैलेंट और संस्कृति के साथ टीम बनाना शामिल था. इसके अलावा, वह राजीव मिश्रा फैमिली ऑफिस में मैनेजिंग पार्टनर के रूप में निवेश का भी नेतृत्व करते हैं.

Rukam Capital ने हमेशा हाई ग्रोथ संभावनाओं वाले स्टार्टअप्स की पहचान और पोषण करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दिखाई है. Rukam Capital में सलाहकार के रूप में, संजीव मिश्रा अपनी व्यापक अनुभव का उपयोग करके फंड की रणनीतिक पहलों को मार्गदर्शन देंगे, विशेष रूप से उन हाई-पोटेंशियल तकनीकी और उपभोक्ता ब्रांड्स को स्केल करने में, जो खाद्य और पेय पदार्थ, व्यक्तिगत देखभाल, स्वास्थ्य और वेलनेस, घर और किचन आदि क्षेत्रों में हैं. उनकी वैश्विक विस्तार, इनोवेशन, उत्पादकता में अनुभव Rukam Capital की भारत में प्रारंभिक चरण की फंडिंग गैप को भरने की चल रही कोशिशों के लिए एक महत्वपूर्ण संपत्ति साबित होगा.

संजीव मिश्रा ने सलाहकार के रूप में शामिल होने पर कहा कि मैं Rukam Capital फंड हाउस को सलाह देने और इसके अगले पीढ़ी के उपभोक्ता और तकनीकी ब्रांड्स को बढ़ावा देने के दृष्टिकोण में योगदान देने के लिए उत्साहित हूं. पिछले दशक में भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है और इसमें बहुत संभावनाएं हैं. Rukam Capital का प्रारंभिक चरण के निवेश पर ध्यान मेरे इनोवेशन और रणनीतिक विकास के विश्वास के साथ पूरी तरह मेल खाता है. मैं टीम के साथ मिलकर काम करने और अपनी अनुभव का उपयोग करके Rukam Capital के पोर्टफोलियो के स्टार्टअप्स को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर हूं.

Rukam Capital की मैनेजिंग पार्टनर अर्चना जाघीरदार ने कहा कि हमें संजीव को हमारी सलाहकार टीम में स्वागत करते हुए बहुत खुशी हो रही है. जब हम अपने पोर्टफोलियो फर्म्स की मदद और निर्माण जारी रखेंगे, तो उनका शानदार ट्रैक रिकॉर्ड और घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों की गहरी समझ बहुत उपयोगी होगी. बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन में उनकी विशेषज्ञता और उनकी रणनीतिक दृष्टि निस्संदेह हमारे पोर्टफोलियो ब्रांड्स को बढ़ावा देने और स्केल करने के मिशन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. हमें पूरा विश्वास है कि उनकी समझ और नेतृत्व हमारे फंड और हमारे पोर्टफोलियो स्टार्टअप्स के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा.
 


मिडिल ईस्ट प्रैक्टिस के लिए प्राइमस पार्टनर्स ने मोहन दोईफोडे को बनाया MD

पूर्व डेलॉइट कंसल्टिंग लीडर GCC क्षेत्र में कंपनी के विस्तार और क्लाइंट संबंधों को देंगे नई दिशा

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Monday, 22 June, 2026
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प्रबंधन परामर्श क्षेत्र की भारतीय कंपनी प्राइमस पार्टनर्स (Primus Partners) ने मोहन दोईफोडे को प्राइमस स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट कंसल्टिंग LLC का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. कंपनी ने मिडिल ईस्ट में अपनी मौजूदगी मजबूत करने और नेतृत्व टीम के विस्तार के तहत यह नियुक्ति की है.

दुबई और रियाद में आधारित मोहन दोईफोडे GCC क्षेत्र में कंपनी की विकास रणनीति का नेतृत्व करेंगे. साथ ही वे ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत करने और रणनीति, परिवर्तन, सार्वजनिक नीति तथा प्रबंधन परामर्श सेवाओं से जुड़े कंसल्टिंग प्रोजेक्ट्स की निगरानी करेंगे.

दोईफोडे के पास प्रबंधन परामर्श, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन और नेतृत्व भूमिकाओं में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने भारत और मिडिल ईस्ट के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य किया है. इससे पहले वह डेलॉइट इंडिया में निदेशक (कंसल्टिंग) के पद पर कार्यरत थे. बाद में उन्होंने मेराकी ग्लोबल की स्थापना की, जहां उन्होंने GCC बाजार में कई संस्थाओं को परामर्श सेवाएं प्रदान कीं. वह भारतीय सेना में कर्नल भी रह चुके हैं.

आईआईटी बॉम्बे और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र दोईफोडे ने सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के संगठनों के साथ विकास, नवाचार और संगठनात्मक परिवर्तन से जुड़ी कई परियोजनाओं पर काम किया है.

