हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया ने अर्चना अग्रवाल को चीफ ग्रोथ ऑफिसर नियुक्त किया

अर्चना अग्रवाल गुरुग्राम से कार्य करेंगी और हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया के सीईओ मोहित जोशी को रिपोर्ट करेंगी.

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Monday, 20 April, 2026
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हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया ने अर्चना अग्रवाल को चीफ ग्रोथ ऑफिसर (Chief Growth Officer) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति ऐसे समय पर की गई है जब कंपनी भारत में अपने विकास की रफ्तार को और तेज कर रही है, जो वैश्विक स्तर पर हावास के लिए शीर्ष 10 और सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक है.

“Growth Powered by Desire” के अपने वैश्विक विजन के तहत, हावास मीडिया नेटवर्क उपभोक्ताओं के साथ मजबूत संबंध बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो सीधे व्यावसायिक परिणामों को प्रभावित करते हैं. कंपनी अपने प्रोपाइटरी ऑपरेटिंग सिस्टम Converged.AI के माध्यम से डेटा, टेक्नोलॉजी और मानवीय समझ को एकीकृत कर एक अधिक समग्र ग्रोथ अप्रोच को आगे बढ़ा रही है.

गुरुग्राम, मुंबई और बेंगलुरु में मौजूदगी के साथ, हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया ने 100 से अधिक क्लाइंट्स और 1000 से अधिक पेशेवरों की टीम के साथ एक मजबूत पोर्टफोलियो तैयार किया है, जो बाजार में उसके लगातार विस्तार और विकास को दर्शाता है.

अर्चना अग्रवाल गुरुग्राम से कार्य करेंगी और हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया के सीईओ मोहित जोशी को रिपोर्ट करेंगी.

अपनी नई भूमिका में, वह Havas Media, PivotRoots, Havas Play और Arena Media के लिए ग्रोथ एजेंडा का नेतृत्व करेंगी. उनका फोकस नए व्यवसाय, क्लाइंट पार्टनरशिप को मजबूत करने और नेटवर्क के इंटीग्रेटेड ग्रोथ मॉडल को आगे बढ़ाने पर रहेगा.

हावास इंडिया, साउथ ईस्ट एशिया और नॉर्थ एशिया (जापान और दक्षिण कोरिया) के ग्रुप सीईओ राणा बरुआ ने कहा, “भारत हावास के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार बना हुआ है और वैश्विक स्तर पर हमारे शीर्ष 10 बाजारों में शामिल है. हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया में हमें मजबूत ग्रोथ देखने को मिल रही है, जो हमारे इंटीग्रेटेड मॉडल और बढ़ती क्लाइंट साझेदारियों से प्रेरित है. अर्चना की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब हम अपनी क्षमताओं का विस्तार कर रहे हैं और बाजार में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं. हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं.”

हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया के सीईओ मोहित जोशी ने कहा, “हम अर्चना का स्वागत करते हुए बेहद खुश हैं, खासकर ऐसे समय में जब कंपनी तेज़ी से आगे बढ़ रही है. उपभोक्ता व्यवहार की उनकी गहरी समझ और इनसाइट्स को बिजनेस परिणामों में बदलने की उनकी क्षमता हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगी.”

अर्चना अग्रवाल ने कहा, “हावास मीडिया नेटवर्क इंडिया के साथ इस महत्वपूर्ण दौर में जुड़कर मैं बेहद उत्साहित हूं. एक विविध और इंटीग्रेटेड इकोसिस्टम में ग्रोथ को आगे बढ़ाने का अवसर बेहद प्रेरक है. मैं टीम के साथ मिलकर क्लाइंट्स के लिए सार्थक प्रभाव पैदा करने के लिए उत्सुक हूं.”

दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ, अर्चना अग्रवाल एक अनुभवी मीडिया और मार्केटिंग लीडर हैं. अपने हालिया पद पर, उन्होंने एयरटेल में वाइस प्रेसिडेंट – मीडिया के रूप में कार्य किया, जहां उन्होंने बदलते उपभोक्ता व्यवहार और व्यावसायिक लक्ष्यों के अनुरूप इंटीग्रेटेड मीडिया रणनीतियों का नेतृत्व किया.

उनका अनुभव डिजिटल और पारंपरिक मीडिया दोनों में फैला हुआ है, और उन्होंने FMCG, टेलीकॉम सहित व्यापक मार्केटिंग इकोसिस्टम में काम किया है. वह P&G, Unilever, L’Oréal, Coca-Cola, Diamond Trading Corporation और Airtel जैसे प्रमुख ब्रांड्स के साथ जुड़ी रही हैं.

अर्चना अग्रवाल को उनके दूरदर्शी दृष्टिकोण के लिए जाना जाता है, जिसमें वह Connected TV, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मेटावर्स जैसी उभरती तकनीकों का प्रभावी उपयोग करती हैं. उनकी रणनीतिक समझ और निष्पादन क्षमता उन्हें इस नई भूमिका में एक महत्वपूर्ण बढ़त प्रदान करती है.
 


