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क्या अब Wipro के शेयरों में आएगी तेजी? इस डील के बाद जगी उम्मीद
विप्रो के शेयरों में पिछले कुछ समय से नरमी का रुख है. कंपनी के शेयर अपने 52 हफ्तों के उच्चतम स्तर से काफी नीचे चल रहे हैं.
बिजनेस वर्ल्ड ब्यूरो 3 years ago
यदि आपके पास दिग्गज IT कंपनी Wipro के शेयर हैं, तो संभव है आने वाले दिनों में आपको मोटा मुनाफा मिले. इसकी वजह है कंपनी को लेकर सामने आई एक खबर. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विप्रो कंज्यूमर केयर ने केरल में सबसे अधिक बिकने वाले पारंपरिक खाद्य ब्रैंडों में से एक, निरापारा का अधिग्रहण कर लिया है और इसी के साथ कंपनी पैकेज्ड फूड और मसालों के बाजार में उतर गई है. भारत में पैकेज्ड फूड और मसालों का बहुत बड़ा बाजार है, यहां मुनाफे की संभावना भी काफी ज्यादा है. इसी को ध्यान में रखते हुए विप्रो ने यह फैसला लिया है.
इनसे होगा असल मुकाबला
विप्रो का मुकाबला इस क्षेत्र की अन्य प्रमुख कंपनियों जैसे कि डाबर, इमामी, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड और आईटीसी से होगा. Wipro ने जिस कंपनी का अधिग्रहण किया है, उसका 63% कारोबार केरल से आता है, शेष भारत से 8% और बाकी 29% अंतरराष्ट्रीय बाजारों से आता है. विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटनिंग और विप्रो एंटरप्राइजेज के कार्यकारी निदेशक विनीत अग्रवाल के मुताबिक, निरापारा कंपनी का 13वां अधिग्रहण है और यह मसालों एवं तैयार भोजन की श्रेणी में उसकी स्थिति को मजबूत करता है. बता दें कि विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग, विप्रो एंटरप्राइजेज का एक हिस्सा है.
क्या करती है कंपनी
विप्रो कंज्यूमर केयर एंड लाइटिंग ने FY22 में 8,630 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया है. इसके बिजनेस में पर्सनल वॉश प्रोडक्ट्स, टॉयलेटरीज, फेशियल केयर प्रोडक्ट्स, वेलनेस प्रोडक्ट्स, होम केयर प्रोडक्ट्स, इलेक्ट्रिकल वायर डिवाइसेज, डोमेस्टिक और कमर्शियल लाइटिंग सिस्टम, सीटिंग सॉल्यूशंस शामिल हैं और अब यह मसालों के बाजार में भी उतर गई है. गौरतलब है कि भारत का पैकेज्ड फूड मार्केट तेजी से बढ़ रहा है और इसके अगले कुछ सालों में 70 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने की संभावना है.
ऐसा है शेयरों का हाल
Wipro Limited शेयर बाजार में लिस्टेड है. फिलहाल कंपनी का शेयर 389.80 रुपए पर ट्रेड कर रहा है, जो अपने 52 वीक हाई 726.80 रुपए से काफी नीचे है. पिछले छह महीनों में इसमें 5.99% की गिरावट आई है और एक साल में यह आंकड़ा 41.47% पहुंच गया है. कुछ वक्त पहले तक ही विप्रो का शेयर 500 के ऊपर चल रहा था, लेकिन अब लुढ़ककर 400 रुपए के नीचे पहुंच गया है. माना जा रहा है कि निरापारा के अधिग्रहण से कंपनी का पोर्टफोलियो मजबूत होगा और इसका असर उसके शेयरों पर देखने को मिलेगा. वैसे भी स्टॉक मार्केट सेंटिमेंट पर चलता है और यह डील विप्रो की स्थिति मजबूत करेगी.
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