इस नियुक्ति की घोषणा करते हुए प्राइमस पार्टनर्स के सह-संस्थापक और ग्रुप सीईओ निलय वर्मा ने कहा कि मिडिल ईस्ट में कंसल्टिंग कारोबार को विकसित और विस्तार देने का दोईफोडे का अनुभव कंपनी को क्षेत्रीय साझेदारियों को मजबूत करने और ग्राहकों के लिए अधिक मूल्य सृजित करने में मदद करेगा.

कंपनी ने कहा कि यह नियुक्ति मिडिल ईस्ट बाजार के प्रति उसकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाती है. प्राइमस पार्टनर्स क्षेत्र में अपने कंसल्टिंग कारोबार का विस्तार करने और संगठनों को जटिल कारोबारी चुनौतियों तथा विकास के अवसरों से निपटने में सहयोग देने पर फोकस कर रही है.
 


द प्लान बियॉन्ड ने प्रियंका अरोड़ा को बनाया फाउंडिंग CMO

कंपनी में संस्थापक सदस्य और सीएमओ के रूप में प्रियंका अरोड़ा भारत में फैमिली कंटिन्यूटी श्रेणी के निर्माण की दिशा में काम करेंगी.

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Monday, 22 June, 2026
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फैमिली कंटिन्यूटी श्रेणी में कार्यरत कंपनी द प्लान बियॉन्ड (The Plan Beyond) ने प्रियंका अरोड़ा को अपना संस्थापक मुख्य विपणन अधिकारी (Chief Marketing Officer) नियुक्त किया है. मार्केटिंग, व्यवसाय परिवर्तन और विकास रणनीति के क्षेत्र में 17 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली प्रियंका अब कंपनी के ब्रांड, बाजार विस्तार और रणनीतिक साझेदारियों का नेतृत्व करेंगी.

कंपनी में संस्थापक सदस्य और सीएमओ के रूप में प्रियंका अरोड़ा भारत में फैमिली कंटिन्यूटी श्रेणी के निर्माण की दिशा में काम करेंगी. साथ ही वे संगठन की ब्रांड रणनीति, व्यवसायिक विकास, बाजार विस्तार और एंटरप्राइज स्तर की रणनीतिक पहलों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संभालेंगी.

वित्तीय सेवाओं से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन तक का व्यापक अनुभव

प्रियंका अरोड़ा को मार्केटिंग और व्यवसाय नेतृत्व के क्षेत्र में एक प्रतिष्ठित नाम माना जाता है. उन्होंने वित्तीय सेवाओं, दूरसंचार, परामर्श और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसे क्षेत्रों में लंबा अनुभव अर्जित किया है.

द प्लान बियॉन्ड से जुड़ने से पहले वह एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस में वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थीं. इस दौरान उन्होंने बड़े स्तर पर मार्केटिंग ट्रांसफॉर्मेशन, एआई आधारित मार्केटिंग इकोसिस्टम, डिजिटल-फर्स्ट ग्रोथ रणनीतियों, ब्रांड पुनर्स्थापन और रणनीतिक व्यवसाय विस्तार कार्यक्रमों का नेतृत्व किया.

उनके नेतृत्व में ग्राहक जुड़ाव, राजस्व वृद्धि, बाजार हिस्सेदारी में विस्तार और विभिन्न वितरण व साझेदारी चैनलों में ब्रांड विकास को नई गति मिली.

कई प्रमुख कंपनियों में निभा चुकी हैं नेतृत्वकारी भूमिकाएं

अपने करियर के दौरान प्रियंका अरोड़ा ने भारती लाइफ वेंचर्स, फ्यूचर जेनराली इंडिया इंश्योरेंस, आदित्य बिड़ला सन लाइफ इंश्योरेंस, एयरटेल, मैकिन्से एंड कंपनी और मैक्स न्यूयॉर्क लाइफ इंश्योरेंस जैसी कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं.

इन संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने ग्राहक विश्लेषण, उपभोक्ता व्यवहार, ब्रांड रणनीति, ग्राहक जीवनकाल मूल्य प्रबंधन, फिनटेक इकोसिस्टम, डिजिटल मार्केटिंग, उत्पाद प्रबंधन, रणनीतिक योजना और व्यवसाय विकास के क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता हासिल की.

कई प्रतिष्ठित सम्मानों से हो चुकी हैं सम्मानित

आधुनिक मार्केटिंग जगत की प्रमुख आवाजों में शामिल प्रियंका अरोड़ा को BW 40 Under 40 और IMPACT 40 Under 40 जैसी प्रतिष्ठित सूचियों में स्थान मिल चुका है. इसके अलावा उन्हें कई ACEF अवॉर्ड्स से भी सम्मानित किया जा चुका है.

