हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जवाहर यादव को दूसरी बार अपना OSD नियुक्त किया है.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो ।।
जवाहर यादव को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का OSD (ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी) नियुक्त किया गया है. यह दूसरा मौका है जब वह CM के OSD की जिम्मेदारी निभाएंगे. यादव को CM खट्टर का खास समझा जाता है. बताया जाता है कि मनोहर लाल खट्टर जवाहर यादव पर काफी विश्वास करते हैं. वह यादव के कामकाज से काफी प्रभावित है, इसलिए उन्हें दोबारा अपना OSD नियुक्त किया है.
ऐसा रहा है यादव का सफर
जवाहर यादव हरियाणा हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन भी रहे हैं और वह भाजपा के प्रचार एवं संपर्क प्रमुख का कार्यभार भी देख चुके हैं. हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन पद पर कार्यकाल पूरा होने के बाद यादव को पूर्व भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला ने प्रचार एवं संपर्क प्रमुख नियुक्त किया था. जवाहर यादव 2008 से 20110 तक भाजपा के युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष भी रह चुके हैं. 2013 में यादव ने प्रदेश प्रवक्ता के तौर पर जिम्मेदारी निभाई और 2014 में BJP की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री के OSD के रूप में भी कार्य किया.
विरोध के चलते हुई थी विदाई
2014 में जब भाजपा हरियाणा में सत्ता में आई थी तो जवाहर यादव पहले ऐसे व्यक्ति थे, जिनकी मुख्यमंत्री की शपथ ग्रहण के बाद सबसे पहली तैनाती हुई थी. जवाहर यादव सीएम के प्रिंसिपल ओएसडी रहे नीरज दफ्तुआर के स्थान पर कार्यभार संभालेंगे. नीरज ने पिछले साल अक्टूबर में चीफ मिनिस्टर ऑफिस (CMO) को अलविदा कह दिया था. उनके जाने के बाद से ओएसडी का पद खाली था. जवाहर यादव की गिनती सीएम के करीबियों में होती है. हालांकि, बताया जाता है कि पहले कार्यकाल में उन्हें प्रदेश के कई मंत्रियों व विधायकों के विरोध के चलते सीएमओ से हटाना पड़ा था.
ABVP से भी रहे हैं जुड़े
लेखक और राजनेता जवाहर यादव को कई अलग-अलग क्षेत्रों का अनुभव है. वह एक बहुआयामी, ऊर्जावान राजनेता हैं, जो वंचितों की आवाज बुलंद करते हैं. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के शिवाजी कॉलेज से ग्रेजुएशन किया है. वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के सक्रिय सदस्य और पदाधिकारी भी रहे हैं. इस दौरान, उन्होंने छात्रों से संबंधित कई मुद्दों को को पुरजोर तरीके से उठाया था. जिसमें, नकली मार्कशीट और फर्जी एससी / एसटी प्रमाण पत्र को उजागर करना, दिल्ली यूनिवर्सिटी में प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले छात्रों की काउंसलिंग करना और कॉलेजों में छात्रों की रैगिंग को गैरकानूनी घोषित करना, प्रमुख थे.
इस महत्वपूर्ण पदों पर किया काम
यादव ने एबीवीपी कार्यकर्ता के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और धीरे-धीरे आगे बढ़ते गए. वह पहले ABVP फिर BJYM हरियाणा के अध्यक्ष बने. हरियाणा में, जवाहर यादव राजनीतिक संचार के लिए सोशल मीडिया को टूल के रूप में इस्तेमाल करने के लिए पहचाने जाते थे. उन्होंने अपने 20 साल के राजनीतिक करियर के दौरान भाजपा में विभिन्न स्तरों पर कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और वर्तमान में पार्टी की हरियाणा राज्य कार्यकारिणी में कार्यरत हैं.
चुनाव की तैयारी में CM
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर 2024 चुनावों से पहले लगातार अपनी टीम को मजबूत करते हुए अपने सभी पुराने विश्वसनीय साथियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंप रहे हैं. जवाहर यादव की नियुक्ति इसी का हिस्सा है. इससे पहले, CM ने तरुण भंडारी को पब्लिसिटी एजवाइजर और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व चेयरमैन बीबी भारती को अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया था.