हेल्थियम मेडटेक में बड़ा नेतृत्व बदलाव, गौरव गोयल बने CEO और MD

कंपनी ने बताया कि गौरव गोयल अब CEO और MD के रूप में कंपनी की कमान संभालेंगे, जबकि अनीश बाफना रणनीतिक नेतृत्व प्रदान करने के लिए नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका में काम करेंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो by
Published - Wednesday, 05 August, 2026
Last Modified:
Wednesday, 05 August, 2026
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वैश्विक मेडटेक कंपनी हेल्थियम मेडटेक लिमिटेड ने अपने नेतृत्व ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए गौरव गोयल को कंपनी का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति 1 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है. वहीं, कंपनी के पूर्व CEO एवं MD अनीश बाफना को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है.

गौरव गोयल के पास वैश्विक स्तर पर दो दशक से अधिक का नेतृत्व अनुभव है, जिसमें पिछले 11 वर्षों का अनुभव मेडटेक उद्योग में रहा है. हेल्थियम से जुड़ने से पहले वह एक प्रमुख वैश्विक मेडिकल डिवाइस कंपनी में चीफ कमर्शियल ऑफिसर (CCO) थे, जिसकी मौजूदगी 75 से अधिक देशों में है. उन्होंने कंपनी के वैश्विक व्यावसायिक संचालन का नेतृत्व किया और ऑर्गेनिक ग्रोथ के साथ-साथ रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए कंपनी की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई.

नए ग्रोथ फेज में पहुंची हेल्थियम

गौरव गोयल की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब हेल्थियम अपने विस्तार के नए चरण में प्रवेश कर रही है. पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने अपनी मौजूदगी लगभग 100 देशों तक बढ़ाई है. साथ ही, AbGel, CareNow, VitalCare और हाल ही में Paramount Surgimed जैसे रणनीतिक अधिग्रहणों के जरिए अपने उत्पाद पोर्टफोलियो और क्षमताओं का भी विस्तार किया है.

क्या बोले गौरव गोयल?

CEO और MD नियुक्त होने पर गौरव गोयल ने कहा कि हेल्थियम की विकास यात्रा के इस महत्वपूर्ण दौर में कंपनी से जुड़ना उनके लिए सम्मान की बात है. उन्होंने कहा, "हेल्थियम ने प्रतिभाशाली टीम, नवाचार, क्लिनिकल उत्कृष्टता और दुनिया भर के स्वास्थ्य पेशेवरों के भरोसे के दम पर मजबूत नींव तैयार की है. प्रिसिजन मेडटेक का क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और कंपनी अपनी मजबूत उत्पाद श्रृंखला, वैश्विक मौजूदगी और विशिष्ट क्षमताओं के दम पर नए अवसरों का लाभ उठाने की बेहतरीन स्थिति में है. मैं टीम के साथ मिलकर नवाचार को गति देने, अंतरराष्ट्रीय विस्तार बढ़ाने और रणनीतिक विकास के नए अवसरों पर काम करने के लिए उत्साहित हूं."

रणनीतिक भूमिका में रहेंगे अनीश बाफना

नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की नई भूमिका में अनीश बाफना कंपनी की दीर्घकालिक रणनीति तय करने और नेतृत्व टीम का मार्गदर्शन करने का काम जारी रखेंगे. उन्होंने कहा, "पिछले आठ साल मेरे लिए बेहद संतोषजनक रहे हैं और मुझे गर्व है कि हमने मिलकर हेल्थियम को इस मुकाम तक पहुंचाया है. कंपनी अब मजबूत स्थिति से अपने अगले विकास चरण में प्रवेश कर रही है. मुझे खुशी है कि गौरव गोयल CEO और MD के रूप में नेतृत्व संभाल रहे हैं. उनका वैश्विक अनुभव, रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता कंपनी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी."

नवाचार और वैश्विक विस्तार पर रहेगा फोकस

कंपनी ने कहा कि वह अपनी दीर्घकालिक रणनीति के तहत नवाचार, उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत उपस्थिति बनाने पर लगातार निवेश जारी रखेगी. नए नेतृत्व के साथ हेल्थियम मेडटेक का लक्ष्य वैश्विक हेल्थकेयर क्षेत्र में अपनी स्थिति को और मजबूत करना है.
 


अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स में मितुल ठक्कर को बड़ी जिम्मेदारी, बने हेड ऑफ कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस

नई भूमिका में मितुल ठक्कर अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के आंतरिक और बाहरी संचार की जिम्मेदारी संभालेंगे.

Last Modified:
Tuesday, 04 August, 2026
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अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने अपने नेतृत्व ढांचे को मजबूत करते हुए मितुल ठक्कर को हेड ऑफ कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस नियुक्त किया है. नई भूमिका में वह कंपनी के आठ एयरपोर्ट्स के लिए रणनीतिक संचार (Strategic Communications) का नेतृत्व करेंगे और ब्रांड प्रतिष्ठा, हितधारकों के विश्वास तथा कारोबारी उद्देश्यों को मजबूत करने पर फोकस करेंगे.