वह Effie Awards की जूरी सदस्य रह चुकी हैं, ET Sharks में भाग ले चुकी हैं और उद्योग जगत के विभिन्न मंचों पर नियमित वक्ता के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती रही हैं.

नए बाजार वर्ग के निर्माण में निभाएंगी अहम भूमिका

कंपनी का मानना है कि मार्केटिंग उत्कृष्टता, व्यवसाय परिवर्तन, विकास रणनीति और नई श्रेणियों के निर्माण में प्रियंका अरोड़ा की विशेषज्ञता द प्लान बियॉन्ड को एक नए बाजार वर्ग के निर्माण में मदद करेगी. साथ ही उनका अनुभव देशभर के लाखों परिवारों के लिए दीर्घकालिक प्रभाव और मजबूत विरासत तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
 


दिल्ली HC के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति

कैबिनेट की नियुक्ति समिति द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के लिए भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई है.

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Sunday, 21 June, 2026
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केंद्र सरकार ने दिल्ली हाईकोर्ट के लिए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) के पद पर वरिष्ठ अधिवक्ता चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. नियुक्ति समिति (एसीसी) ने उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है. सरकारी अधिसूचना के अनुसार, चेतन शर्मा का कार्यकाल 1 जुलाई 2026 से अगले छह महीने के लिए बढ़ाया गया है. यह नियुक्ति 31 दिसंबर 2026 तक या अगले आदेश जारी होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी.

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी

कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ASG) द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली हाईकोर्ट के लिए भारत सरकार के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में चेतन शर्मा की पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी गई है.

अधिसूचना में कहा गया है, "श्री चेतन शर्मा, अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऑफ इंडिया (दिल्ली हाईकोर्ट) की पुनर्नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से छह महीने की अतिरिक्त अवधि के लिए या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, की जाती है."

महत्वपूर्ण मामलों में कर रहे हैं केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व

चेतन शर्मा लंबे समय से दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. उन्होंने संवैधानिक कानून, सार्वजनिक नीति, कराधान, नियामकीय मामलों और प्रशासनिक कानून से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों में सरकार की ओर से पैरवी की है. दिल्ली हाईकोर्ट में केंद्र सरकार से जुड़े कई अहम मामलों में उनकी सक्रिय भूमिका रही है और उन्हें कानूनी क्षेत्र में एक अनुभवी अधिवक्ता के रूप में देखा जाता है.

हाल में अन्य विधि अधिकारियों की भी हुई पुनर्नियुक्ति

गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के लिए पांच अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल की पुनर्नियुक्ति को भी मंजूरी दी है. इसके अलावा सॉलिसिटर जनरल के पद पर तुषार मेहता की पुनर्नियुक्ति की भी घोषणा की गई है. कानूनी मामलों में सरकार की निरंतरता और अनुभव को बनाए रखने के उद्देश्य से इन नियुक्तियों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


Tenon Group के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त हुए संजय बावेजा

कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति उसकी तकनीक-आधारित विकास रणनीति को नई गति देगी और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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Wednesday, 17 June, 2026
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वैश्विक स्तर पर तकनीक-सक्षम सेवाएं प्रदान करने वाले टेनन ग्रुप (Tenon Group) ने अपने बोर्ड में सीनियर बिजनेस लीडर संजय बावेजा को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त करने की घोषणा की है. कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति उसकी तकनीक-आधारित विकास रणनीति को नई गति देगी और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. टेनन ग्रुप सुरक्षा सेवाओं, रिमोट मॉनिटरिंग, फैसिलिटी मैनेजमेंट और सॉफ्टवेयर-आधारित बिजनेस सॉल्यूशंस के क्षेत्र में कार्यरत एक वैश्विक संगठन है.

35 वर्षों का समृद्ध नेतृत्व अनुभव

संजय बावेजा के पास टेलीकॉम, ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वित्त, रणनीति, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, विलय एवं अधिग्रहण (M&A), पूंजी बाजार और कॉरपोरेट गवर्नेंस में उनकी विशेषज्ञता को उद्योग जगत में व्यापक मान्यता प्राप्त है. वे फेलो चार्टर्ड अकाउंटेंट (FCA) और कॉस्ट अकाउंटेंट (ICWA) हैं तथा भारत की कई प्रतिष्ठित कंपनियों की विकास यात्रा और परिवर्तनकारी पहलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.

कई दिग्गज कंपनियों में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारियां

टेनन ग्रुप से जुड़ने से पहले बावेजा ऑनमोबाइल ग्लोबल (OnMobile Global Limited) में प्रबंध निदेशक और ग्लोबल सीईओ के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने कंपनी की वैश्विक रणनीति और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रमों का नेतृत्व किया. इससे पहले वे फ्लिपकार्ट (Flipkart) में ग्रुप सीएफओ, टाटा कम्यूनिकेशंस (Tata Communications) में ग्लोबल सीएफओ, सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Eमाnergy) में सीएफओ तथा भारतीय ग्रुप (Bhartiya Group) में ग्रुप प्रेसिडेंट- स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स जैसे प्रमुख पदों पर भी कार्य कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और एमार एमजीएफ (Emaar MGF) में भी वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं.