Schaeffler India ने अमित भालेराव को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर नियुक्त किया है. वह 10 अगस्त 2026 से नई जिम्मेदारी संभालेंगे और कंपनी के भारत में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और लोकलाइजेशन से जुड़े कामों की कमान संभालेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
शेफलर इंडिया (Schaeffler India) ने अमित भालेराव को चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) नियुक्त करने का ऐलान किया है. उनकी नियुक्ति 10 अगस्त 2026 से प्रभावी होगी. कंपनी के मुताबिक, इस नियुक्ति का उद्देश्य भारत में मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस को मजबूत करना और ऑपरेशनल क्षमताओं को बढ़ाना है.
नई भूमिका में अमित भालेराव भारत में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस का नेतृत्व करेंगे. इसके अलावा वह ऑपरेशनल एक्सीलेंस, मैन्युफैक्चरिंग स्ट्रैटेजी, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, लोकलाइजेशन और कर्मचारियों की क्षमताओं के विकास से जुड़ी पहलों की भी निगरानी करेंगे. वह Schaeffler India की एग्जीक्यूटिव लीडरशिप टीम का हिस्सा होंगे और कंपनी के बिजनेस एवं फंक्शनल लीडर्स के साथ मिलकर मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क को मजबूत करने पर काम करेंगे.
23 साल से ज्यादा का अनुभव
अमित भालेराव को मैन्युफैक्चरिंग, ऑपरेशंस, लीन ट्रांसफॉर्मेशन, क्वालिटी और सप्लाई चेन मैनेजमेंट में 23 साल से ज्यादा का अनुभव है. Schaeffler India से जुड़ने से पहले वह Kelvion India में मैनेजिंग डायरेक्टर और वाइस प्रेसिडेंट-ऑपरेशंस के पद पर कार्यरत थे. Kelvion India में उन्होंने ऑपरेशंस और बिजनेस परफॉर्मेंस के साथ-साथ मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और उत्पादन क्षमता बढ़ाने से जुड़े कामों का नेतृत्व किया.
इससे पहले भालेराव ने Cummins, Eaton, Sterlite Technologies समेत कई ग्लोबल कंपनियों में नेतृत्वकारी भूमिकाएं निभाई हैं. उन्हें लीन मैन्युफैक्चरिंग, लगातार सुधार और ऑपरेशनल ट्रांसफॉर्मेशन का व्यापक अनुभव है.
मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन पर फोकस
Schaeffler India के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO हर्षा कदम ने कहा कि जटिल मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस और हाई-परफॉर्मिंग टीम तैयार करने में भालेराव का अनुभव कंपनी के लिए अहम साबित होगा. उनके मुताबिक, इससे कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग प्रतिस्पर्धात्मकता, कस्टमर फोकस और इनोवेशन क्षमता को मजबूती मिलेगी.
अमित भालेराव की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब Schaeffler India भारतीय बाजार में लॉन्ग टर्म ग्रोथ के लिए लोकलाइजेशन, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है.
IMF में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में राहुल जैन भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को आर्थिक, वित्तीय और नीतिगत मुद्दों पर सलाह देंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
मध्य प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी राहुल जैन को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (Executive Director) के वरिष्ठ सलाहकार (Senior Adviser) के रूप में नियुक्त किया गया है. यह नियुक्ति भारत के वैश्विक आर्थिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने की दिशा में अहम मानी जा रही है.
IAS राहुल जैन को IMF में अहम जिम्मेदारी
2005 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी राहुल जैन को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के वरिष्ठ सलाहकार (Senior Adviser to Executive Director, India) के पद पर नियुक्त किया गया है. उनकी नियुक्ति विदेश स्थित बहुपक्षीय वित्तीय संस्थान में भारत के प्रतिनिधित्व को और सशक्त बनाएगी.
कौन हैं राहुल जैन?
राहुल जैन 2005 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं और मध्य प्रदेश कैडर से संबंध रखते हैं. उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में विभिन्न प्रशासनिक और वित्तीय जिम्मेदारियां निभाई हैं. वित्त, आर्थिक नीति, निवेश और सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े मामलों में उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें यह अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी सौंपी गई है.
क्या होगी भूमिका?
IMF में वरिष्ठ सलाहकार के रूप में राहुल जैन भारत के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को आर्थिक, वित्तीय और नीतिगत मुद्दों पर सलाह देंगे. वे IMF में भारत के हितों से जुड़े मामलों, वैश्विक आर्थिक नीतियों, वित्तीय स्थिरता और विकास से जुड़े मुद्दों पर समन्वय और विश्लेषण का कार्य करेंगे.