मितुल ठक्कर को मिली नई जिम्मेदारी

अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स लिमिटेड (AAHL) ने मितुल ठक्कर को पदोन्नत कर हेड ऑफ कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस बनाया है. नई भूमिका में वह कंपनी के आठ एयरपोर्ट परिसंपत्तियों (Airport Assets) के लिए रणनीतिक संचार की कमान संभालेंगे. मितुल ठक्कर पिछले नौ वर्षों से अधिक समय से अडानी समूह के साथ जुड़े हुए हैं. उन्होंने वर्ष 2017 में असिस्टेंट जनरल मैनेजर (AGM) के तौर पर समूह में अपनी पारी शुरू की थी.

कई अहम भूमिकाएं निभा चुके हैं

नई जिम्मेदारी मिलने से पहले मितुल ठक्कर एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट- कॉर्पोरेट ब्रांड कस्टोडियन के पद पर कार्यरत थे. इससे पहले वह अडानी समूह के माइनिंग एंड मेटल्स कारोबार के लिए कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस का नेतृत्व भी कर चुके हैं.

करीब 20 वर्षों का अनुभव

मितुल ठक्कर के पास कॉर्पोरेट कम्युनिकेशंस, बिजनेस जर्नलिज्म और विज्ञापन क्षेत्र में लगभग 20 वर्षों का अनुभव है. उन्होंने प्रतिष्ठा प्रबंधन (Reputation Management), संकट संचार (Crisis Communications), मीडिया रिलेशंस, नेतृत्व संदेश (Leadership Messaging), हितधारक जुड़ाव (Stakeholder Engagement), ब्रांडिंग और डिजिटल मीडिया जैसे क्षेत्रों में व्यापक विशेषज्ञता हासिल की है.

ब्रांड और स्टेकहोल्डर्स पर रहेगा फोकस

नई भूमिका में मितुल ठक्कर अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स के आंतरिक और बाहरी संचार की जिम्मेदारी संभालेंगे. उनका प्रमुख फोकस कंपनी की ब्रांड प्रतिष्ठा को मजबूत करना, हितधारकों का विश्वास बढ़ाना और कंपनी के कारोबारी उद्देश्यों को प्रभावी संचार रणनीति के जरिए आगे बढ़ाना होगा.
 


पिडिलाइट इंडस्ट्रीज में नेतृत्व परिवर्तन, कश्यप गाला बने नए प्रेसिडेंट

पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने कश्यप गाला को कंपनी का नया प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. उनके LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2026 में इस नई जिम्मेदारी का कार्यभार संभाला.

Last Modified:
Tuesday, 04 August, 2026
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पिडिलाइट इंडस्ट्रीज (Pidilite Industries) ने अपने नेतृत्व ढांचे में अहम बदलाव किया है. कंपनी ने कश्यप गाला को प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. इससे पहले वह सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे. गाला को कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री में दो दशकों से अधिक का अनुभव है और पिडिलाइट से पहले वह करीब 12 वर्षों तक जॉनसन एंड जॉनसन के साथ जुड़े रहे.

पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के नए प्रेसिडेंट बने कश्यप गाला

पिडिलाइट इंडस्ट्रीज ने कश्यप गाला को कंपनी का नया प्रेसिडेंट नियुक्त किया है. उनके LinkedIn प्रोफाइल के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 2026 में इस नई जिम्मेदारी का कार्यभार संभाला. इससे पहले कश्यप गाला अक्टूबर 2022 से मार्च 2026 तक कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर कार्यरत थे. अब उन्हें प्रमोट कर प्रेसिडेंट बनाया गया है.

जॉनसन एंड जॉनसन में भी निभा चुके हैं अहम भूमिका

कंज्यूमर गुड्स इंडस्ट्री के अनुभवी प्रोफेशनल कश्यप गाला पिडिलाइट से पहले करीब 12 वर्षों तक जॉनसन एंड जॉनसन (Johnson & Johnson) के साथ जुड़े रहे. इस दौरान उन्होंने कंपनी में कई महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिकाएं निभाईं.

कश्यप गाला की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब पिडिलाइट इंडस्ट्रीज अपने नेतृत्व ढांचे को और मजबूत करने पर ध्यान दे रही है. कंपनी ने हाल के महीनों में शीर्ष प्रबंधन स्तर पर कई अहम बदलाव किए हैं.

पिडिलाइट इंडस्ट्रीज देश की प्रमुख उपभोक्ता और एडहेसिव (चिपकाने वाले उत्पाद) बनाने वाली कंपनियों में शामिल है. कंपनी Fevicol, Fevikwik, M-Seal और Dr. Fixit जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए जानी जाती है.
 


सैमटेल एवियोनिक्स ने एयरटेल के पूर्व दिग्गज अखिल गुप्ता को बनाया स्ट्रैटेजिक एडवाइजर

अखिल गुप्ता के पास कई दशकों का नेतृत्व अनुभव है और वह भारती एयरटेल समूह की विकास यात्रा का अहम हिस्सा रहे हैं. उनके कार्यकाल में एयरटेल ने शुरुआती दौर से आगे बढ़कर देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में अपनी जगह बनाई.

