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"आतंकवाद के साथ शांति असंभव": एससीओ बैठक में पाकिस्तान पर राजनाथ सिंह का तीखा हमला
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की मौजूदगी में सिंह ने दो टूक कहा कि शांति और आतंकवाद एक साथ नहीं रह सकते
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की रक्षा मंत्रियों की बैठक में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को आड़े हाथों लिया. पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की मौजूदगी में सिंह ने दो टूक कहा कि “शांति और आतंकवाद एक साथ नहीं रह सकते.” उन्होंने क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए आतंकवाद को सबसे बड़ा खतरा करार दिया और इसके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत पर बल दिया.
राजनाथ सिंह ने कहा, “मुझे लगता है कि हमारे क्षेत्र की सबसे बड़ी चुनौतियां शांति, सुरक्षा और विश्वास की कमी से जुड़ी हैं. इन समस्याओं की जड़ लगातार बढ़ती कट्टरता, उग्रवाद और आतंकवाद है. आतंकवाद और जनविनाश हथियारों का प्रसार अगर गैर-राज्य तत्वों और आतंकी संगठनों के हाथों में चला जाए, तो शांति और समृद्धि की कल्पना नहीं की जा सकती.”
उन्होंने आगे कहा, “इन खतरों से निपटने के लिए निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है और हमें सामूहिक सुरक्षा और संरक्षण के लिए एकजुट होना होगा.”
राजनाथ सिंह ने बिना नाम लिए पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा, “कुछ देश अपनी नीति के रूप में सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल करते हैं और आतंकवादियों को पनाह देते हैं। ऐसे दोहरे मानदंडों के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। एससीओ को ऐसे देशों की आलोचना करने में संकोच नहीं करना चाहिए.”
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि, “किसी भी प्रकार का आतंकवाद अपराध है और उसे किसी भी बहाने से न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता - चाहे वह कहीं भी, किसी के द्वारा, किसी भी मकसद से किया गया हो। एससीओ के सभी सदस्य देशों को इस बुराई की खुलकर निंदा करनी चाहिए.”
राजनाथ सिंह ने हाल में भारतीय सेना द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का भी उल्लेख किया, जो 7 मई को सीमा पार आतंकी ढांचे को खत्म करने के उद्देश्य से किया गया था. उन्होंने कहा, “पहलगाम आतंकी हमले का पैटर्न लश्कर-ए-तैयबा के पुराने हमलों से मेल खाता है. भारत ने अपने आत्मरक्षा के अधिकार और आगे के आतंकी हमलों को रोकने के लिए ऑपरेशन सिंदूर को सफलतापूर्वक अंजाम दिया.”
उन्होंने यह भी कहा, “हम दोहराते हैं कि आतंकवाद के अपराधियों, आयोजकों, वित्तपोषकों और प्रायोजकों को न्याय के कटघरे में लाना चाहिए—चाहे वह सीमा पार आतंकवाद ही क्यों न हो.”
एससीओ मंच से भारत का यह स्पष्ट संदेश न केवल आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख दर्शाता है, बल्कि क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए एकजुट प्रयासों की ज़रूरत को भी रेखांकित करता है.
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