क्यों अहम है यह नियुक्ति?
IMF दुनिया की प्रमुख बहुपक्षीय वित्तीय संस्थाओं में से एक है, जो वैश्विक आर्थिक स्थिरता, वित्तीय सहयोग और सदस्य देशों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऐसे में भारत के प्रतिनिधिमंडल में एक अनुभवी IAS अधिकारी की नियुक्ति को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था महंगाई, ब्याज दरों, भू-राजनीतिक तनाव और विकास की चुनौतियों से जूझ रही है. ऐसे में IMF में भारत की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है.
भारत के लिए क्या मायने?
विशेषज्ञों के अनुसार, राहुल जैन का प्रशासनिक और आर्थिक मामलों का अनुभव IMF में भारत के दृष्टिकोण को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में मदद करेगा. इससे वैश्विक आर्थिक मंचों पर भारत की भागीदारी और नीति समन्वय को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है.
कंपनी ने बताया कि गौरव गोयल अब CEO और MD के रूप में कंपनी की कमान संभालेंगे, जबकि अनीश बाफना रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करने के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में काम करेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
वैश्विक मेडटेक कंपनी हेल्थियम मेडटेक लिमिटेड ने अपने नेतृत्व ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए गौरव गोयल को कंपनी का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है. वहीं, कंपनी के पूर्व CEO एवं MD अनीश बाफना को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.
गौरव गोयल के पास वैश्विक स्तर पर दो दशक से अधिक का नेतृत्व अनुभव है, जिसमें पिछले 11 वर्षों का अनुभव मेडटेक उद्योग में रहा है. हेल्थियम से जुड़ने से पहले वह एक प्रमुख वैश्विक मेडिकल डिवाइस कंपनी में चीफ कमर्शियल ऑफिसर (CCO) थे, जिसकी मौजूदगी 75 से अधिक देशों में है. उन्होंने कंपनी के वैश्विक व्यावसायिक संचालन का नेतृत्व किया और ऑर्गेनिक ग्रोथ के साथ-साथ रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए कंपनी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई.
नए ग्रोथ फेज में पहुंची हेल्थियम
गौरव गोयल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब हेल्थियम अपने विस्तार के नए चरण में प्रवेश कर रही है. पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपनी मौजूदगी लगभग 100 देशों तक बढ़ाई है. साथ ही, AbGel, CareNow, VitalCare और हाल ही में Paramount Surgimed जैसे रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए अपने उत्पाद पोर्टफोलियो और क्षमताओं का भी विस्तार किया है.
क्या बोले गौरव गोयल?
CEO और MD नियुक्त होने पर गौरव गोयल ने कहा कि हेल्थियम की विकास यात्रा के इस महत्वपूर्ण दौर में कंपनी से जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने कहा, "हेल्थियम ने प्रतिभाशाली टीम, नवाचार, क्लिनिकल उत्कृष्टता और दुनिया भर के स्वास्थ्य पेशेवरों के भरोसे के दम पर मजबूत नींव तैयार की है. प्रिसिजन मेडटेक का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और कंपनी अपनी मजबूत उत्पाद श्रृंखला, वैश्विक मौजूदगी और विशिष्ट क्षमताओं के दम पर नए अवसरों का लाभ उठाने की बेहतरीन स्थिति में है. मैं टीम के साथ मिलकर नवाचार को गति देने, अंतरराष्ट्रीय विस्तार बढ़ाने और रणनीतिक विकास के नए अवसरों पर काम करने के लिए उत्साहित हूं."
रणनीतिक भूमिका में रहेंगे अनीश बाफना
नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नई भूमिका में अनीश बाफना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति तय करने और नेतृत्व टीम का मार्गदर्शन करने का काम जारी रखेंगे. उन्होंने कहा, "पिछले आठ साल मेरे लिए बेहद संतोषजनक रहे हैं और मुझे गर्व है कि हमने मिलकर हेल्थियम को इस मुकाम तक पहुंचाया है. कंपनी अब मजबूत स्थिति से अपने अगले विकास चरण में प्रवेश कर रही है. मुझे खुशी है कि गौरव गोयल CEO और MD के रूप में नेतृत्व संभाल रहे हैं. उनका वैश्विक अनुभव, रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता कंपनी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी."
