होम / बिजनेस / बेस्टवांटेज की मदद से Omspace ने जुटाए ₹25 करोड़, लॉन्च करेगा Reusable रॉकेट
बेस्टवांटेज की मदद से Omspace ने जुटाए ₹25 करोड़, लॉन्च करेगा Reusable रॉकेट
Omspace ने भारत के पहले पुन: प्रयोज्य स्मॉल लॉन्च व्हीकल के लिए 25 करोड़ रुपये की फंडिंग जुटाई, बेस्टवांटेज इन्वेस्टमेंट्स की सलाह में सौदा हुआ.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 10 months ago
भारत की स्पेस-टेक स्टार्टअप ओमस्पेस रॉकेट एंड एक्सप्लोरेशन (Omspace) ने ₹25 करोड़ की प्री-सीड फंडिंग राउंड सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस फंडिंग राउंड की विशेष सलाह बुटीक इन्वेस्टमेंट फर्म बेस्टवांटेज इन्वेस्टमेंट्स (Bestvantage) द्वारा दी गई. इस निवेश का नेतृत्व दुबई स्थित निवेशक श्री सूर्या के फैमिली ऑफिस ने किया.
यह फंडिंग ओमस्पेस के मिशन भारत के पहले पुन: प्रयोज्य स्मॉल लॉन्च व्हीकल (Reusable Small Launch Vehicle - RSLV) को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. साथ ही यह बेस्टवांटेज की उस दूरदर्शिता को भी दर्शाता है, जो उच्च-विकास वाले क्षेत्रों में परिवर्तनकारी बिजनेस आइडिया को समर्थन देने की सोच रखता है.
‘इन्फिनिटी-I’: भारत का पहला RSLV
साल 2020 में स्थापित ओमस्पेस वर्तमान में अपना प्रमुख लॉन्च व्हीकल ‘Infinity-I’ विकसित कर रहा है, जिसकी पहली स्टेज पुन: प्रयोज्य होगी और जिसे 24 से 48 घंटे के भीतर दोबारा लॉन्च किया जा सकेगा. यह तकनीक भारत में पहली बार देखी जाएगी. इसकी अनुमानित लागत प्रति रॉकेट $3-4 मिलियन और चौथे साल तक प्रति लॉन्च अनुमानित राजस्व $2 मिलियन वार्षिक है.
संस्थापकों की प्रतिक्रिया
बेस्टवांटेज इन्वेस्टमेंट्स के संस्थापक और सीईओ रमन शर्मा ने कहा, “ओमस्पेस उस प्रकार की दूरदर्शी उद्यमिता का उदाहरण है जिसे हम समर्थन देना चाहते हैं. यह साझेदारी इनोवेशन को वैश्विक स्तर पर ले जाने के हमारे संकल्प को दर्शाती है.”
ओमस्पेस के संस्थापक एवं सीईओ डॉ. रविंद्र राज ने कहा, “हम भारत का स्पेस फ्यूचर बना रहे हैं और यह तो सिर्फ शुरुआत है. दुनिया का स्मॉल सैटेलाइट लॉन्च मार्केट 55 अरब डॉलर से ऊपर पहुंचने वाला है, लेकिन भारत की हिस्सेदारी अभी भी केवल 2% है. हम इसे 2035 तक 15% तक बढ़ाना चाहते हैं. यह फंडिंग सिर्फ पूंजी नहीं, बल्कि हमारे विज़न पर विश्वास है.”
अब तक की प्रगति
- ठोस ईंधन रॉकेट इंजन के दो सफल परीक्षण और लिक्विड क्रायोजेनिक इंजन का इग्नाइटर परीक्षण पूरा
- कॉरपोरेट कार्यालय अहमदाबाद में, अंतरराष्ट्रीय विस्तार के तहत UAE (शारजाह) में शाखा
- 44 समझौता ज्ञापन (MoUs) विभिन्न शैक्षणिक और तकनीकी संस्थानों के साथ, जिनकी कुल प्रतिबद्धता USD 2.05 मिलियन
- 55,000+ छात्रों को ट्रेनिंग, जिनमें से 25–30% को विदेशों में अवसर मिले, और 20–25% को स्पेस इंडस्ट्री में नौकरियां
अगला चरण क्या है?
इस फंडिंग से ओमस्पेस निम्नलिखित क्षेत्रों में काम करेगा:
- ठोस ईंधन इंजन का तीसरा परीक्षण
- एक सब-ऑर्बिटल साउंड रॉकेट लॉन्च
- लिक्विड क्रायोजेनिक इंजन का उन्नत परीक्षण
- पुन: उपयोगीयता परीक्षण, सिस्टम इंटीग्रेशन, और उन्नत सिमुलेशन टूल्स की तैनाती
- विशेषज्ञ टैलेंट की नियुक्ति और इन्फ्रास्ट्रक्चर में विस्तार
समर्थन और मान्यता
- IN-SPACe और ISRO स्टार्टअप इकोसिस्टम से समर्थन
- गुजरात सरकार की OCD ग्रांट (₹10 लाख) प्राप्त
- AWS Space Accelerator Program (T-Hub, हैदराबाद) के लिए चयनित
- ताइवान सरकार के अंतरराष्ट्रीय स्पेसटेक स्टार्टअप प्रोग्राम (TAcc+) में भागीदारी
यह फंडिंग राउंड भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में स्टार्टअप इनोवेशन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. ओमस्पेस अब तेजी से अपनी तकनीक को व्यावसायिक रूप देने के रास्ते पर अग्रसर है.
टैग्स