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डिजिटल इंडिया की नई छलांग: RBI का डिजिटल पेमेंट इंडेक्स 493.22 के पार पहुंचा
RBI का DPI आंकड़ा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि भारत अब डिजिटल पेमेंट के मामले में वैश्विक स्तर पर एक उदाहरण बन चुका है, और आने वाले वर्षों में इसमें और मजबूती की उम्मीद की जा रही है
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 9 months ago
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा मार्च 2025 के लिए जारी किए गए डिजिटल पेमेंट इंडेक्स (DPI) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. इंडेक्स अब बढ़कर 493.22 पर पहुंच गया है, जबकि सितंबर 2024 में यह 465.33 था. यह आंकड़ा देश में डिजिटल लेनदेन और भुगतान प्रणाली के निरंतर विकास का मजबूत संकेत है. तो चलिए इन आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं.
डिजिटल लेनदेन में आ रहा है निरंतर सुधार
देशभर में डिजिटल भुगतान अपनाने की गति लगातार तेज़ हो रही है. RBI द्वारा जारी DPI के आंकड़ों के अनुसार, पिछले छह महीनों में इंडेक्स में 27.89 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह केवल लेनदेन की संख्या में वृद्धि नहीं, बल्कि डिजिटल भुगतान से जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के मजबूत होने का भी प्रमाण है.
RBI ने इस इंडेक्स की शुरुआत जनवरी 2021 में की थी, जिसमें मार्च 2018 को बेस ईयर (100 स्कोर) माना गया है.
क्या है डिजिटल पेमेंट इंडेक्स?
डिजिटल पेमेंट इंडेक्स (DPI) एक समग्र सूचकांक है जो भारत में डिजिटल भुगतान की पहुंच (reach), स्वीकृति (acceptance) और प्रयोग (usage) को मापता है. यह तीन मुख्य श्रेणियों पर आधारित होता है:
1. पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (सप्लाई साइड): POS मशीन, QR कोड जैसे उपकरणों की उपलब्धता
2. पेमेंट इन्फ्रास्ट्रक्चर (डिमांड साइड): डिजिटल खाताधारकों और सक्रिय यूजर्स की संख्या
3. पेमेंट परफॉर्मेंस: लेनदेन की संख्या, राशि और विविधता
अब तक का RBI-DPI स्कोर ट्रेंड
डिजिटल पेमेंट इंडेक्स (DPI) के स्कोर ट्रेंड पर नजर डालें तो इसमें हर साल लगातार सुधार देखने को मिला है. मार्च 2018 को बेस ईयर मानते हुए इंडेक्स का स्कोर 100 तय किया गया था. इसके बाद मार्च 2019 में यह बढ़कर 153.47 हो गया. मार्च 2020 में DPI 207.84 पर पहुंचा, जबकि मार्च 2021 में यह और आगे बढ़ते हुए 270.59 हो गया. इसी क्रम में मार्च 2022 में इंडेक्स 349.30, मार्च 2023 में 395.57 और मार्च 2024 में 445.50 तक पहुंच गया. इसके बाद सितंबर 2024 में यह आंकड़ा 465.33 रहा, और अब मार्च 2025 में यह रिकॉर्ड स्तर 493.22 तक जा पहुंचा है. यह ट्रेंड स्पष्ट करता है कि देश में डिजिटल भुगतान प्रणाली हर साल अधिक मजबूत और व्यापक होती जा रही है.
इन आंकड़ों से साफ है कि डिजिटल भुगतान प्रणाली में हर साल उल्लेखनीय सुधार हुआ है.
बढ़ोतरी के पीछे के मुख्य कारण
RBI की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च 2025 तक DPI में तेज़ वृद्धि के पीछे दो प्रमुख कारण हैं:
* इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार: देशभर में QR कोड, UPI और अन्य डिजिटल टूल्स की व्यापक पहुंच
* लेनदेन में उछाल: UPI, IMPS और इंटरनेट बैंकिंग के ज़रिए होने वाले लेनदेन की संख्या और विविधता में बड़ा इजाफा
कैशलेस अर्थव्यवस्था की ओर भारत की मजबूत प्रगति
भारत में डिजिटल भुगतान के बढ़ते उपयोग ने कैशलेस इकॉनॉमी की दिशा में देश की यात्रा को गति दी है. छोटे व्यापारी हों या बड़े उद्योग, हर स्तर पर डिजिटल ट्रांजैक्शन को अपनाया जा रहा है. UPI जैसे प्लेटफॉर्म्स की लोकप्रियता, सरकार की डिजिटल नीतियों और वित्तीय समावेशन की पहल ने इस विकास को और अधिक सशक्त किया है.
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