नवाचार और वैश्विक विस्तार पर रहेगा फोकस
कंपनी ने कहा कि वह अपनी दीर्घकालिक रणनीति के तहत नवाचार, उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत उपस्थिति बनाने पर लगातार निवेश जारी रखेगी. नए नेतृत्व के साथ हेल्थियम मेडटेक का लक्ष्य वैश्विक हेल्थकेयर क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है.
नई भूमिका में मितुल ठक्कर अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के आंतरिक और बाहरी संचार की जिम्मेदारी संभालेंगे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने अपने नेतृत्व ढांचे को मजबूत करते हुए मितुल ठक्कर को हेड ऑफ कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस नियुक्त किया है. नई भूमिका में वह कंपनी के आठ एयरपोर्ट्स के लिए रणनीतिक संचार (Strategic Communications) का नेतृत्व करेंगे और ब्रांड प्रतिष्ठा, हितधारकों के विश्वास तथा कारोबारी उद्देश्यों को मजबूत करने पर फोकस करेंगे.
मितुल ठक्कर को मिली नई जिम्मेदारी
अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने मितुल ठक्कर को पदोन्नत कर हेड ऑफ कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस बनाया है. नई भूमिका में वह कंपनी के आठ एयरपोर्ट परिसंपत्तियों (Airport Assets) के लिए रणनीतिक संचार की कमान संभालेंगे. मितुल ठक्कर पिछले नौ वर्षों से अधिक समय से अडानी समूह के साथ जुड़े हुए हैं. उन्होंने वर्ष 2017 में असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM) के तौर पर समूह में अपनी पारी शुरू की थी.
कई अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं
नई जिम्मेदारी मिलने से पहले मितुल ठक्कर एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट- कॉर्पोरेट ब्रांड कस्टोडियन के पद पर कार्यरत थे. इससे पहले वह अडानी समूह के माइनिंग एंड मेटल्स कारोबार के लिए कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस का नेतृत्व भी कर चुके हैं.
करीब 20 वर्षों का अनुभव
मितुल ठक्कर के पास कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस, बिजनेस जर्नलिज्म और विज्ञापन क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने प्रतिष्ठा प्रबंधन (Reputation Management), संकट संचार (Crisis Communications), मीडिया रिलेशंस, नेतृत्व संदेश (Leadership Messaging), हितधारक जुड़ाव (Stakeholder Engagement), ब्रांडिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में व्यापक विशेषज्ञता हासिल की है.
ब्रांड और स्टेकहोल्डर्स पर रहेगा फोकस
नई भूमिका में मितुल ठक्कर अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के आंतरिक और बाहरी संचार की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनका प्रमुख फोकस कंपनी की ब्रांड प्रतिष्ठा को मजबूत करना, हितधारकों का विश्वास बढ़ाना और कंपनी के कारोबारी उद्देश्यों को प्रभावी संचार रणनीति के जरिए आगे बढ़ाना होगा.
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने कश्यप गाला को कंपनी का नया प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. उनके LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2026 में इस नई जिम्मेदारी का कार्यभार संभाला.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज (Pidilite Industries) ने अपने नेतृत्व ढांचे में अहम बदलाव किया है. कंपनी ने कश्यप गाला को प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. इससे पहले वह सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे. गाला को कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री में दो दशकों से अधिक का अनुभव है और पिडिलाइट से पहले वह करीब 12 वर्षों तक जॉनसन एंड जॉनसन के साथ जुड़े रहे.
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के नए प्रेसिडेंट बने कश्यप गाला
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने कश्यप गाला को कंपनी का नया प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. उनके LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2026 में इस नई जिम्मेदारी का कार्यभार संभाला. इससे पहले कश्यप गाला अक्टूबर 2022 से मार्च 2026 तक कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे. अब उन्हें प्रमोट कर प्रेसिडेंट बनाया गया है.
जॉनसन एंड जॉनसन में भी निभा चुके हैं अहम भूमिका
कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री के अनुभवी प्रोफेशनल कश्यप गाला पिडिलाइट से पहले करीब 12 वर्षों तक जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के साथ जुड़े रहे. इस दौरान उन्होंने कंपनी में कई महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएं निभाईं.
कश्यप गाला की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब पिडिलाइट इंडस्ट्रीज अपने नेतृत्व ढांचे को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. कंपनी ने हाल के महीनों में शीर्ष प्रबंधन स्तर पर कई अहम बदलाव किए हैं.