टेनन की विकास यात्रा को मिलेगा नया आयाम

कंपनी के अनुसार, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में बावेजा समूह की रणनीतिक दिशा, गवर्नेंस फ्रेमवर्क, विकास रोडमैप और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की योजनाओं को मजबूत बनाने में योगदान देंगे. उनका अनुभव टेनन ग्रुप को तकनीक-संचालित सुरक्षा सेवाओं, फैसिलिटी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस, रिमोट मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म और सॉफ्टवेयर-आधारित बिजनेस ऑफरिंग्स के विस्तार में मदद करेगा.

संजय बावेजा का अनुभव टेनन के लिए अमूल्य: मेजर मंजीत राजैन

टेनन ग्रुप के ग्लोबल चेयरमैन मंजीत राजन ने कहा कि कंपनी संजय बावेजा का बोर्ड में स्वागत करते हुए बेहद प्रसन्न है. उन्होंने कहा, "संजय अपने साथ वित्तीय नेतृत्व, रणनीतिक दृष्टि, परिचालन उत्कृष्टता और कॉरपोरेट गवर्नेंस का अनूठा अनुभव लेकर आए हैं. टाटा कम्युनिकेशंस, फ्लिपकार्ट, सुजलॉन एनर्जी, भारती एयरटेल और ऑनमोबाइल ग्लोबल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में उनका अनुभव तेजी से बदलते उद्योगों में व्यवसायों को विकसित और विस्तार देने की गहरी समझ प्रदान करता है."

राजैन ने कहा कि जैसे-जैसे टेनन एक तकनीक-संचालित वैश्विक सेवा संगठन के रूप में आगे बढ़ रहा है, बावेजा की विशेषज्ञता कंपनी की नवाचार क्षमता और विकास रणनीति को और मजबूत करेगी.

टेनन की विकास यात्रा से जुड़कर उत्साहित हूं: संजय बावेजा

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय बावेजा ने कहा कि टेनन ग्रुप के विकास के महत्वपूर्ण चरण में बोर्ड का हिस्सा बनना उनके लिए खुशी की बात है. उन्होंने कहा, "वर्षों के दौरान टेनन ने तकनीक-सक्षम सुरक्षा सेवाओं, फैसिलिटी मैनेजमेंट, रिमोट मॉनिटरिंग और सॉफ्टवेयर-आधारित बिजनेस सॉल्यूशंस के क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अपनी पहचान बनाई है. नवाचार, परिचालन उत्कृष्टता, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और मजबूत गवर्नेंस के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता ने भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है."

बावेजा ने कहा कि वह बोर्ड और नेतृत्व टीम के साथ मिलकर कंपनी की रणनीतिक दृष्टि को और मजबूत करने, विकास लक्ष्यों को गति देने, गवर्नेंस मानकों को बेहतर बनाने और नए कारोबारी अवसरों को साकार करने की दिशा में काम करेंगे.
 


एंजेल वन ने कृति शर्मा को बनाया हेड ऑफ डेटा प्राइवेसी, डेटा सुरक्षा ढांचे को मिलेगी मजबूती

कंपनी ने कहा कि कृति शर्मा की नियुक्ति से डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी और नियामकीय अनुपालन (कंप्लायंस) से जुड़ी उसकी क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी.

Last Modified:
Sunday, 14 June, 2026
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भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनी एंजेल वन (Angel One) ने कृति शर्मा को डायरेक्टर, हेड ऑफ डेटा प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन ऑफिसर (DPO) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत में डिजिटल डेटा सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े नियमों के क्रियान्वयन का नया चरण शुरू हो रहा है.

कंपनी ने कहा कि कृति शर्मा की नियुक्ति से डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी और नियामकीय अनुपालन (कंप्लायंस) से जुड़ी उसकी क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी. शर्मा के पास कानूनी परामर्श, डेटा प्राइवेसी अनुपालन और नियामकीय मामलों में लगभग 17 वर्षों का अनुभव है.

अपने करियर के दौरान उन्होंने Khaitan & Co., Baker McKenzie, CoinSwitch और Dun & Bradstreet जैसी संस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. इन भूमिकाओं में उन्होंने विभिन्न देशों में डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी फ्रेमवर्क और अनुपालन कार्यक्रमों पर काम किया.