Last Modified:
Monday, 03 August, 2026
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डिफेंस और एवियोनिक्स क्षेत्र की कंपनी सैमटेल एवियोनिक्स ने भारती एयरटेल के अनुभवी पूर्व अधिकारी अखिल गुप्ता को स्ट्रैटेजिक एडवाइजर नियुक्त किया है. इस भूमिका में वह कंपनी की स्पेस, सैटेलाइट, ड्रोन (UAV) और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में विस्तार की रणनीति तैयार करने के साथ-साथ वित्तीय प्रबंधन, IPO की तैयारी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने में मदद करेंगे.

नए टेक्नोलॉजी सेक्टर पर रहेगा फोकस

सैमटेल एवियोनिक्स ने बताया कि अखिल गुप्ता अपनी कंपनी M/s Inversion Advisory Services के माध्यम से स्ट्रैटेजिक एडवाइजर के रूप में जुड़े हैं. वह कंपनी को स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट सिस्टम, मानव रहित हवाई वाहन (UAV), ऑप्ट्रॉनिक्स और अन्य अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में विस्तार के लिए रणनीतिक सलाह देंगे.

एयरटेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का अनुभव

अखिल गुप्ता के पास कई दशकों का नेतृत्व अनुभव है और वह भारती एयरटेल समूह की विकास यात्रा का अहम हिस्सा रहे हैं. उनके कार्यकाल में एयरटेल ने शुरुआती दौर से आगे बढ़कर देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनियों में अपनी जगह बनाई.

IPO और कॉर्पोरेट गवर्नेंस पर भी देंगे सलाह

नई भूमिका के तहत अखिल गुप्ता सैमटेल एवियोनिक्स की एविएशन, स्पेस और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबार के लिए दीर्घकालिक रणनीति तैयार करने में सहयोग करेंगे. इसके अलावा वह कंपनी को वित्तीय प्रबंधन, पूंजी संरचना (कैपिटल स्ट्रक्चर), IPO की तैयारी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस से जुड़े मामलों में भी मार्गदर्शन देंगे.

क्या बोले कंपनी के CEO?

सैमटेल एवियोनिक्स के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पुनीत कौरा ने कहा कि अखिल गुप्ता का कंपनी से जुड़ना हमारे लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है. कारोबार को विस्तार देने, रणनीतिक निवेश, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और नई तकनीकों की उनकी गहरी समझ कंपनी को स्पेस, सैटेलाइट, UAV और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ने में मदद करेगी. उनका मार्गदर्शन कंपनी के अगले विकास चरण की मजबूत नींव तैयार करेगा.

अखिल गुप्ता ने क्या कहा?

अखिल गुप्ता ने कहा कि भारत एयरोस्पेस, डिफेंस और स्पेस सेक्टर में तेज विकास के दौर में प्रवेश कर चुका है, जिससे मजबूत तकनीकी और विनिर्माण क्षमता वाली कंपनियों के लिए बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि सैमटेल एवियोनिक्स ने मिशन-क्रिटिकल डिफेंस टेक्नोलॉजी में मजबूत आधार तैयार किया है और नवाचार व आत्मनिर्भरता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता सराहनीय है. ऐसे महत्वपूर्ण समय में कंपनी के साथ जुड़कर वह नेतृत्व टीम के साथ मिलकर भविष्य के लिए तैयार और विस्तार योग्य संगठन बनाने की दिशा में काम करेंगे.

स्पेस और ड्रोन कारोबार पर कंपनी का जोर

गौरतलब है कि सैमटेल एवियोनिक्स फिलहाल अपने पारंपरिक डिफेंस एवियोनिक्स कारोबार से आगे बढ़ते हुए स्पेस टेक्नोलॉजी, सैटेलाइट सिस्टम, ड्रोन निर्माण और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सॉल्यूशंस के क्षेत्र में तेजी से विस्तार कर रही है. ऐसे समय में अखिल गुप्ता की नियुक्ति कंपनी की दीर्घकालिक विकास रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है.
 


मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बने नीति आयोग के CEO

1989 बैच के IAS अधिकारी अनुराग जैन ने सड़क परिवहन, उद्योग संवर्धन और प्रधानमंत्री कार्यालय में निभाई हैं अहम जिम्मेदारियां

Last Modified:
Thursday, 23 July, 2026
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केंद्र सरकार ने बुधवार को मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग (NITI Aayog) का नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है. कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. अनुराग जैन दो वर्ष के कार्यकाल के लिए इस पद पर नियुक्त किए गए हैं. उनकी नियुक्ति उस दिन से प्रभावी होगी, जिस दिन वह अपना कार्यभार संभालेंगे.

अनुराग जैन 1989 बैच के मध्य प्रदेश कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारी हैं. वह अक्टूबर 2024 से मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव के पद पर कार्यरत हैं. उनका कार्यकाल इस वर्ष 31 अगस्त को समाप्त होना था.

प्रशासनिक सेवा का लंबा अनुभव

अनुराग जैन को प्रशासनिक और नीति निर्माण के क्षेत्र में लंबा अनुभव है. इससे पहले वह केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सचिव और उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इन पदों पर रहते हुए उन्होंने बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और निवेश से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों को संभाला.

IIT खड़गपुर और अमेरिका से की पढ़ाई

अनुराग जैन ने वर्ष 1986 में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक (ऑनर्स) की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने अमेरिका के मैक्सवेल स्कूल से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (लोक प्रशासन) में मास्टर डिग्री प्राप्त की.

PMO और मध्य प्रदेश सरकार में निभाई अहम भूमिका

अपने प्रशासनिक करियर के दौरान अनुराग जैन वर्ष 2011 से 2015 तक प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में संयुक्त सचिव (Joint Secretary) के पद पर भी कार्यरत रहे. इससे पहले वर्ष 2005 में वह तत्कालीन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सचिव भी रह चुके हैं.

कई जिलों में रहे कलेक्टर

अपने शुरुआती प्रशासनिक करियर में अनुराग जैन ने मध्य प्रदेश के मंडला, मंदसौर और भोपाल जिलों में कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी निभाई. इसके बाद उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार में कई वरिष्ठ पदों पर कार्य करते हुए व्यापक प्रशासनिक अनुभव हासिल किया. अब नीति आयोग के CEO के रूप में उनसे देश की विकास नीतियों, आर्थिक सुधारों और दीर्घकालिक रणनीतियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद की जा रही है.
 


CFA इंस्टीट्यूट इंडिया में सचिन छाबड़ा की एंट्री, बने सीनियर डायरेक्टर-मार्केटिंग

सचिन छाबड़ा CFA इंस्टीट्यूट इंडिया में सीनियर डायरेक्टर-मार्केटिंग नियुक्त, रिलैक्सो फुटवियर्स के CMO थे.

Last Modified:
Monday, 20 July, 2026
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मार्केटिंग क्षेत्र के अनुभवी पेशेवर सचिन छाबड़ा ने CFA इंस्टीट्यूट इंडिया में सीनियर डायरेक्टर-मार्केटिंग के रूप में नई जिम्मेदारी संभाल ली है. उन्होंने अपने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए इस नियुक्ति की जानकारी साझा की. इससे पहले वह रिलैक्सो फुटवियर्स में वाइस प्रेसिडेंट (VP) और चीफ मार्केटिंग ऑफिसर (CMO) के पद पर कार्यरत थे.

लिंक्डइन पर साझा की नई पारी की जानकारी

सचिन छाबड़ा ने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा कि उन्हें CFA इंस्टीट्यूट में सीनियर डायरेक्टर-मार्केटिंग (इंडिया) के रूप में जुड़कर खुशी हो रही है. उन्होंने कहा कि वह भारत और वैश्विक स्तर पर अपनी नई टीम के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हैं. उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, "दुनिया के सबसे गतिशील बाजारों में से एक भारत में CFA इंस्टीट्यूट की मौजूदगी और प्रभाव को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिभाशाली सहयोगियों के साथ काम करने का इंतजार है."

रिलैक्सो फुटवियर्स में संभाल चुके हैं अहम भूमिका

CFA इंस्टीट्यूट से पहले सचिन छाबड़ा रिलैक्सो फुटवियर्स में वाइस प्रेसिडेंट और CMO के रूप में कार्यरत थे. अपने करियर के दौरान उन्होंने ब्रांड रणनीति, मार्केटिंग और बिजनेस ग्रोथ से जुड़े कई महत्वपूर्ण नेतृत्वकारी पदों पर काम किया है.

उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब CFA इंस्टीट्यूट भारत में अपनी मौजूदगी और पेशेवर शिक्षा से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है.
 


प्रो. सौगत रे बने NMIMS के नए VC, 30 साल से अधिक के अनुभव के साथ संभाली कमान

प्रो. सौगत रे के नेतृत्व में NMIMS शोध, अंतरविषयक शिक्षा, उद्यमिता, उद्योगों के साथ साझेदारी, वैश्विक सहयोग और AI-सक्षम शिक्षा को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगा.

Last Modified:
Monday, 20 July, 2026
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एसवीकेएम (SVKM) के नरसी मोनजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज (NMIMS) ने प्रो. सौगत रे को अपना नया वाइस चांसलर नियुक्त किया है. उनकी नियुक्ति 16 जुलाई 2026 से प्रभावी हो गई है. उच्च शिक्षा, रणनीति, नवाचार, उद्यमिता और कॉर्पोरेट गवर्नेंस के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव रखने वाले प्रो. रे अब संस्थान का नेतृत्व करेंगे.

ISB और IIM कलकत्ता में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारियां

NMIMS से जुड़ने से पहले प्रो. सौगत रे इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) में थॉमस श्मिडहाइनी चेयर्ड प्रोफेसर ऑफ स्ट्रेटजी एंड एंटरप्रेन्योरशिप प्रैक्टिस और थॉमस श्मिडहाइनी सेंटर फॉर फैमिली एंटरप्राइज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में कार्यरत थे.

इससे पहले उन्होंने इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) कलकत्ता में प्रोफेसर ऑफ स्ट्रेटजिक मैनेजमेंट, डीन और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के सदस्य सहित कई महत्वपूर्ण शैक्षणिक और प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं. इसके अलावा वे इंफोसिस टेक्नोलॉजीज में इनोवेशन लैब के जनरल मैनेजर भी रह चुके हैं.

