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जब कोई कंपनी IPO लेकर आती है और आप उसे खरीदने के लिए बोली लगाते हैं, अगर आपको शेयर मिल जाते हैं तो कहा जाएगा कि आपने शेयर प्राइमरी मार्केट से खरीदा है

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


EBITDA वो प्रॉफिट होता है जो कंपनी Interest, Tax, Depreciation और Amortization को घटाने से पहले कमाती हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


निवेशक PE रेश्यो देखकर ये तय करते हैं ये शेयर महंगा है या सस्ता, फिर उसके बाद खरीदते हैं या उससे दूर रहते हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


कई बार कंपनियां अपने EPS (प्रति शेयर से कमाई) और PE रेश्यो को अच्छा करने के लिए भी शेयर बायबैक करती हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


बैंकों का मुख्य काम होता है, लोगों से पैसे लेकर जमा करना और उस पर ब्याज देना, और उसी पैसे को लोन पर देकर ब्याज कमाना. यानी बैंक और कुछ नहीं बीच का बिचौलिया होता है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


FDI ठीक ऐसे ही है जैसे अपने घर में रहना, आप उसकी देखभाल करते हैं, आप उस घर के मालिक होते हैं, उसकी टूट-फूट, जिम्मेदारियां सब आपकी होती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


जब किसी कंपनी का शेयर प्राइस बहुत ज्यादा हो जाता है और आम निवेशकों की पहुंच से बाहर होने लगता है तो कंपनियां या तो शेयर स्प्लिट करती हैं या बोनस शेयर देती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


बॉन्ड सरकार और कंपनियां दोनों ही जारी करती है. जब सरकार किसी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिए पैसे जुटाने के लिए बॉन्ड जारी करती है तो उसे गवर्नमेंट बॉन्ड कहते हैं,

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


किसी कंपनी में इनसाइडर का मतलब होता है कि उसके पास कंपनी की कम से कम 10 परसेंट हिस्सेदारी हो और उसके पास वो सूचनाएं पहुंचती हों जो अभी पब्लिक में नहीं हैं.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


सबसे बड़ा खतरा तो ये है कि ये सेबी के दायरे में नहीं आता है, इसमें सबकुछ जुबानी होता है कुछ भी कॉन्ट्रैक्ट लिखित में नहीं होता है. इसलिए कब कोई मुकर जाए, इसका खतरा हमेशा बना रहता है

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


Fiscal Deficit दो शब्दों से बना है, Fiscal और Deficit. Fiscal का मतलब होता है सालाना, यानी कोई आंकड़ा जो एक साल की अवधि के दौरान का हो.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


गर किसी देश की GDP बढ़ रही है तो ये उस देश के लिए अच्छा माना जाता है, क्योंकि इसका मतलब हुआ कि देश में सामानों का उत्पादन हो रहा है, लोग सामान खरीद रहे हैं

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


कोई कंपनी कब लार्जकैप, कब मिडकैप और कब स्मॉलकैप कही जाएगी, इंटरनेट पर इसे लेकर कई तरह की परिभाषाएं हैं, SEBI ने इसकी तस्वीर साफ की है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


IPO एक जरिया है कंपनियों के लिए शेयर बाजार से पैसे जुटाने का, जिसमें वो अपने शेयरों को पब्लिक में बेचकर पैसे जुटाती हैं. ये एक काफी लंबी प्रक्रिया होती है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


कोई कंपनी किसी अनुपात में एक शेयर को कई टुकड़ों में बांट देती है तो उसे स्टॉक स्प्लिट कहते हैं. स्टॉक स्प्लिट से कुछ भी नहीं बदलता, तो फिर कंपनियां ऐसा करती क्यों हैं. समझिए

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


कंपनी जो भी डिविडेंड जारी करती है वो फेस वैल्यू पर होता है. फेस वैल्यू किसी भी शेयर की एक नॉमिनल वैल्यू होती है, जो कुछ खास मौकों को छोड़ दें तो कभी नहीं बदलती.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


लाखों यात्रियों को उनके डेस्टिनेशन तक पहुंचाने के साथ-साथ गुड्स ट्रांसपोर्टेशन में अहम भूमिका निभाने वाले रेलवे के बारे में कई ऐसी बातें हैं, जिनके बारे में अधिकांश लोगों को जानकारी नहीं है.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago


यदि आपको शेयर बाजार में दिलचस्पी है, तो आप इससे जुड़ी ख़बरें भी पढ़ते होंगे.

बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago