O’Callahan, जो एक अनुभवी और सम्मानित उद्योग नेता हैं, अब अपनी नई भूमिका में कंपनी के विभिन्न विभागों को बेहतर जोड़ने, सहयोग बढ़ाने और कार्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने पर ध्यान देंगी
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
NetApp, जो एक इंटेलिजेंट डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी है, ने आज अपनी लीडरशिप टीम में एक बड़ा बदलाव किया है. कंपनी ने अपनी ग्रोथ और बेहतर तालमेल के लिए Beth O’Callahan, जो अभी तक Chief Legal Officer (CLO) थीं, को Chief Administrative Officer (CAO) बनाया है. इस नई भूमिका में, Beth पहले की तरह लीगल, कॉम्प्लायंस, गवर्नमेंट रिलेशंस और सस्टेनेबिलिटी संभालेंगी. इसके साथ ही, अब वे ह्यूमन रिसोर्सेज, वर्कप्लेस एक्सपीरियंस और कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन की जिम्मेदारी भी लेंगी. यह बदलाव 3 मार्च से लागू होगा.
NetApp का मानना है कि इन सभी जरूरी विभागों को एक लीडर के तहत लाने से टीमवर्क मजबूत होगा और कंपनी की रणनीति बेहतर तरीके से आगे बढ़ेगी. Beth अपनी पुरानी जिम्मेदारी, NetApp की कॉर्पोरेट सेक्रेटरी के रूप में भी बनी रहेंगी. NetApp के CEO George Kurian ने कहा, "Beth के नेतृत्व में हम ज्यादा तेजी से और प्रभावी तरीके से काम कर पाएंगे. उनके अनुभव, बेहतरीन काम और बिजनेस समझ के कारण वे इस भूमिका के लिए एकदम सही हैं."
Beth एक अनुभवी लीडर हैं, जो 2013 में NetApp से जुड़ी थीं. उन्होंने कंपनी के लीगल और कॉम्प्लायंस सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई और कई लीडरशिप पदों पर काम किया. उन्हें बिजनेस की गहरी समझ, बेहतरीन टीम बनाने, बिजनेस गोल्स को पूरा करने और टेक्नोलॉजी के नैतिक उपयोग के लिए जाना जाता है.
अपने करियर के दौरान, Beth को कई बड़े अवॉर्ड मिले हैं, जैसे National Diversity Council’s Leadership Excellence in Technology Award, Corporate Counsel Women of Power and Influence in Law, The Silicon Valley Business Journal Women of Influence Award, और YWCA Tribute to Women and Industry Award. इसके अलावा, वे शिक्षा और कानूनी समानता को बढ़ावा देने के लिए Bay Scholars और Law Foundation of Silicon Valley के बोर्ड में भी शामिल हैं.
Beth O’Callahan ने कहा, "मैं इस नई जिम्मेदारी को लेकर सम्मानित महसूस कर रही हूं. मेरा लक्ष्य NetApp की प्रतिभा और संस्कृति को और मजबूत बनाना है, ताकि हम तेज़ी से और असरदार तरीके से आगे बढ़ सकें." NetApp का यह फैसला ऑपरेशनल एक्सीलेंस, टैलेंट डेवेलपमेंट और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दिखाता है. इससे कंपनी अपने बड़े लक्ष्य और भी बेहतर फोकस और कुशलता से पूरा कर सकेगी.
कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति उसकी तकनीक-आधारित विकास रणनीति को नई गति देगी और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
वैश्विक स्तर पर तकनीक-सक्षम सेवाएं प्रदान करने वाले टेनन ग्रुप (Tenon Group) ने अपने बोर्ड में सीनियर बिजनेस लीडर संजय बावेजा को एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नियुक्त करने की घोषणा की है. कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति उसकी तकनीक-आधारित विकास रणनीति को नई गति देगी और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. टेनन ग्रुप सुरक्षा सेवाओं, रिमोट मॉनिटरिंग, फैसिलिटी मैनेजमेंट और सॉफ्टवेयर-आधारित बिजनेस सॉल्यूशंस के क्षेत्र में कार्यरत एक वैश्विक संगठन है.
35 वर्षों का समृद्ध नेतृत्व अनुभव
संजय बावेजा के पास टेलीकॉम, ई-कॉमर्स, टेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में 35 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वित्त, रणनीति, बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन, विलय एवं अधिग्रहण (M&A), पूंजी बाजार और कॉरपोरेट गवर्नेंस में उनकी विशेषज्ञता को उद्योग जगत में व्यापक मान्यता प्राप्त है. वे फेलो चार्टर्ड अकाउंटेंट (FCA) और कॉस्ट अकाउंटेंट (ICWA) हैं तथा भारत की कई प्रतिष्ठित कंपनियों की विकास यात्रा और परिवर्तनकारी पहलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं.
कई दिग्गज कंपनियों में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारियां
टेनन ग्रुप से जुड़ने से पहले बावेजा ऑनमोबाइल ग्लोबल (OnMobile Global Limited) में प्रबंध निदेशक और ग्लोबल सीईओ के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने कंपनी की वैश्विक रणनीति और बिजनेस ट्रांसफॉर्मेशन कार्यक्रमों का नेतृत्व किया. इससे पहले वे फ्लिपकार्ट (Flipkart) में ग्रुप सीएफओ, टाटा कम्यूनिकेशंस (Tata Communications) में ग्लोबल सीएफओ, सुजलॉन एनर्जी (Suzlon Eमाnergy) में सीएफओ तथा भारतीय ग्रुप (Bhartiya Group) में ग्रुप प्रेसिडेंट- स्ट्रेटेजिक इनिशिएटिव्स जैसे प्रमुख पदों पर भी कार्य कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने भारती एयरटेल (Bharti Airtel) और एमार एमजीएफ (Emaar MGF) में भी वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं.
टेनन की विकास यात्रा को मिलेगा नया आयाम
कंपनी के अनुसार, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में बावेजा समूह की रणनीतिक दिशा, गवर्नेंस फ्रेमवर्क, विकास रोडमैप और दीर्घकालिक मूल्य सृजन की योजनाओं को मजबूत बनाने में योगदान देंगे. उनका अनुभव टेनन ग्रुप को तकनीक-संचालित सुरक्षा सेवाओं, फैसिलिटी मैनेजमेंट सॉल्यूशंस, रिमोट मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म और सॉफ्टवेयर-आधारित बिजनेस ऑफरिंग्स के विस्तार में मदद करेगा.
संजय बावेजा का अनुभव टेनन के लिए अमूल्य: मेजर मंजीत राजैन
टेनन ग्रुप के ग्लोबल चेयरमैन मंजीत राजन ने कहा कि कंपनी संजय बावेजा का बोर्ड में स्वागत करते हुए बेहद प्रसन्न है. उन्होंने कहा, "संजय अपने साथ वित्तीय नेतृत्व, रणनीतिक दृष्टि, परिचालन उत्कृष्टता और कॉरपोरेट गवर्नेंस का अनूठा अनुभव लेकर आए हैं. टाटा कम्युनिकेशंस, फ्लिपकार्ट, सुजलॉन एनर्जी, भारती एयरटेल और ऑनमोबाइल ग्लोबल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों में उनका अनुभव तेजी से बदलते उद्योगों में व्यवसायों को विकसित और विस्तार देने की गहरी समझ प्रदान करता है."
राजैन ने कहा कि जैसे-जैसे टेनन एक तकनीक-संचालित वैश्विक सेवा संगठन के रूप में आगे बढ़ रहा है, बावेजा की विशेषज्ञता कंपनी की नवाचार क्षमता और विकास रणनीति को और मजबूत करेगी.
टेनन की विकास यात्रा से जुड़कर उत्साहित हूं: संजय बावेजा
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए संजय बावेजा ने कहा कि टेनन ग्रुप के विकास के महत्वपूर्ण चरण में बोर्ड का हिस्सा बनना उनके लिए खुशी की बात है. उन्होंने कहा, "वर्षों के दौरान टेनन ने तकनीक-सक्षम सुरक्षा सेवाओं, फैसिलिटी मैनेजमेंट, रिमोट मॉनिटरिंग और सॉफ्टवेयर-आधारित बिजनेस सॉल्यूशंस के क्षेत्र में एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में अपनी पहचान बनाई है. नवाचार, परिचालन उत्कृष्टता, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और मजबूत गवर्नेंस के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता ने भविष्य के विकास के लिए एक मजबूत मंच तैयार किया है."
बावेजा ने कहा कि वह बोर्ड और नेतृत्व टीम के साथ मिलकर कंपनी की रणनीतिक दृष्टि को और मजबूत करने, विकास लक्ष्यों को गति देने, गवर्नेंस मानकों को बेहतर बनाने और नए कारोबारी अवसरों को साकार करने की दिशा में काम करेंगे.
कंपनी ने कहा कि कृति शर्मा की नियुक्ति से डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी और नियामकीय अनुपालन (कंप्लायंस) से जुड़ी उसकी क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
भारत की प्रमुख फिनटेक कंपनी एंजेल वन (Angel One) ने कृति शर्मा को डायरेक्टर, हेड ऑफ डेटा प्राइवेसी और डेटा प्रोटेक्शन ऑफिसर (DPO) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत में डिजिटल डेटा सुरक्षा और गोपनीयता से जुड़े नियमों के क्रियान्वयन का नया चरण शुरू हो रहा है.
कंपनी ने कहा कि कृति शर्मा की नियुक्ति से डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी और नियामकीय अनुपालन (कंप्लायंस) से जुड़ी उसकी क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी. शर्मा के पास कानूनी परामर्श, डेटा प्राइवेसी अनुपालन और नियामकीय मामलों में लगभग 17 वर्षों का अनुभव है.
अपने करियर के दौरान उन्होंने Khaitan & Co., Baker McKenzie, CoinSwitch और Dun & Bradstreet जैसी संस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं. इन भूमिकाओं में उन्होंने विभिन्न देशों में डेटा गवर्नेंस, प्राइवेसी फ्रेमवर्क और अनुपालन कार्यक्रमों पर काम किया.
DPDP कानून के बीच बढ़ा डेटा सुरक्षा पर फोकस
कृति शर्मा की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब वित्तीय सेवा और फिनटेक क्षेत्र की कंपनियां भारत के डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) ढांचे के तहत कड़े अनुपालन मानकों की तैयारी कर रही हैं. ग्राहक डेटा की बढ़ती मात्रा के बीच डेटा गोपनीयता, सहमति प्रबंधन (कंसेंट मैनेजमेंट) और डेटा सुरक्षा कंपनियों की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल हो गए हैं.
नई भूमिका में क्या होंगी जिम्मेदारियां
नई भूमिका में शर्मा एंजेल वन की डेटा प्राइवेसी रणनीति, नियामकीय अनुपालन पहलों और डेटा सुरक्षा ढांचे का नेतृत्व करेंगी. इसके अलावा वह कंपनी की टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और इंजीनियरिंग टीमों के साथ मिलकर प्राइवेसी नियंत्रण, गवर्नेंस प्रक्रियाओं और जिम्मेदार डेटा प्रबंधन प्रथाओं को मजबूत बनाने का कार्य करेंगी.
प्राइवेसी क्षेत्र की अग्रणी विशेषज्ञों में शुमार
कृति शर्मा को भारत के प्रमुख डेटा प्राइवेसी विशेषज्ञों में गिना जाता है. उन्हें प्रौद्योगिकी कानून (टेक्नोलॉजी लॉ) और डेटा संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए कई उद्योग मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है और विभिन्न रैंकिंग्स में भी स्थान मिला है.
कंपनी का मानना है कि यह नियुक्ति बदलते नियामकीय परिवेश के बीच मजबूत डेटा सुरक्षा और अनुपालन ढांचा तैयार करने की उसकी रणनीति का हिस्सा है. डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल में उपभोक्ताओं का भरोसा और डेटा सुरक्षा भविष्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले हैं.
वॉलमार्ट इंडिया में अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कृष्णमूर्ति अय्यर ने भारत में वॉलमार्ट के ऑफलाइन और डिजिटल कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
जिलेट इंडिया (Gillette) ने वॉलमार्ट इंडिया के पूर्व प्रमुख कृष्णमूर्ति अय्यर को कंपनी का स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 1 जून 2026 से प्रभावी होगी. कंपनी ने बताया कि अय्यर को पांच वर्षों के लिए नियुक्त किया गया है, जिसे आगामी 42वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) में निदेशक मंडल की मंजूरी के बाद अंतिम रूप दिया जाएगा.
वॉलमार्ट इंडिया में निभाई अहम भूमिका
वॉलमार्ट इंडिया में अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान कृष्णमूर्ति अय्यर ने भारत में वॉलमार्ट के ऑफलाइन और डिजिटल कारोबार के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. चार दशकों से अधिक लंबे करियर में उन्होंने वॉलमार्ट, एएस वॉटसन, एएनजेड ग्रिंडलेज बैंक और पिरामिड रिटेल जैसी कंपनियों में वरिष्ठ पदों और CEO के रूप में काम किया है. उन्होंने भारत के साथ-साथ विदेशों में भी कई बाजारों में नेतृत्व की जिम्मेदारियां संभाली हैं.
निवेश प्रबंधन कंपनी से भी जुड़े
कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि अय्यर भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) और इंस्टीट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया (ICSI) के सदस्य हैं. वर्तमान में वह निवेश प्रबंधन कंपनी रेशनल इक्विटी पार्टनर्स LLP में मैनेजिंग पार्टनर के पद पर कार्यरत हैं.