NMIMS को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की उम्मीद

NMIMS के चांसलर अमरीश आर. पटेल ने कहा कि प्रो. रे की उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियां, प्रभावी नेतृत्व क्षमता और संस्थान निर्माण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें NMIMS के अगले विकास चरण का नेतृत्व करने के लिए सबसे उपयुक्त बनाती है.

AI आधारित शिक्षा और नवाचार पर रहेगा जोर

अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रो. सौगत रे ने कहा कि ऐसे समय में NMIMS का नेतृत्व करना उनके लिए सम्मान की बात है, जब वैश्विक स्तर पर उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है. उन्होंने कहा, "मैं संस्थान की मौजूदा मजबूत नींव को आगे बढ़ाते हुए नवाचार, अंतरविषयक शिक्षा और समाज पर सकारात्मक प्रभाव को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हूं. हमारा लक्ष्य ऐसे भविष्य के नेताओं को तैयार करना है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित और समावेशी दुनिया की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें."

शोध और वैश्विक सहयोग को मिलेगा बढ़ावा

प्रो. सौगत रे IIM अहमदाबाद और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी (IIEST), शिवपुर के पूर्व छात्र हैं. उन्होंने अब तक लगभग 200 शोध पत्र, लेख, पुस्तकें और केस स्टडी लिखी हैं. साथ ही IIM इंदौर, IIM कलकत्ता और ISB में संस्थान निर्माण से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रयासों में भी योगदान दिया है.

उनके नेतृत्व में NMIMS शोध, अंतरविषयक शिक्षा, उद्यमिता, उद्योगों के साथ साझेदारी, वैश्विक सहयोग और AI-सक्षम शिक्षा को और मजबूत करने पर विशेष ध्यान देगा.
 


पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के नए सचिव बने डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला

डॉ. तुम्माला फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में यूनेस्को के अंतर्गत भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) सचिवालय के प्रमुख हैं.

Last Modified:
Friday, 17 July, 2026
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केंद्र सरकार ने वरिष्ठ समुद्र वैज्ञानिक डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) का नया सचिव नियुक्त किया है. वह दो साल के कार्यकाल के लिए इस पद की जिम्मेदारी संभालेंगे. डॉ. तुम्माला फिलहाल ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में यूनेस्को के अंतर्गत भारतीय महासागर सुनामी चेतावनी एवं शमन प्रणाली (IOTWMS) सचिवालय के प्रमुख हैं.

कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने दी मंजूरी

केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने डॉ. श्रीनिवास कुमार तुम्माला की नियुक्ति को मंजूरी दी है. आधिकारिक आदेश के अनुसार, वह कार्यभार संभालने की तारीख से दो वर्षों तक या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव के रूप में कार्य करेंगे.

समुद्र विज्ञान और आपदा प्रबंधन में तीन दशक का अनुभव

डॉ. तुम्माला को रिमोट सेंसिंग, सैटेलाइट ओशनोग्राफी, तटीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में तीन दशक से अधिक का अनुभव है. अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी संभालने से पहले वह अगस्त 2020 से हैदराबाद स्थित भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) के निदेशक थे.

उनके कार्यकाल में INCOIS ने संभावित मत्स्य क्षेत्र सलाह सेवाओं का विस्तार किया. साथ ही कोरल रीफ ब्लीचिंग अलर्ट सिस्टम और बहु-आपदा संवेदनशीलता मानचित्रण (Multi-Hazard Vulnerability Mapping) जैसी महत्वपूर्ण पहलें शुरू कीं.

सुनामी चेतावनी प्रणाली तैयार करने में निभाई अहम भूमिका

2004 में हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी के बाद डॉ. तुम्माला ने INCOIS में भारत की सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली की स्थापना का नेतृत्व किया था. यह प्रणाली बाद में वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त सुनामी सेवा प्रदाता के रूप में विकसित हुई.

डीप ओशन मिशन और जलवायु मॉडलिंग को मिलेगी मजबूती

पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अनुसार, डॉ. तुम्माला की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत डीप ओशन मिशन को आगे बढ़ा रहा है, जलवायु मॉडलिंग क्षमताओं को मजबूत कर रहा है और समुद्री तथा मौसम संबंधी आपदाओं के लिए प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों का विस्तार कर रहा है. इसके अलावा सरकार समुद्र विज्ञान और ब्लू इकोनॉमी को भी बढ़ावा देने पर जोर दे रही है.

कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से हो चुके हैं सम्मानित

डॉ. तुम्माला को भारत की सुनामी पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में योगदान के लिए वर्ष 2010 में खान मंत्रालय का राष्ट्रीय भू-विज्ञान पुरस्कार मिल चुका है. इसके अलावा उन्हें वर्ष 2008 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण और समुद्री संसाधन मानचित्रण के लिए भू-स्थानिक तकनीकों के उपयोग पर भारतीय राष्ट्रीय जियोस्पेशियल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था.

उन्होंने 100 से अधिक शोध-पत्र प्रकाशित किए हैं और यूनेस्को के अंतर-सरकारी समुद्र विज्ञान आयोग (Intergovernmental Oceanographic Commission) के उपाध्यक्ष के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं.
 