DPDP कानून के बीच बढ़ा डेटा सुरक्षा पर फोकस

कृति शर्मा की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब वित्तीय सेवा और फिनटेक क्षेत्र की कंपनियां भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) ढांचे के तहत कड़े अनुपालन मानकों की तैयारी कर रही हैं. ग्राहक डेटा की बढ़ती मात्रा के बीच डेटा गोपनीयता, सहमति प्रबंधन (कंसेंट मैनेजमेंट) और डेटा सुरक्षा कंपनियों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो गए हैं.

नई भूमिका में क्या होंगी जिम्मेदारियां

नई भूमिका में शर्मा एंजेल वन की डेटा प्राइवेसी रणनीति, नियामकीय अनुपालन पहलों और डेटा सुरक्षा ढांचे का नेतृत्व करेंगी. इसके अलावा वह कंपनी की टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और इंजीनियरिंग टीमों के साथ मिलकर प्राइवेसी नियंत्रण, गवर्नेंस प्रक्रियाओं और जिम्मेदार डेटा प्रबंधन प्रथाओं को मजबूत बनाने का कार्य करेंगी.

प्राइवेसी क्षेत्र की अग्रणी विशेषज्ञों में शुमार

कृति शर्मा को भारत के प्रमुख डेटा प्राइवेसी विशेषज्ञों में गिना जाता है. उन्हें प्रौद्योगिकी कानून (टेक्नोलॉजी लॉ) और डेटा संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई उद्योग मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है और विभिन्न रैंकिंग्स में भी स्थान मिला है.

कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति बदलते नियामकीय परिवेश के बीच मजबूत डेटा सुरक्षा और अनुपालन ढांचा तैयार करने की उसकी रणनीति का हिस्सा है. डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल में उपभोक्ताओं का भरोसा और डेटा सुरक्षा भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं.


Gillette इंडिया ने पूर्व वॉलमार्ट इंडिया प्रमुख कृष्णमूर्ति अय्यर को बनाया स्वतंत्र निदेशक

वॉलमार्ट इंडिया में अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कृष्णमूर्ति अय्यर ने भारत में वॉलमार्ट के ऑफलाइन और डिजिटल कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

Last Modified:
Thursday, 28 May, 2026
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जिलेट इंडिया (Gillette) ने वॉलमार्ट इंडिया के पूर्व प्रमुख कृष्णमूर्ति अय्यर को कंपनी का स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 1 जून 2026 से प्रभावी होगी. कंपनी ने बताया कि अय्यर को पांच वर्षों के लिए नियुक्त किया गया है, जिसे आगामी 42वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में निदेशक मंडल की मंजूरी के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा.

वॉलमार्ट इंडिया में निभाई अहम भूमिका

वॉलमार्ट इंडिया में अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कृष्णमूर्ति अय्यर ने भारत में वॉलमार्ट के ऑफलाइन और डिजिटल कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. चार दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने वॉलमार्ट, एएस वॉटसन, एएनजेड ग्रिंडलेज बैंक और पिरामिड रिटेल जैसी कंपनियों में वरिष्ठ पदों और CEO के रूप में काम किया है. उन्होंने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी कई बाजारों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभाली हैं.

निवेश प्रबंधन कंपनी से भी जुड़े

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि अय्यर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के सदस्य हैं. वर्तमान में वह निवेश प्रबंधन कंपनी रेशनल इक्विटी पार्टनर्स LLP में मैनेजिंग पार्टनर के पद पर कार्यरत हैं.

अश्वथ राव बने नए CFO

इसके अलावा जिलेट इंडिया ने अश्वथ राव को कंपनी का नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी. राव फिलहाल पीएंडजी इंडिया की कानूनी इकाइयों के लिए कॉर्पोरेट फाइनेंस का नेतृत्व कर रहे हैं.

पीएंडजी में 16 वर्षों का अनुभव

पीएंडजी के साथ पिछले 16 वर्षों के दौरान अश्वथ राव ने वित्त क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है. उन्होंने फैब्रिक केयर और ग्रूमिंग बिजनेस सहित भारत, दुबई और सिंगापुर जैसे बाजारों में अनुभव हासिल किया है. इससे पहले वह पीएंडजी इंडिया के फैब्रिक केयर कारोबार के वित्त विभाग का नेतृत्व कर चुके हैं. उनके पास रणनीतिक वित्त, वैल्यू क्रिएशन और बिजनेस संचालन का व्यापक अनुभव है. वह एसपी जैन स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट के पूर्व छात्र हैं और वीर्माता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट से बीटेक की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं.

वित्त वर्ष 2026 में बढ़ी बिक्री

वित्त वर्ष 2026 में जिलेट इंडिया ने संतुलित वृद्धि दर्ज करते हुए 3,100 करोड़ रुपये की बिक्री हासिल की, जो सालाना आधार पर 8 प्रतिशत अधिक रही. कंपनी की चौथी तिमाही की बिक्री 792 करोड़ रुपये रही, जिसमें 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.

23 प्रतिशत बढ़ा सालाना मुनाफा

कंपनी के वित्तीय नतीजों के अनुसार चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत बढ़कर 193 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत बढ़कर 654 करोड़ रुपये रहा.

बदला गया वित्तीय वर्ष का ढांचा

गौरतलब है कि जिलेट इंडिया ने पिछले वर्ष अपने वित्तीय वर्ष की अवधि 1 जुलाई-30 जून से बदलकर 1 अप्रैल-31 मार्च कर दी थी. इसके चलते कंपनी का पिछला वित्त वर्ष जुलाई से मार्च तक नौ महीनों की अवधि का रहा. कंपनी ने प्रदर्शन की तुलना पिछले वर्ष की समान 12 माह की अवधि (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025) के आधार पर की है.


द एक्सेस ग्रुप ने शशिकांत शिंपी को भारत में हॉस्पिटैलिटी डिवीजन का MD नियुक्त किया

शशिकांत शिंपी मई 2026 में कंपनी से जुड़े हैं और अब भारत में STAAH प्लेटफॉर्म के विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो द एक्सेस ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी है.

Last Modified:
Wednesday, 20 May, 2026
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ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी द एक्सेस ग्रुप (The Access Group) ने भारत में अपने हॉस्पिटैलिटी कारोबार को मजबूत करने के लिए शशिकांत शिंपी को मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. कंपनी ने उन्हें भारत में हॉस्पिटैलिटी डिवीजन की कमान सौंपी है, जहां वह कंपनी के विस्तार, AI आधारित इनोवेशन और टेक्नोलॉजी क्षमताओं को बढ़ाने पर काम करेंगे.

भारत में हॉस्पिटैलिटी कारोबार विस्तार पर फोकस

शशिकांत शिंपी मई 2026 में कंपनी से जुड़े हैं और अब भारत में STAAH प्लेटफॉर्म के विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो द एक्सेस ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी है. इसके साथ ही वह एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में AI आधारित इनोवेशन और हॉस्पिटैलिटी टेक्नोलॉजी क्षमताओं के विकास को भी आगे बढ़ाएंगे.

टेक्नोलॉजी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में 25 साल का अनुभव

शशिकांत शिंपी के पास डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बिजनेस स्केलिंग और क्लाइंट मैनेजमेंट में लगभग 25 वर्षों का अनुभव है. अपने करियर के दौरान उन्होंने कई देशों में तीन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित और विकसित किए हैं. द एक्सेस ग्रुप से पहले वह रनडीटीसी में ग्लोबल सीओओ के पद पर कार्यरत थे. इसके अलावा उन्होंने डेंट्सू (Dentsu), आइजोबार (Isobar) टाटा ग्रुप (Tata Group) की कंपनियों में भी वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं.

AI और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पर रहेगा जोर

द एक्सेस ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी APAC प्रमुख लुईस डेली ने कहा कि भारत कंपनी के लिए हॉस्पिटैलिटी सॉफ्टवेयर कारोबार में तेजी से बढ़ता हुआ अहम बाजार है. उन्होंने कहा कि कंपनी जल्द ही भारत में “Access Evo” प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी कर रही है और ऐसे समय में मजबूत स्थानीय नेतृत्व बेहद जरूरी है.

भारत को बताया रणनीतिक रूप से अहम बाजार

शशिकांत शिंपी ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि भारत में द एक्सेस ग्रुप की विकास यात्रा का हिस्सा बनना बड़ा अवसर है. उन्होंने कहा कि STAAH के जरिए कंपनी की मजबूत नींव पहले से मौजूद है और अब व्यापक Access प्लेटफॉर्म ग्राहकों को कारोबार बढ़ाने के नए अवसर देगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता मजबूत टीम तैयार करने, भारत की बेहतरीन टेक्नोलॉजी प्रतिभाओं को जोड़ने और ग्राहकों को भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर उपलब्ध कराने की होगी.

भारत बनेगा टेक्नोलॉजी और AI हब

कंपनी का मानना है कि तेजी से बढ़ते हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और AI टैलेंट के कारण भारत भविष्य में प्रोडक्ट डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन सकता है. द एक्सेस ग्रुप का यह कदम भारत में डिजिटल हॉस्पिटैलिटी और AI आधारित टेक्नोलॉजी समाधानों के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है.
 


AI-First रणनीति को मिलेगी नई रफ्तार, Mastek ने अमित गजवानी को बनाया COO

अमित गजवानी के पास बिजनेस ग्रोथ, रणनीति और बड़े स्तर के ऑपरेशंस संभालने का 28 वर्षों से अधिक का अनुभव है. Mastek से जुड़ने से पहले वह LTM Limited में यूरोप, यूके और नॉर्डिक्स बिजनेस के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे.

Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2026
BWHindia

आईटी और डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Mastek ने अपने नेतृत्व ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए अमित गजवानी को नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त किया है. कंपनी ने बताया कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी. अमित गजवानी, प्रमीला कालीवे की जगह लेंगे, जो जून 2026 के अंत तक कंपनी के साथ जुड़ी रहेंगी और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया में सहयोग करेंगी.

28 साल का ग्लोबल लीडरशिप अनुभव

अमित गजवानी के पास बिजनेस ग्रोथ, रणनीति और बड़े स्तर के ऑपरेशंस संभालने का 28 वर्षों से अधिक का अनुभव है. Mastek से जुड़ने से पहले वह LTM Limited में यूरोप, यूके और नॉर्डिक्स बिजनेस के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे.

इससे पहले उन्होंने मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है. वहीं Cybage में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रहते हुए उन्होंने ग्लोबल सेल्स, बिजनेस डेवलपमेंट और प्रमुख क्लाइंट अकाउंट्स की जिम्मेदारी संभाली थी.

AI-First रणनीति को मिलेगी नई रफ्तार

Mastek के CEO उमंग नाहटा ने कहा कि कंपनी के विकास के इस महत्वपूर्ण दौर में अमित गजवानी का नेतृत्व टीम में शामिल होना बेहद अहम है. उन्होंने कहा कि अमित के पास ऑपरेशनल लीडरशिप, ग्राहक-केंद्रित सोच और ग्लोबल बिजनेस को तेजी से बढ़ाने का मजबूत अनुभव है.

उमंग नाहटा के मुताबिक कंपनी की AI-First ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति को आगे बढ़ाने में अमित की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. साथ ही उन्होंने प्रमीला कालीवे के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और प्रतिबद्धता ने Mastek की सफलता में अहम भूमिका निभाई है.

“Mastek के साथ जुड़ना उत्साहजनक अवसर”

नए COO अमित गजवानी ने कहा कि Mastek ऐसे समय में तेजी से बदलाव और विकास के दौर से गुजर रही है, जब डिजिटल और AI आधारित समाधान की मांग लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने वैश्विक स्तर पर ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन और बिजनेस वैल्यू डिलीवर करने की मजबूत पहचान बनाई है. अमित ने कहा कि वह नेतृत्व टीम और कर्मचारियों के साथ मिलकर ऑपरेशनल एक्सीलेंस, क्लाइंट पार्टनरशिप और टिकाऊ विकास को और मजबूत बनाने पर काम करेंगे.

प्रमीला कालीवे ने जताया भरोसा

प्रमीला कालीवे ने कहा कि Mastek के विकास और बदलाव की यात्रा का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने वर्षों में सहयोग, ग्राहक प्रतिबद्धता और ऑपरेशनल उत्कृष्टता की मजबूत संस्कृति तैयार की है. उन्होंने भरोसा जताया कि अमित गजवानी का अनुभव और नेतृत्व कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा देगा और आने वाले वर्षों में Mastek को और मजबूत बनाएगा.
 


कंज्यूमर ऑडियो सेगमेंट में बड़ा विस्तार करेगी हार्मन, शेखर दत्ता बने सेल्स मैनेजमेंट लीडर

भारत में ऑडियो कारोबार के विस्तार और ग्रोथ को गति देने पर रहेगा फोकस

Last Modified:
Tuesday, 19 May, 2026
BWHindia

वैश्विक ऑडियो और कनेक्टेड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी हार्मन (HARMAN) ने भारत में अपने कंज्यूमर ऑडियो कारोबार को मजबूत करने के लिए शेखर दत्ता की नियुक्ति की घोषणा की है. कंपनी ने उन्हें सेल्स मैनेजमेंट लीडर, कंज्यूमर ऑडियो इंडिया बनाया है.

गुरुग्राम के शेखर दत्ता सीधे फिलिप रिन्केनबर्गर को रिपोर्ट करेंगे, जो हार्मन में सेल्स मैनेजमेंट ग्लोबल मार्केट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. नई भूमिका में दत्ता भारत में हार्मन के कंज्यूमर ऑडियो कारोबार के अगले चरण की ग्रोथ का नेतृत्व करेंगे.

15 साल से अधिक का अनुभव

शेखर दत्ता के पास भारत में कंज्यूमर बिजनेस को विस्तार देने का 15 साल से अधिक का अनुभव है. उन्हें कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रीमियम ओम्नीचैनल सेल्स और मार्केट एक्सपेंशन का गहरा अनुभव हासिल है. उन्होंने इससे पहले ओयो, ओला की वेडिंग्स डॉट इन यूनिट, अमेजन इंडिया, कमिंस इंडिया और जॉनसन एंड जॉनसन बांग्लादेश में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं.