अश्वथ राव बने नए CFO
इसके अलावा जिलेट इंडिया ने अश्वथ राव को कंपनी का नया मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होगी. राव फिलहाल पीएंडजी इंडिया की कानूनी इकाइयों के लिए कॉर्पोरेट फाइनेंस का नेतृत्व कर रहे हैं.
पीएंडजी में 16 वर्षों का अनुभव
पीएंडजी के साथ पिछले 16 वर्षों के दौरान अश्वथ राव ने वित्त क्षेत्र में विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है. उन्होंने फैब्रिक केयर और ग्रूमिंग बिजनेस सहित भारत, दुबई और सिंगापुर जैसे बाजारों में अनुभव हासिल किया है. इससे पहले वह पीएंडजी इंडिया के फैब्रिक केयर कारोबार के वित्त विभाग का नेतृत्व कर चुके हैं. उनके पास रणनीतिक वित्त, वैल्यू क्रिएशन और बिजनेस संचालन का व्यापक अनुभव है. वह एसपी जैन स्कूल ऑफ ग्लोबल मैनेजमेंट के पूर्व छात्र हैं और वीर्माता जीजाबाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट से बीटेक की डिग्री प्राप्त कर चुके हैं.
वित्त वर्ष 2026 में बढ़ी बिक्री
वित्त वर्ष 2026 में जिलेट इंडिया ने संतुलित वृद्धि दर्ज करते हुए 3,100 करोड़ रुपये की बिक्री हासिल की, जो सालाना आधार पर 8 प्रतिशत अधिक रही. कंपनी की चौथी तिमाही की बिक्री 792 करोड़ रुपये रही, जिसमें 3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई.
23 प्रतिशत बढ़ा सालाना मुनाफा
कंपनी के वित्तीय नतीजों के अनुसार चौथी तिमाही में शुद्ध लाभ 21 प्रतिशत बढ़कर 193 करोड़ रुपये पहुंच गया. वहीं पूरे वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ 23 प्रतिशत बढ़कर 654 करोड़ रुपये रहा.
बदला गया वित्तीय वर्ष का ढांचा
गौरतलब है कि जिलेट इंडिया ने पिछले वर्ष अपने वित्तीय वर्ष की अवधि 1 जुलाई-30 जून से बदलकर 1 अप्रैल-31 मार्च कर दी थी. इसके चलते कंपनी का पिछला वित्त वर्ष जुलाई से मार्च तक नौ महीनों की अवधि का रहा. कंपनी ने प्रदर्शन की तुलना पिछले वर्ष की समान 12 माह की अवधि (1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025) के आधार पर की है.
शशिकांत शिंपी मई 2026 में कंपनी से जुड़े हैं और अब भारत में STAAH प्लेटफॉर्म के विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो द एक्सेस ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनी द एक्सेस ग्रुप (The Access Group) ने भारत में अपने हॉस्पिटैलिटी कारोबार को मजबूत करने के लिए शशिकांत शिंपी को मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है. कंपनी ने उन्हें भारत में हॉस्पिटैलिटी डिवीजन की कमान सौंपी है, जहां वह कंपनी के विस्तार, AI आधारित इनोवेशन और टेक्नोलॉजी क्षमताओं को बढ़ाने पर काम करेंगे.
भारत में हॉस्पिटैलिटी कारोबार विस्तार पर फोकस
शशिकांत शिंपी मई 2026 में कंपनी से जुड़े हैं और अब भारत में STAAH प्लेटफॉर्म के विस्तार की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो द एक्सेस ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी टेक्नोलॉजी कंपनी है. इसके साथ ही वह एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में AI आधारित इनोवेशन और हॉस्पिटैलिटी टेक्नोलॉजी क्षमताओं के विकास को भी आगे बढ़ाएंगे.
टेक्नोलॉजी और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में 25 साल का अनुभव
शशिकांत शिंपी के पास डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, बिजनेस स्केलिंग और क्लाइंट मैनेजमेंट में लगभग 25 वर्षों का अनुभव है. अपने करियर के दौरान उन्होंने कई देशों में तीन ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर स्थापित और विकसित किए हैं. द एक्सेस ग्रुप से पहले वह रनडीटीसी में ग्लोबल सीओओ के पद पर कार्यरत थे. इसके अलावा उन्होंने डेंट्सू (Dentsu), आइजोबार (Isobar) टाटा ग्रुप (Tata Group) की कंपनियों में भी वरिष्ठ नेतृत्व भूमिकाएं निभाई हैं.
AI और टेक्नोलॉजी इनोवेशन पर रहेगा जोर
द एक्सेस ग्रुप की हॉस्पिटैलिटी APAC प्रमुख लुईस डेली ने कहा कि भारत कंपनी के लिए हॉस्पिटैलिटी सॉफ्टवेयर कारोबार में तेजी से बढ़ता हुआ अहम बाजार है. उन्होंने कहा कि कंपनी जल्द ही भारत में “Access Evo” प्लेटफॉर्म लॉन्च करने की तैयारी कर रही है और ऐसे समय में मजबूत स्थानीय नेतृत्व बेहद जरूरी है.
भारत को बताया रणनीतिक रूप से अहम बाजार
शशिकांत शिंपी ने अपनी नियुक्ति पर कहा कि भारत में द एक्सेस ग्रुप की विकास यात्रा का हिस्सा बनना बड़ा अवसर है. उन्होंने कहा कि STAAH के जरिए कंपनी की मजबूत नींव पहले से मौजूद है और अब व्यापक Access प्लेटफॉर्म ग्राहकों को कारोबार बढ़ाने के नए अवसर देगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्राथमिकता मजबूत टीम तैयार करने, भारत की बेहतरीन टेक्नोलॉजी प्रतिभाओं को जोड़ने और ग्राहकों को भरोसेमंद टेक्नोलॉजी पार्टनर उपलब्ध कराने की होगी.
भारत बनेगा टेक्नोलॉजी और AI हब
कंपनी का मानना है कि तेजी से बढ़ते हॉस्पिटैलिटी सेक्टर और AI टैलेंट के कारण भारत भविष्य में प्रोडक्ट डेवलपमेंट और टेक्नोलॉजी इनोवेशन का बड़ा केंद्र बन सकता है. द एक्सेस ग्रुप का यह कदम भारत में डिजिटल हॉस्पिटैलिटी और AI आधारित टेक्नोलॉजी समाधानों के बढ़ते महत्व को भी दर्शाता है.
अमित गजवानी के पास बिजनेस ग्रोथ, रणनीति और बड़े स्तर के ऑपरेशंस संभालने का 28 वर्षों से अधिक का अनुभव है. Mastek से जुड़ने से पहले वह LTM Limited में यूरोप, यूके और नॉर्डिक्स बिजनेस के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
आईटी और डिजिटल इंजीनियरिंग कंपनी Mastek ने अपने नेतृत्व ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए अमित गजवानी को नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त किया है. कंपनी ने बताया कि यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी. अमित गजवानी, प्रमीला कालीवे की जगह लेंगे, जो जून 2026 के अंत तक कंपनी के साथ जुड़ी रहेंगी और नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया में सहयोग करेंगी.
28 साल का ग्लोबल लीडरशिप अनुभव
अमित गजवानी के पास बिजनेस ग्रोथ, रणनीति और बड़े स्तर के ऑपरेशंस संभालने का 28 वर्षों से अधिक का अनुभव है. Mastek से जुड़ने से पहले वह LTM Limited में यूरोप, यूके और नॉर्डिक्स बिजनेस के प्रमुख के तौर पर काम कर रहे थे.
इससे पहले उन्होंने मीडिया एंड एंटरटेनमेंट और ट्रैवल एंड हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भी वैश्विक स्तर पर नेतृत्व किया है. वहीं Cybage में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट रहते हुए उन्होंने ग्लोबल सेल्स, बिजनेस डेवलपमेंट और प्रमुख क्लाइंट अकाउंट्स की जिम्मेदारी संभाली थी.
AI-First रणनीति को मिलेगी नई रफ्तार
Mastek के CEO उमंग नाहटा ने कहा कि कंपनी के विकास के इस महत्वपूर्ण दौर में अमित गजवानी का नेतृत्व टीम में शामिल होना बेहद अहम है. उन्होंने कहा कि अमित के पास ऑपरेशनल लीडरशिप, ग्राहक-केंद्रित सोच और ग्लोबल बिजनेस को तेजी से बढ़ाने का मजबूत अनुभव है.
उमंग नाहटा के मुताबिक कंपनी की AI-First ट्रांसफॉर्मेशन रणनीति को आगे बढ़ाने में अमित की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. साथ ही उन्होंने प्रमीला कालीवे के योगदान की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व और प्रतिबद्धता ने Mastek की सफलता में अहम भूमिका निभाई है.
“Mastek के साथ जुड़ना उत्साहजनक अवसर”
नए COO अमित गजवानी ने कहा कि Mastek ऐसे समय में तेजी से बदलाव और विकास के दौर से गुजर रही है, जब डिजिटल और AI आधारित समाधान की मांग लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने वैश्विक स्तर पर ग्राहक-केंद्रित इनोवेशन और बिजनेस वैल्यू डिलीवर करने की मजबूत पहचान बनाई है. अमित ने कहा कि वह नेतृत्व टीम और कर्मचारियों के साथ मिलकर ऑपरेशनल एक्सीलेंस, क्लाइंट पार्टनरशिप और टिकाऊ विकास को और मजबूत बनाने पर काम करेंगे.