राज नायक बने YAAP Digital के नए चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर

राज नायक पिछले दो वर्षों से YAAP के एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं और इस दौरान कंपनी की रणनीतिक दिशा तय करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. कंपनी का मानना है कि वह YAAP के विजन और संस्कृति को अच्छी तरह समझते हैं.

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
BWHindia

डिजिटल-फर्स्ट मार्केटिंग कंपनी YAAP Digital Limited ने मीडिया और कम्युनिकेशन इंडस्ट्री के दिग्गज राज नायक को अपना नया चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) नियुक्त किया है. यह नियुक्ति कंपनी के संस्थापक, चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. अतुल हेगड़े के 7 जुलाई 2026 को हुए आकस्मिक निधन के बाद की गई है. कंपनी का कहना है कि राज नायक के नेतृत्व में YAAP अपनी विकास यात्रा को नई गति देगा और डॉ. हेगड़े के विजन को आगे बढ़ाएगा.

बोर्ड ने सर्वसम्मति से लिया फैसला

YAAP Digital के बोर्ड ने सर्वसम्मति से राज नायक को कंपनी की कमान सौंपने का फैसला किया. कंपनी के मुताबिक, यह निर्णय केवल उनके लंबे पेशेवर अनुभव के आधार पर नहीं, बल्कि डॉ. अतुल हेगड़े के साथ उनके करीब 25 वर्षों के व्यक्तिगत और पेशेवर संबंधों को देखते हुए लिया गया है.

राज नायक पिछले दो वर्षों से YAAP के एडवाइजरी बोर्ड के सदस्य भी रहे हैं और इस दौरान कंपनी की रणनीतिक दिशा तय करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है. कंपनी का मानना है कि वह YAAP के विजन और संस्कृति को अच्छी तरह समझते हैं.

तीन दशक से अधिक का मीडिया और कम्युनिकेशन अनुभव

राज नायक भारतीय मीडिया और संचार उद्योग के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं. उनके पास 30 वर्षों से अधिक का अनुभव है. उन्होंने STAR TV, NDTV Media और Viacom18 जैसी प्रमुख मीडिया कंपनियों में शीर्ष नेतृत्व की जिम्मेदारियां निभाई हैं.

इसके अलावा वह The Advertising Club और International Advertising Association (IAA) India Chapter के अध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने Media Research Users Council (MRUC) और Indian Broadcasting Foundation (IBF) के बोर्ड सदस्य के रूप में भी योगदान दिया है. उद्योग में उनके योगदान के लिए उन्हें कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिल चुके हैं.

डॉ. अतुल हेगड़े की विरासत को आगे बढ़ाने पर रहेगा फोकस

कंपनी ने कहा कि यह नियुक्ति केवल नेतृत्व परिवर्तन नहीं, बल्कि डॉ. अतुल हेगड़े द्वारा स्थापित मूल्यों, संस्कृति और उद्देश्य को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता है. मौजूदा नेतृत्व टीम के साथ मिलकर राज नायक कंपनी की मजबूत नींव को और मजबूत करेंगे तथा YAAP को सतत विकास के अगले चरण तक ले जाने का प्रयास करेंगे.

अपनी नियुक्ति पर राज नायक ने कहा कि वह डॉ. अतुल हेगड़े को लगभग 25 वर्षों से जानते थे और वह केवल उद्योग के सम्मानित नेता ही नहीं, बल्कि उनके बेहद करीबी मित्र भी थे. उन्होंने कहा, "पिछले दो वर्षों से मैं YAAP के एडवाइजरी बोर्ड का हिस्सा था. हालांकि मैंने कॉर्पोरेट जीवन छोड़कर उद्यमिता का रास्ता चुना था, लेकिन अतुल के अचानक निधन के बाद उनकी विरासत को सुरक्षित रखने और उनके विजन को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी स्वीकार करना मेरे लिए जरूरी हो गया."

राज नायक ने कहा कि डॉ. हेगड़े ने एक मजबूत नेतृत्व टीम, स्पष्ट रणनीति और नवाचार की संस्कृति के साथ एक बेहतरीन संगठन तैयार किया है. उन्होंने कहा, "यह अतुल की जगह लेने का प्रयास नहीं है, क्योंकि उनकी जगह कोई नहीं ले सकता. मेरा उद्देश्य नेतृत्व टीम का सहयोग करना, उनके मूल्यों को बनाए रखना और उनके सपनों को साकार करने में योगदान देना है."

प्रमोटर ने जताया भरोसा

YAAP Group के प्रमोटर सुधीर मेनन ने कहा कि राज नायक का YAAP और डॉ. अतुल हेगड़े के साथ हमेशा विशेष संबंध रहा है. उन्होंने कहा कि कंपनी के बोर्ड को खुशी है कि राज नायक जैसे अनुभवी, सम्मानित और बहुआयामी पेशेवर आने वाले समय में YAAP Group का नेतृत्व करेंगे. उनके नेतृत्व से कंपनी की विकास यात्रा को नई दिशा मिलेगी.
 