पिडिलाइट इंडस्ट्रीज देश की प्रमुख उपभोक्ता और एडहेसिव (चिपकाने वाले उत्पाद) बनाने वाली कंपनियों में शामिल है. कंपनी Fevicol, Fevikwik, M-Seal और Dr. Fixit जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए जानी जाती है.
अखिल गुप्ता के पास कई दशकों का नेतृत्व अनुभव है और वह भारती एयरटेल समूह की विकास यात्रा का अहम हिस्सा रहे हैं. उनके कार्यकाल में एयरटेल ने शुरुआती दौर से आगे बढ़कर देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में अपनी जगह बनाई.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
डिफेंस और एवियोनिक्स क्षेत्र की कंपनी सैमटेल एवियोनिक्स ने भारती एयरटेल के अनुभवी पूर्व अधिकारी अखिल गुप्ता को स्ट्रैटेजिक एडवाइजर नियुक्त किया है. इस भूमिका में वह कंपनी की स्पेस, सैटेलाइट, ड्रोन (UAV) और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में विस्तार की रणनीति तैयार करने के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन, IPO की तैयारी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने में मदद करेंगे.
नए टेक्नोलॉजी सेक्टर पर रहेगा फोकस
सैमटेल एवियोनिक्स ने बताया कि अखिल गुप्ता अपनी कंपनी M/s Inversion Advisory Services के माध्यम से स्ट्रैटेजिक एडवाइजर के रूप में जुड़े हैं. वह कंपनी को स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट सिस्टम, मानव रहित हवाई वाहन (UAV), ऑप्ट्रॉनिक्स और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में विस्तार के लिए रणनीतिक सलाह देंगे.
एयरटेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अनुभव
अखिल गुप्ता के पास कई दशकों का नेतृत्व अनुभव है और वह भारती एयरटेल समूह की विकास यात्रा का अहम हिस्सा रहे हैं. उनके कार्यकाल में एयरटेल ने शुरुआती दौर से आगे बढ़कर देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में अपनी जगह बनाई.
IPO और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर भी देंगे सलाह
नई भूमिका के तहत अखिल गुप्ता सैमटेल एवियोनिक्स की एविएशन, स्पेस और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने में सहयोग करेंगे. इसके अलावा वह कंपनी को वित्तीय प्रबंधन, पूंजी संरचना (कैपिटल स्ट्रक्चर), IPO की तैयारी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े मामलों में भी मार्गदर्शन देंगे.
क्या बोले कंपनी के CEO?
सैमटेल एवियोनिक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पुनीत कौरा ने कहा कि अखिल गुप्ता का कंपनी से जुड़ना हमारे लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. कारोबार को विस्तार देने, रणनीतिक निवेश, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नई तकनीकों की उनकी गहरी समझ कंपनी को स्पेस, सैटेलाइट, UAV और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगी. उनका मार्गदर्शन कंपनी के अगले विकास चरण की मजबूत नींव तैयार करेगा.
अखिल गुप्ता ने क्या कहा?
अखिल गुप्ता ने कहा कि भारत एयरोस्पेस, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में तेज विकास के दौर में प्रवेश कर चुका है, जिससे मजबूत तकनीकी और विनिर्माण क्षमता वाली कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सैमटेल एवियोनिक्स ने मिशन-क्रिटिकल डिफेंस टेक्नोलॉजी में मजबूत आधार तैयार किया है और नवाचार व आत्मनिर्भरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता सराहनीय है. ऐसे महत्वपूर्ण समय में कंपनी के साथ जुड़कर वह नेतृत्व टीम के साथ मिलकर भविष्य के लिए तैयार और विस्तार योग्य संगठन बनाने की दिशा में काम करेंगे.
स्पेस और ड्रोन कारोबार पर कंपनी का जोर
गौरतलब है कि सैमटेल एवियोनिक्स फिलहाल अपने पारंपरिक डिफेंस एवियोनिक्स कारोबार से आगे बढ़ते हुए स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट सिस्टम, ड्रोन निर्माण और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सॉल्यूशंस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है. ऐसे समय में अखिल गुप्ता की नियुक्ति कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है.
