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ईरान-इसराइल के बीच जंग तेज़, तेल अवीव और इस्फहान में हमला
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ‘Fars’ ने बताया कि इसराइल ने इस्फहान में उसके एक बड़े न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
ईरान और इसराइल के बीच ताज़ा झड़प शनिवार तड़के और भड़क गई. एक तरफ यूरोप में परमाणु समझौते को दोबारा ज़िंदा करने की कोशिशें नाकाम दिखीं, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं.
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ‘Fars’ ने बताया कि इसराइल ने इस्फहान में उसके एक बड़े न्यूक्लियर प्लांट को निशाना बनाया. हालांकि, रेडिएशन लीक जैसी कोई दिक्कत नहीं हुई. एक और हमला क़ुम (Qum) शहर में हुआ, जहां एक 16 साल के लड़के की जान चली गई और दो लोग घायल हो गए.
इसराइल ने माना कि उसने ईरान की मिसाइल भंडारण और लॉन्च साइट्स पर जबरदस्त बमबारी की. वही दूसरी ओर रात ढाई बजे के करीब पूरे सेंट्रल इसराइल और वेस्ट बैंक में सायरन बजने लगे. तेल अवीव के ऊपर मिसाइल रोधी सिस्टम ने कई मिसाइलें रोकीं. लेकिन एक मिसाइल का टुकड़ा गिरकर एक घर की छत पर आग लगा गया. इसराइल ने कहा कि पांच ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, लेकिन कोई सीधी टक्कर नहीं हुई और जनहानि नहीं हुई.
परमाणु प्लांट को लेकर दोनों देशों की तनातनी
इसराइल का कहना है कि ईरान जल्दी ही न्यूक्लियर बम बना सकता है. 13 जून को इसी आशंका में उसने पहले हमला किया था. जवाब में ईरान ने भी ड्रोन और मिसाइलों से इसराइल पर हमला किया. टारगेट बना तेल अवीव, जहां इसराइल के बड़े सैन्य और आर्थिक ठिकाने हैं.
एक अमेरिकी मानवाधिकार संगठन का दावा है कि अब तक इसराइली हमलों में 639 ईरानी मारे जा चुके हैं, जिनमें सैन्य अफसर और परमाणु वैज्ञानिक भी हैं. जवाबी हमलों में ईरान ने अब तक 24 इसराइली नागरिकों की जान ली है. हालांकि, ये आंकड़े किसी स्वतंत्र संस्था ने जांचे नहीं हैं.
ट्रम्प ने माँगा दो हफ्तों का समय
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि ईरान कुछ ही हफ्तों या महीनों में न्यूक्लियर बम बना सकता है. ये बयान उनके ही इंटेलिजेंस चीफ तुलसी गैबार्ड की बातों के उलट है, जिन्होंने कहा था कि ऐसा कोई पक्का सबूत नहीं है कि ईरान हथियार बना रहा है.
ट्रंप ने कहा कि वो एक-दो हफ्तों में तय करेंगे कि अमेरिका इसराइल का साथ देगा या नहीं. उनका कहना था, “अगर कोई जीत रहा है, तो उसे रोकने को कहना मुश्किल होता है.”
जिनेवा बातचीत
उधर जिनेवा में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची यूरोपीय नेताओं से मिलने पहुंचे थे. कोशिश थी कि परमाणु समझौते को फिर से पटरी पर लाया जाए. लेकिन अराक़ची साफ बोले - “जब तक इसराइल हमले बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका से कोई बात नहीं होगी.”
यूरोप के नेता अभी उम्मीद नहीं छोड़े हैं, लेकिन प्रगति कुछ भी नहीं हुई है. इसी बीच एक लीक अमेरिकी दस्तावेज़ से पता चला कि ईरान में रह रहे सैकड़ों अमेरिकी नागरिक देश छोड़ चुके हैं.
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