हार्मन को दत्ता से बड़ी उम्मीदें

हार्मन के सेल्स मैनेजमेंट ग्लोबल मार्केट प्रमुख फिलिप रिन्केनबर्गर ने कहा कि विभिन्न कंज्यूमर सेक्टर्स में ग्रोथ बढ़ाने का शेखर दत्ता का अनुभव उन्हें भारत में कंपनी के कंज्यूमर ऑडियो कारोबार को नई रफ्तार देने के लिए उपयुक्त बनाता है. उन्होंने कहा कि दत्ता की रणनीतिक सोच और बेहतर क्रियान्वयन क्षमता भारत में कंपनी की बाजार मौजूदगी को और मजबूत करेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करेगी.

नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित

नई नियुक्ति पर शेखर दत्ता ने कहा कि वह हार्मन के साथ इस अहम दौर में जुड़कर बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि प्रीमियम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और ओम्नीचैनल रणनीतियों के अपने अनुभव के जरिए वह भारत में हार्मन की पहुंच को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि कंपनी देशभर के म्यूजिक प्रेमियों तक इनोवेटिव ऑडियो सॉल्यूशंस पहुंचाने पर ध्यान देगी.

आईआईएम कोझिकोड से की पढ़ाई

शेखर दत्ता ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कोझिकोड से पीजीडीएम किया है. इसके अलावा उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कलकत्ता से बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की है.

हार्मन के पास कई प्रीमियम ऑडियो ब्रांड

हार्मन लाइफस्टाइल ऑडियो और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर काम करती है. कंपनी के पोर्टफोलियो में जेबीएल, हार्मन कार्डन, एकेजी, बॉवर्स एंड विल्किंस, डेनॉन और मैरांट्ज जैसे प्रीमियम ऑडियो ब्रांड शामिल हैं.

कंपनी के मुताबिक दुनियाभर में 5 करोड़ से अधिक वाहन हार्मन की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं. हार्मन, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसके पास वैश्विक स्तर पर करीब 26,000 कर्मचारी हैं.
 


लोकसभा में महिला सशक्तिकरण समिति का गठन, डॉ. डी. पुरंदेश्वरी बनीं अध्यक्ष

21 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुई नई संसदीय समिति महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी.

Last Modified:
Saturday, 16 May, 2026
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सशक्तिकरण को लेकर संसद की नई समिति का गठन किया है. यह समिति 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है. इस कदम को संसद में महिलाओं से जुड़े मुद्दों और नीतियों की निगरानी को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है.

डॉ. डी. पुरंदेश्वरी को मिली बड़ी जिम्मेदारी

सांसद दुग्गुबति पुरंदेश्वरी को महिला सशक्तिकरण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह समिति महिलाओं के कल्याण, लैंगिक समानता और महिला विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेगी. साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाई जा रही नीतियों और कानूनों पर सुझाव भी देगी.

सभी दलों के सांसदों को शामिल किया गया

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, समिति के सदस्यों की सूची को अंतिम रूप देकर अधिसूचित कर दिया गया है. इसमें अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों को शामिल किया गया है, ताकि व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके. इनमें लोकसभा सदस्य  डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, लवली आनंद, डी. के. अरुणा, हरसिमरत कौर बादल, शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, इकरा चौधरी, कृति देवी देबबर्मन, प्रियंका सतीश जरकीहोली, डॉ. कडियम काव्या, ज्योत्सना चरणदास महंत, हेमा मालिनी, महिमा कुमारी मेवाड़, देलकर कलाबेन मोहनभाई, सुधा आर., सताब्दी रॉय, हिमाद्री सिंह, डॉ. रानी श्रीकुमार, स्मिता उदय वाघ शामिल हैं. वहीं, राज्यसभा सदस्यों में सागरिका घोष, जेबी माथेर हिशाम, स्वाति मालीवाल, सुधा मूर्ति, डॉ. कविता पाटीदार, राजाथी, रेखा शर्मा, पी. टी. उषा, लक्ष्मी वर्मा और संगीता यादव को शामिल किया गया है. यह संसदीय समिति महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी. साथ ही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेगी. 

महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता पर रहेगा फोकस

महिला सशक्तिकरण समिति का गठन ऐसे समय में किया गया है, जब देश में महिला नेतृत्व और जेंडर इंक्लूजन नीति निर्माण के केंद्र में हैं. समिति विभिन्न मंत्रालयों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर मौजूदा योजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन करेगी और सुधार के लिए सुझाव देगी.

संसद के आधिकारिक माध्यमों से जारी होगी आगे की जानकारी

समिति के अन्य सदस्यों और इसके विस्तृत एजेंडे से जुड़ी जानकारी संसद के आधिकारिक माध्यमों और संसद टीवी के जरिए साझा किए जाने की संभावना है.