प्रमीला कालीवे ने जताया भरोसा
प्रमीला कालीवे ने कहा कि Mastek के विकास और बदलाव की यात्रा का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद संतोषजनक अनुभव रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने वर्षों में सहयोग, ग्राहक प्रतिबद्धता और ऑपरेशनल उत्कृष्टता की मजबूत संस्कृति तैयार की है. उन्होंने भरोसा जताया कि अमित गजवानी का अनुभव और नेतृत्व कंपनी की ग्रोथ को नई दिशा देगा और आने वाले वर्षों में Mastek को और मजबूत बनाएगा.
भारत में ऑडियो कारोबार के विस्तार और ग्रोथ को गति देने पर रहेगा फोकस
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
वैश्विक ऑडियो और कनेक्टेड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनी हार्मन (HARMAN) ने भारत में अपने कंज्यूमर ऑडियो कारोबार को मजबूत करने के लिए शेखर दत्ता की नियुक्ति की घोषणा की है. कंपनी ने उन्हें सेल्स मैनेजमेंट लीडर, कंज्यूमर ऑडियो इंडिया बनाया है.
गुरुग्राम के शेखर दत्ता सीधे फिलिप रिन्केनबर्गर को रिपोर्ट करेंगे, जो हार्मन में सेल्स मैनेजमेंट ग्लोबल मार्केट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. नई भूमिका में दत्ता भारत में हार्मन के कंज्यूमर ऑडियो कारोबार के अगले चरण की ग्रोथ का नेतृत्व करेंगे.
15 साल से अधिक का अनुभव
शेखर दत्ता के पास भारत में कंज्यूमर बिजनेस को विस्तार देने का 15 साल से अधिक का अनुभव है. उन्हें कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, प्रीमियम ओम्नीचैनल सेल्स और मार्केट एक्सपेंशन का गहरा अनुभव हासिल है. उन्होंने इससे पहले ओयो, ओला की वेडिंग्स डॉट इन यूनिट, अमेजन इंडिया, कमिंस इंडिया और जॉनसन एंड जॉनसन बांग्लादेश में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं.
हार्मन को दत्ता से बड़ी उम्मीदें
हार्मन के सेल्स मैनेजमेंट ग्लोबल मार्केट प्रमुख फिलिप रिन्केनबर्गर ने कहा कि विभिन्न कंज्यूमर सेक्टर्स में ग्रोथ बढ़ाने का शेखर दत्ता का अनुभव उन्हें भारत में कंपनी के कंज्यूमर ऑडियो कारोबार को नई रफ्तार देने के लिए उपयुक्त बनाता है. उन्होंने कहा कि दत्ता की रणनीतिक सोच और बेहतर क्रियान्वयन क्षमता भारत में कंपनी की बाजार मौजूदगी को और मजबूत करेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर अनुभव प्रदान करेगी.
नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित
नई नियुक्ति पर शेखर दत्ता ने कहा कि वह हार्मन के साथ इस अहम दौर में जुड़कर बेहद उत्साहित हैं. उन्होंने कहा कि प्रीमियम कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और ओम्नीचैनल रणनीतियों के अपने अनुभव के जरिए वह भारत में हार्मन की पहुंच को और मजबूत बनाने का प्रयास करेंगे. उन्होंने कहा कि कंपनी देशभर के म्यूजिक प्रेमियों तक इनोवेटिव ऑडियो सॉल्यूशंस पहुंचाने पर ध्यान देगी.
आईआईएम कोझिकोड से की पढ़ाई
शेखर दत्ता ने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, कोझिकोड से पीजीडीएम किया है. इसके अलावा उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कलकत्ता से बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री हासिल की है.
हार्मन के पास कई प्रीमियम ऑडियो ब्रांड
हार्मन लाइफस्टाइल ऑडियो और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर काम करती है. कंपनी के पोर्टफोलियो में जेबीएल, हार्मन कार्डन, एकेजी, बॉवर्स एंड विल्किंस, डेनॉन और मैरांट्ज जैसे प्रीमियम ऑडियो ब्रांड शामिल हैं.
कंपनी के मुताबिक दुनियाभर में 5 करोड़ से अधिक वाहन हार्मन की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते हैं. हार्मन, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और इसके पास वैश्विक स्तर पर करीब 26,000 कर्मचारी हैं.
21 अप्रैल 2026 से प्रभावी हुई नई संसदीय समिति महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महिला सशक्तिकरण को लेकर संसद की नई समिति का गठन किया है. यह समिति 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गई है. इस कदम को संसद में महिलाओं से जुड़े मुद्दों और नीतियों की निगरानी को मजबूत करने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है.