JW Marriott Mussoorie ने मनोज कुमार को बनाया डायरेक्टर ऑफ फाइनेंस

मनोज कुमार की विशेषज्ञता वित्तीय नियंत्रण, ऑडिट प्रबंधन, बजट तैयार करने, वैरिएंस एनालिसिस, मैनेजमेंट रिपोर्टिंग, टैक्सेशन और ERP सिस्टम लागू करने में है.

Last Modified:
Tuesday, 14 July, 2026
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लग्जरी हॉस्पिटैलिटी ब्रांड JW Marriott Mussoorie Walnut Grove Resort & Spa ने मनोज कुमार को अपना नया डायरेक्टर ऑफ फाइनेंस नियुक्त किया है. आतिथ्य क्षेत्र में वित्तीय प्रबंधन का व्यापक अनुभव रखने वाले मनोज कुमार इससे पहले जयपुर मैरियट होटल में फाइनेंशियल कंट्रोलर के पद पर कार्यरत थे. उनकी नियुक्ति के साथ रिसॉर्ट ने अपनी वित्तीय नेतृत्व टीम को और मजबूत किया है.

पहले भी रह चुके हैं JW Marriott Mussoorie का हिस्सा

मनोज कुमार का JW Marriott Mussoorie से पुराना जुड़ाव रहा है. वह सितंबर 2018 से दिसंबर 2021 तक होटल की वित्तीय नेतृत्व टीम का हिस्सा रहे, जहां उन्होंने वित्तीय संचालन, नियामकीय अनुपालन (Compliance) और रिपोर्टिंग सिस्टम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

कई प्रतिष्ठित होटलों में निभा चुके हैं अहम जिम्मेदारी

JW Marriott Mussoorie में दोबारा शामिल होने से पहले मनोज कुमार ने The Westin Himalayas Resort & Spa में भी काम किया. इसके बाद जून 2023 से वह Jaipur Marriott Hotel में फाइनेंशियल कंट्रोलर के रूप में कार्यरत थे.

उनके करियर में Ibis Pune Viman Nagar में फाइनेंशियल कंट्रोलर, Niranta Airport Transit Hotel & Lounge में फाइनेंस मैनेजर और Crowne Plaza New Delhi Rohini में जनरल लेजर एग्जीक्यूटिव से लेकर असिस्टेंट मैनेजर-फाइनेंस तक की जिम्मेदारियां शामिल हैं. फुल-सर्विस होटल, एयरपोर्ट होटल और रिसॉर्ट्स में काम करने के अनुभव ने उन्हें हॉस्पिटैलिटी फाइनेंस की गहरी समझ प्रदान की है.

ऑडिट, बजटिंग और लागत नियंत्रण में विशेषज्ञता

मनोज कुमार की विशेषज्ञता वित्तीय नियंत्रण, ऑडिट प्रबंधन, बजट तैयार करने, वैरिएंस एनालिसिस, मैनेजमेंट रिपोर्टिंग, टैक्सेशन और ERP सिस्टम लागू करने में है. उन्होंने कई होटलों में पुराने अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म से PSAP सिस्टम में सफलतापूर्वक बदलाव कराया, जिसमें संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा.

उन्होंने अपने पूरे करियर में वैधानिक (Statutory) और आंतरिक (Internal) ऑडिट बिना किसी महत्वपूर्ण आपत्ति (Material Observation) के पूरे कराए हैं. इसके अलावा लागत कम करने की उनकी रणनीतियों से भी उल्लेखनीय परिणाम मिले हैं. एक पूर्व होटल में डीजल बॉयलर की जगह इलेक्ट्रिक बॉयलर सिस्टम अपनाकर उन्होंने हर महीने 8 लाख रुपये से अधिक की परिचालन लागत बचाने में सफलता हासिल की थी.

चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं मनोज कुमार

मनोज कुमार ने वर्ष 2011 में भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) से चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA) की डिग्री प्राप्त की. इसके बाद 2012 में उन्होंने ICAI से IFRS (इंटरनेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग स्टैंडर्ड्स) का प्रमाणपत्र भी हासिल किया. उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम की पढ़ाई की है. इसके अलावा PeopleSoft, Sun Systems, Opera, FMC और Tally जैसे हॉस्पिटैलिटी फाइनेंस प्लेटफॉर्म पर भी उनकी अच्छी पकड़ है.

रिसॉर्ट की विकास रणनीति को देंगे मजबूती

डायरेक्टर ऑफ फाइनेंस के रूप में मनोज कुमार वित्तीय रिपोर्टिंग, बजट प्रबंधन, ऑडिट समन्वय, नियामकीय अनुपालन और पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) की योजना का नेतृत्व करेंगे. वह जनरल मैनेजर और विभिन्न विभागों के प्रमुखों के साथ मिलकर रिसॉर्ट की विकास रणनीति को आगे बढ़ाने का काम करेंगे.

अपनी नई जिम्मेदारी पर मनोज कुमार ने कहा कि JW Marriott Mussoorie में वापसी उनके लिए घर लौटने जैसा अनुभव है. उन्होंने कहा कि वह इस संपत्ति को अच्छी तरह समझते हैं और मजबूत वित्तीय नेतृत्व, पारदर्शिता तथा रणनीतिक सोच के साथ रिसॉर्ट के अगले विकास चरण में योगदान देने के लिए उत्साहित हैं.