1989 बैच के IAS अधिकारी अनुराग जैन ने सड़क परिवहन, उद्योग संवर्धन और प्रधानमंत्री कार्यालय में निभाई हैं अहम जिम्मेदारियां
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग (NITI Aayog) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. अनुराग जैन दो वर्ष के कार्यकाल के लिए इस पद पर नियुक्त किए गए हैं. उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी, जिस दिन वह अपना कार्यभार संभालेंगे.
अनुराग जैन 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. वह अक्टूबर 2024 से मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं. उनका कार्यकाल इस वर्ष 31 अगस्त को समाप्त होना था.
प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव
अनुराग जैन को प्रशासनिक और नीति निर्माण के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. इससे पहले वह केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इन पदों पर रहते हुए उन्होंने बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को संभाला.
IIT खड़गपुर और अमेरिका से की पढ़ाई
अनुराग जैन ने वर्ष 1986 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के मैक्सवेल स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (लोक प्रशासन) में मास्टर डिग्री प्राप्त की.
PMO और मध्य प्रदेश सरकार में निभाई अहम भूमिका
अपने प्रशासनिक करियर के दौरान अनुराग जैन वर्ष 2011 से 2015 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर भी कार्यरत रहे. इससे पहले वर्ष 2005 में वह तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सचिव भी रह चुके हैं.
कई जिलों में रहे कलेक्टर
अपने शुरुआती प्रशासनिक करियर में अनुराग जैन ने मध्य प्रदेश के मंडला, मंदसौर और भोपाल जिलों में कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी निभाई. इसके बाद उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य करते हुए व्यापक प्रशासनिक अनुभव हासिल किया. अब नीति आयोग के CEO के रूप में उनसे देश की विकास नीतियों, आर्थिक सुधारों और दीर्घकालिक रणनीतियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है.
सचिन छाबड़ा CFA इंस्टीट्यूट इंडिया में सीनियर डायरेक्टर-मार्केटिंग नियुक्त, रिलैक्सो फुटवियर्स के CMO थे.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
मार्केटिंग क्षेत्र के अनुभवी पेशेवर सचिन छाबड़ा ने CFA इंस्टीट्यूट इंडिया में सीनियर डायरेक्टर-मार्केटिंग के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है. उन्होंने अपने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए इस नियुक्ति की जानकारी साझा की. इससे पहले वह रिलैक्सो फुटवियर्स में वाइस प्रेसिडेंट (VP) और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के पद पर कार्यरत थे.
लिंक्डइन पर साझा की नई पारी की जानकारी
सचिन छाबड़ा ने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा कि उन्हें CFA इंस्टीट्यूट में सीनियर डायरेक्टर-मार्केटिंग (इंडिया) के रूप में जुड़कर खुशी हो रही है. उन्होंने कहा कि वह भारत और वैश्विक स्तर पर अपनी नई टीम के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, "दुनिया के सबसे गतिशील बाजारों में से एक भारत में CFA इंस्टीट्यूट की मौजूदगी और प्रभाव को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिभाशाली सहयोगियों के साथ काम करने का इंतजार है."
रिलैक्सो फुटवियर्स में संभाल चुके हैं अहम भूमिका
CFA इंस्टीट्यूट से पहले सचिन छाबड़ा रिलैक्सो फुटवियर्स में वाइस प्रेसिडेंट और CMO के रूप में कार्यरत थे. अपने करियर के दौरान उन्होंने ब्रांड रणनीति, मार्केटिंग और बिजनेस ग्रोथ से जुड़े कई महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी पदों पर काम किया है.
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब CFA इंस्टीट्यूट भारत में अपनी मौजूदगी और पेशेवर शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है.
प्रो. सौगत रे के नेतृत्व में NMIMS शोध, अंतरविषयक शिक्षा, उद्यमिता, उद्योगों के साथ साझेदारी, वैश्विक सहयोग और AI-सक्षम शिक्षा को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगा.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
एसवीकेएम (SVKM) के नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) ने प्रो. सौगत रे को अपना नया वाइस चांसलर नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 16 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है. उच्च शिक्षा, रणनीति, नवाचार, उद्यमिता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रो. रे अब संस्थान का नेतृत्व करेंगे.
ISB और IIM कलकत्ता में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारियां
NMIMS से जुड़ने से पहले प्रो. सौगत रे इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) में थॉमस श्मिडहाइनी चेयर्ड प्रोफेसर ऑफ स्ट्रेटजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप प्रैक्टिस और थॉमस श्मिडहाइनी सेंटर फॉर फैमिली एंटरप्राइज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे.