डॉ. डी. पुरंदेश्वरी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
सांसद दुग्गुबति पुरंदेश्वरी को महिला सशक्तिकरण समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. यह समिति महिलाओं के कल्याण, लैंगिक समानता और महिला विकास से जुड़ी सरकारी योजनाओं की समीक्षा करेगी. साथ ही महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए बनाई जा रही नीतियों और कानूनों पर सुझाव भी देगी.
सभी दलों के सांसदों को शामिल किया गया
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, समिति के सदस्यों की सूची को अंतिम रूप देकर अधिसूचित कर दिया गया है. इसमें अलग-अलग राजनीतिक दलों के सांसदों को शामिल किया गया है, ताकि व्यापक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके. इनमें लोकसभा सदस्य डॉ. डी. पुरंदेश्वरी, लवली आनंद, डी. के. अरुणा, हरसिमरत कौर बादल, शोभनाबेन महेंद्रसिंह बरैया, इकरा चौधरी, कृति देवी देबबर्मन, प्रियंका सतीश जरकीहोली, डॉ. कडियम काव्या, ज्योत्सना चरणदास महंत, हेमा मालिनी, महिमा कुमारी मेवाड़, देलकर कलाबेन मोहनभाई, सुधा आर., सताब्दी रॉय, हिमाद्री सिंह, डॉ. रानी श्रीकुमार, स्मिता उदय वाघ शामिल हैं. वहीं, राज्यसभा सदस्यों में सागरिका घोष, जेबी माथेर हिशाम, स्वाति मालीवाल, सुधा मूर्ति, डॉ. कविता पाटीदार, राजाथी, रेखा शर्मा, पी. टी. उषा, लक्ष्मी वर्मा और संगीता यादव को शामिल किया गया है. यह संसदीय समिति महिलाओं की सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर काम करेगी. साथ ही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी करेगी.
महिला नेतृत्व और लैंगिक समानता पर रहेगा फोकस
महिला सशक्तिकरण समिति का गठन ऐसे समय में किया गया है, जब देश में महिला नेतृत्व और जेंडर इंक्लूजन नीति निर्माण के केंद्र में हैं. समिति विभिन्न मंत्रालयों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत कर मौजूदा योजनाओं की प्रभावशीलता का आकलन करेगी और सुधार के लिए सुझाव देगी.
संसद के आधिकारिक माध्यमों से जारी होगी आगे की जानकारी
समिति के अन्य सदस्यों और इसके विस्तृत एजेंडे से जुड़ी जानकारी संसद के आधिकारिक माध्यमों और संसद टीवी के जरिए साझा किए जाने की संभावना है.
किशेन रामास्वामी इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस में नेतृत्वकारी भूमिका निभा चुके हैं. वहां वे हेड ऑफ ब्रांड एंड मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (BIAL) ने किशेन रामास्वामी को जनरल मैनेजर - हेड, ब्रांड एक्सपीरियंस एवं मार्केटिंग नियुक्त किया है. इस नई भूमिका में किशेन कंपनी की ब्रांड रणनीति, इंटीग्रेटेड मार्केटिंग, यात्री अनुभव से जुड़ी स्टोरीटेलिंग और एंगेजमेंट पहलों का नेतृत्व करेंगे.
एयर इंडिया एक्सप्रेस में निभाई अहम भूमिका
किशेन रामास्वामी इससे पहले एयर इंडिया एक्सप्रेस में नेतृत्वकारी भूमिका निभा चुके हैं. वहां वे हेड ऑफ ब्रांड एंड मार्केटिंग के पद पर कार्यरत थे और टाटा समूह के नेतृत्व में एयरएशिया इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस के विलय के बाद ब्रांड इंटीग्रेशन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही. उन्होंने एयरलाइन के चर्चित ब्रांड प्लेटफॉर्म “Xplore More, Xpress More” की अवधारणा और लॉन्च में भी अहम योगदान दिया.
14 वर्षों का विविध अनुभव
14 वर्षों से अधिक के अपने करियर में किशेन ने एविएशन, टेक्नोलॉजी, हॉस्पिटैलिटी और लग्जरी सेक्टर में व्यापक अनुभव हासिल किया है. इसके अलावा उन्होंने Boeing, Collins Aerospace, TCS सहित कई वैश्विक साझेदारों और भारत के प्रमुख डिजाइनर्स एवं क्रिएटर्स के साथ भी काम किया है.
ब्रांड और ग्राहक अनुभव को मिलेगा बल
BIAL में उनकी नियुक्ति को कंपनी की ब्रांड पहचान और ग्राहक अनुभव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.