इससे पहले उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) कलकत्ता में प्रोफेसर ऑफ स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट, डीन और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य सहित कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं. इसके अलावा वे इंफोसिस टेक्नोलॉजीज में इनोवेशन लैब के जनरल मैनेजर भी रह चुके हैं.
NMIMS को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद
NMIMS के चांसलर अमरीश आर. पटेल ने कहा कि प्रो. रे की उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियां, प्रभावी नेतृत्व क्षमता और संस्थान निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें NMIMS के अगले विकास चरण का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है.
AI आधारित शिक्षा और नवाचार पर रहेगा जोर
अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. सौगत रे ने कहा कि ऐसे समय में NMIMS का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात है, जब वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. उन्होंने कहा, "मैं संस्थान की मौजूदा मजबूत नींव को आगे बढ़ाते हुए नवाचार, अंतरविषयक शिक्षा और समाज पर सकारात्मक प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हूं. हमारा लक्ष्य ऐसे भविष्य के नेताओं को तैयार करना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित और समावेशी दुनिया की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें."
शोध और वैश्विक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा
प्रो. सौगत रे IIM अहमदाबाद और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIEST), शिवपुर के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने अब तक लगभग 200 शोध पत्र, लेख, पुस्तकें और केस स्टडी लिखी हैं. साथ ही IIM इंदौर, IIM कलकत्ता और ISB में संस्थान निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रयासों में भी योगदान दिया है.
उनके नेतृत्व में NMIMS शोध, अंतरविषयक शिक्षा, उद्यमिता, उद्योगों के साथ साझेदारी, वैश्विक सहयोग और AI-सक्षम शिक्षा को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगा.
डॉ. तुम्माला फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में यूनेस्को के अंतर्गत भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) सचिवालय के प्रमुख हैं.
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बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो
केंद्र सरकार ने वरिष्ठ समुद्र वैज्ञानिक डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) का नया सचिव नियुक्त किया है. वह दो साल के कार्यकाल के लिए इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. डॉ. तुम्माला फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में यूनेस्को के अंतर्गत भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) सचिवालय के प्रमुख हैं.
कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी
केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला की नियुक्ति को मंजूरी दी है. आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह कार्यभार संभालने की तारीख से दो वर्षों तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव के रूप में कार्य करेंगे.
समुद्र विज्ञान और आपदा प्रबंधन में तीन दशक का अनुभव
डॉ. तुम्माला को रिमोट सेंसिंग, सैटेलाइट ओशनोग्राफी, तटीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी संभालने से पहले वह अगस्त 2020 से हैदराबाद स्थित भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) के निदेशक थे.
उनके कार्यकाल में INCOIS ने संभावित मत्स्य क्षेत्र सलाह सेवाओं का विस्तार किया. साथ ही कोरल रीफ ब्लीचिंग अलर्ट सिस्टम और बहु-आपदा संवेदनशीलता मानचित्रण (Multi-Hazard Vulnerability Mapping) जैसी महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं.
सुनामी चेतावनी प्रणाली तैयार करने में निभाई अहम भूमिका
2004 में हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी के बाद डॉ. तुम्माला ने INCOIS में भारत की सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली की स्थापना का नेतृत्व किया था. यह प्रणाली बाद में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त सुनामी सेवा प्रदाता के रूप में विकसित हुई.
डीप ओशन मिशन और जलवायु मॉडलिंग को मिलेगी मजबूती
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, डॉ. तुम्माला की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत डीप ओशन मिशन को आगे बढ़ा रहा है, जलवायु मॉडलिंग क्षमताओं को मजबूत कर रहा है और समुद्री तथा मौसम संबंधी आपदाओं के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों का विस्तार कर रहा है. इसके अलावा सरकार समुद्र विज्ञान और ब्लू इकोनॉमी को भी बढ़ावा देने पर जोर दे रही है.
कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित
डॉ. तुम्माला को भारत की सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में योगदान के लिए वर्ष 2010 में खान मंत्रालय का राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार मिल चुका है. इसके अलावा उन्हें वर्ष 2008 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और समुद्री संसाधन मानचित्रण के लिए भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग पर भारतीय राष्ट्रीय जियोस्पेशियल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.
उन्होंने 100 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और यूनेस्को के अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (Intergovernmental Oceanographic Commission) के उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.