यह विस्तार 24 मई 2026 के बाद से प्रभावी होगा, जिसके तहत प्रवीण सूद अब एक और वर्ष तक CBI निदेशक के पद पर बने रहेंगे.
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डॉ. दीपक अरोड़ा
केंद्र सरकार ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) के निदेशक प्रवीण सूद के कार्यकाल को एक वर्ष के लिए आगे बढ़ाने को मंजूरी दे दी है. इस फैसले से देश की शीर्ष जांच एजेंसी के नेतृत्व में निरंतरता बनी रहेगी.
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय के तहत चयन समिति की सिफारिशों के आधार पर यह निर्णय लिया है. यह विस्तार 24 मई 2026 के बाद से प्रभावी होगा, जिसके तहत प्रवीण सूद अब एक और वर्ष तक CBI निदेशक के पद पर बने रहेंगे.
13 मई 2026 को जारी की गई अधिसूचना में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने इस निर्णय को औपचारिक रूप दिया. सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब एजेंसी कई उच्च-प्रोफाइल मामलों की जांच में सक्रिय भूमिका निभा रही है.
1986 बैच के IPS अधिकारी हैं प्रवीण सूद
प्रवीण सूद 1986 बैच के कर्नाटक कैडर के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं. उनके नेतृत्व में CBI में जांच प्रक्रियाओं और प्रशासनिक स्थिरता को बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है.
सरकार की निरंतरता नीति का हिस्सा
सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय महत्वपूर्ण संस्थागत पदों पर निरंतरता बनाए रखने की नीति का हिस्सा है, विशेषकर उन एजेंसियों में जो भ्रष्टाचार, आर्थिक अपराध और विशेष मामलों की जांच करती हैं. सीबीआई देश की प्रमुख भ्रष्टाचार-रोधी और जांच एजेंसी है, जो गंभीर अपराधों, आर्थिक घोटालों और संवेदनशील मामलों की जांच के लिए जिम्मेदार होती है. नेतृत्व में स्थिरता को अक्सर इसकी कार्यकुशलता और जांच की निरंतरता के लिए आवश्यक माना जाता है.
कंपनी ने बताया कि सभी बदलावों की जानकारी SEBI नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को दी गई है और आवश्यक सभी दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
टाटा मोटर्स ने अपने शीर्ष प्रबंधन में बड़े बदलाव किए हैं. कंपनी ने 13 मई 2026 को हुई बोर्ड बैठक में कई की मैनेजेरियल पर्सनल (KMP) और सीनियर मैनेजमेंट पोजीशंस पर नए नियुक्तियों और इस्तीफों को मंजूरी दी. कंपनी सचिव, कंप्लायंस ऑफिसर और केएमपी सुदीप्तो कुमार दास ने 1 जून 2026 से इस्तीफा दे दिया है. ऐसे में अब उनकी जगह 1 जून 2026 से ही रंजन कुमार नए कंपनी सेक्रेटरी (CS) के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे.
CHRO पद पर नई नियुक्ति
वहीं, सिटाराम कंडी ने चीफ ह्यूमन रिसोर्सेज ऑफिसर (CHRO) पद से इस्तीफा दिया है, जो 28 मई 2026 के कारोबारी घंटों के बाद प्रभावी होगा. उनकी जगह 29 मई 2026 से डीपी नाम्बियार नए CHRO होंगे.
टाटा ग्रुप के भीतर ट्रांजिशन
कंपनी के अनुसार, दोनों आउटगोइंग अधिकारी टाटा ग्रुप की अन्य कंपनियों में नई भूमिकाएं संभालेंगे. यह बदलाव बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और नामांकन एवं पारिश्रमिक समिति की सिफारिशों पर आधारित हैं.
नए अधिकारियों का अनुभव
रंजन कुमार के पास 25 वर्षों से अधिक का अनुभव है, जिसमें कानूनी, कंप्लायंस और कॉर्पोरेट मामलों की विशेषज्ञता शामिल है. वे इससे पहले SKF India में वरिष्ठ पद पर कार्यरत थे. डीपी नाम्बियार लगभग 30 वर्षों तक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में HR नेतृत्व भूमिकाओं में रहे हैं, जहां उन्होंने ग्लोबल टैलेंट मैनेजमेंट, भर्ती और वर्कफोर्स इंटीग्रेशन जैसे कार्यों का नेतृत्व किया.
कंपनी ने बताया कि सभी बदलावों की जानकारी SEBI नियमों के तहत स्टॉक एक्सचेंज को दी गई है और आवश्यक सभी दस्तावेज जमा कर दिए गए हैं.